भानपुरा विधायक प्रतिनिधि विवाद में विजय मीणा ने सड़क की समस्या उठाने के बाद मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। मीणा समाज ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए थाने के घेराव की चेतावनी दी है।
सड़क का सवाल पूछने पर विधायक प्रतिनिधि पर थप्पड़ मारने का आरोप, भानपुरा में गरमाया मामला; मीणा समाज ने दी थाने के घेराव की चेतावनी
अन्या चारण गांव में समरसता कलश यात्रा के दौरान विवाद; विजय मीणा ने विधायक के सामने उठाया था खराब सड़क का मुद्दा, विधायक चंदर सिंह सिसौदिया ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
रिपोर्ट: प्रियंका गुजराती, दैनिक स्वराज वाणी
मंदसौर। जिले के भानपुरा क्षेत्र के अन्या चारण गांव में समरसता कलश यात्रा के दौरान सड़क की बदहाली को लेकर उठाए गए सवाल के बाद विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय युवा विजय मीणा ने क्षेत्र की खराब सड़क का मुद्दा विधायक के सामने उठाया था। आरोप है कि इसी दौरान विधायक प्रतिनिधि और उनके समर्थकों ने युवक के साथ मारपीट करते हुए उसे थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद मीणा समाज में आक्रोश है और मामले में कार्रवाई नहीं होने पर भानपुरा थाने के घेराव की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, विधायक चंदर सिंह सिसौदिया ने आरोपों को खारिज करते हुए घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताया है। मामले में पुलिस द्वारा जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सड़क का सवाल पूछने के बाद कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, अन्या चारण गांव में समरसता कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान स्थानीय युवा विजय मीणा ने क्षेत्र में लंबे समय से खराब पड़ी सड़क का मुद्दा विधायक चंदर सिंह सिसौदिया के समक्ष उठाया।
बताया जा रहा है कि सड़क की समस्या को लेकर बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
पीड़ित विजय मीणा का आरोप है कि उसने सड़क की समस्या का समाधान नहीं होने पर आगामी चुनाव में जवाब देने की बात कही थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
विधायक प्रतिनिधि अनिल राठौर पर मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप
विजय मीणा ने आरोप लगाया है कि विधायक प्रतिनिधि अनिल राठौर सहित अन्य समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की और उसे थप्पड़ मारा। पीड़ित ने धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया है।
ये आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
मीणा समाज और सैकड़ों ग्रामीणजन पहुंचे भानपुरा थाना
घटना के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। कथित मारपीट के विरोध में मीणा समाज के लोग और सैकड़ों ग्रामीणजन भानपुरा थाने पहुंचे।
समाजजनों और ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष अपनी नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की सड़क की समस्या को लेकर सवाल उठाना आम नागरिक का अधिकार है। ऐसे में कथित मारपीट की घटना को लेकर समाज में रोष है।
थाने पहुंचे लोगों ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की।
विधायक चंदर सिंह सिसौदिया ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
मामले में विधायक चंदर सिंह सिसौदिया ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है।
विधायक के अनुसार समरसता कलश यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी। कुछ लोगों ने यात्रा के दौरान विवाद पैदा करने और माहौल खराब करने का प्रयास किया।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताते हुए इसमें विरोधी दल के कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया है।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
भानपुरा पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना को लेकर पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद भानपुरा थाना पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना में किसकी क्या भूमिका रही और किन धाराओं में कार्रवाई बनती है, यह स्पष्ट हो सकेगा।
अन्या चारण में मीणा समाज की ढाई घंटे चली बैठक
घटना के बाद अन्या चारण गांव में मीणा समाज के लोगों की बैठक भी आयोजित हुई। करीब ढाई घंटे चली बैठक में समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने घटनाक्रम पर नाराजगी जताई।
समाज की ओर से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो भानपुरा थाने के घेराव की चेतावनी
मीणा समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भानपुरा थाने का घेराव किया जाएगा।
समाज ने स्पष्ट किया कि आगे की रणनीति पुलिस कार्रवाई के आधार पर तय की जाएगी।
फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद भानपुरा क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई है। एक तरफ पीड़ित युवक ने विधायक प्रतिनिधि और समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ विधायक चंदर सिंह सिसौदिया ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और संबंधित पक्षों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
