सीएम मोहन यादव के विवादित बयान पर जीतू पटवारी ने जताई कड़ी नाराजगी
ग्वालियर। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अशोकनगर में मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द—‘चप्पल, चोरी, जूता, और नशा’—पद और पदाधिकारियों की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। पटवारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री को जनता से किए गए वादों और उनके पालन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि इस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि इस तरह की भाषा का प्रयोग केवल राजनीति को प्रदूषित करता है और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार अपने सभी वादों को पूरा नहीं करती, कांग्रेस लगातार जनता की आवाज उठाती रहेगी।
भाजपा सरकार और वादों पर कड़ी आलोचना
पटवारी ने भाजपा के भीतर मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 3000 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार केवल 1200 रुपये ही वितरित कर रही है। उनके अनुसार यह महिलाओं के साथ अन्याय और 1800 रुपये की सीधी लूट के समान है।
पटवारी ने कहा कि भाजपा के इस रवैये के कारण पार्टी की विश्वसनीयता खत्म हो रही है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2028 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पूरी तरह पराजित होगी।
किसान-मजदूर महापंचायत और आगामी रणनीति
जानकारी के अनुसार, रविवार को मुरैना जिले के जीवाजी गंज में कैलारस शक्कर कारखाने को बंद करने के सरकार के निर्णय के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और कांग्रेस की ओर से किसान-मजदूर महापंचायत आयोजित की जाएगी।
इस महापंचायत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल होंगे और वे किसानों और मजदूरों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान पार्टी का रुख और आगामी रणनीति स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखी जाएगी।
महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत भी दोपहर में जीवाजी गंज पहुंचेंगे और उपस्थित किसानों और मजदूरों को संबोधित करेंगे। इस दौरान आगामी आंदोलन की दिशा तय करने और साझा रणनीति बनाने में महापंचायत की अहम भूमिका होगी।
संक्षेप में
- मुख्यमंत्री मोहन यादव के विवादित शब्दों पर पटवारी का कड़ा विरोध।
- भाजपा सरकार के वादों की आलोचना और महिलाओं के साथ अन्याय का आरोप।
- मुरैना में कैलारस शक्कर कारखाने के बंद होने के विरोध में महापंचायत और आगामी आंदोलन की रणनीति।

