उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल की सौजन्य भेंट — युवाओं के रोजगार और कौशल सशक्तिकरण पर हुई चर्चा
भोपाल / रीवा, 09 नवम्बर 2025।
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से आज कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने उनके अमहिया स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में चल रही कौशल विकास योजनाओं, युवाओं के लिए रोजगार सृजन के प्रयासों और रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई।
रीवा दौरे के दौरान हुई मुलाकात
डॉ. गौतम टेटवाल इन दिनों रीवा जिले के स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इसी क्रम में उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से मुलाकात कर विभागीय गतिविधियों की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री ने डॉ. टेटवाल का स्वागत करते हुए कहा कि “प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।”
युवाओं के लिए रोजगार सृजन की नई पहल
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने युवाओं के लिए नए रोजगार अवसरों के सृजन, इंडस्ट्री लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और रीवा में स्थापित हो रहे इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के विकास पर विस्तृत चर्चा की।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को उसके कौशल के अनुरूप रोजगार मिले। इसके लिए सरकार कौशल विकास केंद्रों का विस्तार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आधुनिकीकरण कर रही है।
राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने बताया कि “कौशल विकास विभाग अब स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार कर रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।”
रीवा को बनेगा कौशल और रोजगार का हब
रीवा को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विकास के नए मॉडल के रूप में तेजी से विकसित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि रीवा में सौर ऊर्जा, निर्माण, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि “कौशल विकास कार्यक्रमों को इन क्षेत्रों से जोड़ने से युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर तैयार होंगे।”
डॉ. टेटवाल ने भी आश्वासन दिया कि रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों में कौशल विकास मिशन को नई ऊर्जा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि “प्रदेश का हर जिला अब रोजगार और प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा।”
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
मुलाकात में यह भी तय हुआ कि केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे — प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) और मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना — को प्रदेश स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ लागू किया जाएगा।
दोनों नेताओं ने माना कि इस दिशा में सरकारी-निजी साझेदारी (PPP Model) को बढ़ावा देने से रोजगार सृजन की प्रक्रिया और तेज होगी।
भविष्य की दिशा तय
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक मध्यप्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो, जहाँ युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलें।
डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर कहा कि “कौशल विकास सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मार्ग है। हम चाहते हैं कि हर युवा अपने क्षेत्र में सफलता की नई कहानी लिखे।”
निष्कर्ष
इस सौजन्य भेंट को प्रदेश के विकास और युवा सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मुलाकात माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और राज्य मंत्री गौतम टेटवाल के बीच हुई यह चर्चा प्रदेश में कौशल और रोजगार के नए आयाम खोलने वाली साबित हो सकती है।



