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जिला अस्पताल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर दो कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश

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Published On: 20 August 2026

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जिला अस्पताल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर दो कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश

फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे और डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार पर कार्रवाई के निर्देश, निरीक्षण के बाद फार्मासिस्ट की बिगड़ी तबीयत

संवाददाता – सोनू अठया

दमोह। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गुरुवार सुबह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। कलेक्टर के औचक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हलचल बढ़ गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी अधिकारियों से ली। इस दौरान सामने आई कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

फार्मासिस्ट को निलंबित करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे की कार्यप्रणाली को लेकर खामियां सामने आने की बात कही गई। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए।

बताया गया कि कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद फार्मासिस्ट रमाकांत ऊमरे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

डाटा एंट्री ऑपरेटर पर भी कार्रवाई

जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान सामने आई अन्य अनियमितताओं को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने उन्हें भी निलंबित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी सीधे मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़ी होती है। ऐसे में कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश


कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को समय पर उपचार, दवाइयां और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

इसके साथ ही अस्पताल की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करने और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

शासकीय कार्य में लापरवाही स्वीकार नहीं

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की प्रत्येक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होना आवश्यक है। कलेक्टर ने संकेत दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे।

वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद

कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. राकेश राय, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी और सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए सामने आई कमियों को दूर करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिला अस्पताल में हुए इस औचक निरीक्षण और दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक सख्ती का संदेश गया है। अब अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जा रही है।

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