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Bhagirathpura में दूषित पानी से मौतों पर सियासी संग्राम,Congress –BJP आमने-सामने

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Published On: 3 January 2026
Political Clash in Indore’s Bhagirathpura Over Contaminated Water Deaths
— Political Clash in Indore’s Bhagirathpura Over Contaminated Water Deaths

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Congress–BJP आमने-सामने, सज्जन सिंह वर्मा पर फेंकी गई चप्पल

Indore के Bhagirathpura इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब केवल स्वास्थ्य संकट नहीं रह गया है, बल्कि इसने उग्र राजनीतिक रूप ले लिया है। शनिवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए जब Congress और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा पर स्थानीय लोगों ने चप्पलें फेंक दीं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

पीड़ितों से मिलने पहुंची कांग्रेस जांच समिति

दूषित पानी से मौतों की जांच के लिए कांग्रेस की एक तथ्य-खोज समिति शनिवार को Bhagirathpura पहुंची थी। समिति का उद्देश्य मृतकों के परिजनों से मिलकर हालात की जानकारी लेना और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करना बताया गया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं के इलाके में पहुंचते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया।

BJP कार्यकर्ताओं का आरोप था कि Congress इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रही है और बाहरी नेता क्षेत्र में अशांति फैलाने आए हैं। विरोध इतना तेज था कि Congress नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की गई।

चप्पल फेंकने की घटना से बढ़ा तनाव

हंगामे के दौरान गुस्साए स्थानीय लोगों ने कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा की ओर चप्पल फेंक दी। इस घटना के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। पुलिस को तत्काल मोर्चा संभालना पड़ा और कांग्रेस नेताओं को सुरक्षा घेरे में लिया गया। हालाँकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना इलाके में व्याप्त गुस्से और असंतोष को साफ दर्शाती है।

जमकर नारेबाजी, काले झंडे दिखाए गए

घटना के दौरान दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने “बाहरी लोग वापस जाओ” जैसे नारे लगाए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाबी नारेबाजी करते हुए भाजपा के खिलाफ नारे लगाए।
इतना ही नहीं, स्थानीय रहवासियों ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे भी दिखाए। लोगों का कहना था कि जब वे दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे थे, तब किसी ने उनकी सुध नहीं ली और अब इस त्रासदी पर राजनीति की जा रही है।

दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा बना विवाद का कारण

Bhagirathpura में दूषित पानी पीने से मौतों के आंकड़े को लेकर भी भारी विवाद है। स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों का दावा है कि अब तक 15 से 16 लोगों की जान जा चुकी है।
31 दिसंबर को 65 वर्षीय हीरालाल की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया। स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई, लेकिन परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत दूषित पानी पीने के बाद ही बिगड़ी थी।

सरकार और पीड़ितों के दावों में बड़ा अंतर

मामले में सरकार और स्थानीय लोगों के दावों में स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया है कि दूषित पानी से केवल 4 मौतें हुई हैं।
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब क्षेत्र में लोग बड़ी संख्या में मौतों का दावा कर रहे हैं। इसी अंतर ने जनता के आक्रोश और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई, निगम कमिश्नर हटाए गए

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि लापरवाही के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाई कोर्ट में मामला, 6 जनवरी को अगली सुनवाई

यह मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में भी है। हाई कोर्ट में सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित है। कोर्ट इस बात की भी जांच करेगा कि मौतों की वास्तविक संख्या क्या है और दूषित पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार कौन है।

स्थानीय लोगों का गुस्सा, राजनीति से नाराज

Bhagirathpura के रहवासियों का कहना है कि उन्हें नेताओं की बयानबाजी नहीं, बल्कि सुरक्षित पेयजल और दोषियों पर कार्रवाई चाहिए। लोगों का आरोप है कि हर दल अपने फायदे के लिए इस त्रासदी का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि पीड़ित परिवारों को अब तक ठोस राहत नहीं मिली है।

निष्कर्ष

Bhagirathpura में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब स्वास्थ्य संकट से आगे बढ़कर राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। Congress और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप, जनता का आक्रोश और प्रशासनिक कार्रवाई—ये सभी संकेत देते हैं कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। अब सबकी नजरें हाई कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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