मध्य प्रदेश में बैंक हड़ताल से 7 हजार शाखाओं का कामकाज प्रभावित, तीन दिन तक अटक सकते हैं जरूरी कार्य
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग पर लगभग 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर; चेक क्लियरेंस, नकद लेनदेन और शाखा आधारित सेवाओं पर असर
भोपाल। मध्य प्रदेश में शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के आह्वान पर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी काम से दूर हैं। यूनियन का दावा है कि हड़ताल के कारण मध्य प्रदेश की लगभग सात हजार बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ है।
बैंक कर्मचारी सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में कर्मचारी प्रदर्शन कर अपनी मांगें सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन तक पहुंचा रहे हैं। हड़ताल का सबसे अधिक असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर दिखाई दे सकता है।
तीन दिन तक प्रभावित रहेंगी शाखा आधारित सेवाएं
हड़ताल शुक्रवार को केवल एक दिन के लिए है, लेकिन इसका प्रभाव लगातार तीन दिन तक दिखाई दे सकता है। शुक्रवार की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज नहीं होगा।
इस वजह से शुक्रवार को लंबित रहने वाले चेक क्लियरेंस, नकद जमा एवं निकासी, दस्तावेज सत्यापन और अन्य शाखा आधारित कार्यों का निपटारा सोमवार को बैंक खुलने के बाद होने की संभावना है। सोमवार को शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ बढ़ सकती है। लंबित काम अधिक होने के कारण कुछ सेवाओं में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।
इन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद जमा करना, बड़ी रकम निकालना, पासबुक अपडेट कराना, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना और चेक जमा करने जैसे काम प्रभावित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त KYC अपडेट, लॉकर संचालन, ऋण संबंधी दस्तावेज जमा करने और बैंक अधिकारियों की मंजूरी वाले कार्यों में भी देरी हो सकती है।
व्यापारियों और संस्थानों को चेक क्लियरेंस तथा बड़ी राशि से संबंधित लेनदेन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में एक दिन के दौरान करीब 5,500 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने का अनुमान एक कर्मचारी संगठन ने जताया है। अलग-अलग बैंकों और शहरों में हड़ताल का वास्तविक प्रभाव कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
UPI और इंटरनेट बैंकिंग चालू रहने की उम्मीद
हड़ताल का मुख्य असर बैंक शाखाओं में मिलने वाली सेवाओं पर है। UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कार्ड से भुगतान जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है। ग्राहक NEFT, RTGS और IMPS के माध्यम से भी ऑनलाइन राशि भेज सकते हैं।
ATM सेवाएं भी उपलब्ध रहने की संभावना है, लेकिन लगातार तीन दिनों तक शाखाओं का नियमित कामकाज नहीं होने से कुछ स्थानों पर ATM में नकदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। ग्राहकों को अचानक बड़ी राशि की आवश्यकता होने पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
तकनीकी समस्या या सर्वर में खराबी आने पर उसका समाधान सामान्य दिनों की तुलना में देर से हो सकता है। इसलिए बहुत जरूरी भुगतान और ऑनलाइन लेनदेन अंतिम समय तक टालने से बचना उचित होगा।
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की प्रमुख मांग
बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंक शाखाओं में सभी शनिवार अवकाश घोषित किए जाने चाहिए। वर्तमान में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को कामकाज होता है।
यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय व्यवस्था को लेकर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ समझौता हुआ था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों का दावा है कि डिजिटल बैंकिंग के विस्तार और काम के बढ़ते दबाव को देखते हुए सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करना आवश्यक है।
हड़ताल में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI से जुड़ी कथित असमानता, पेंशन और कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगें भी शामिल बताई जा रही हैं। सरकार ने PLI से संबंधित प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित किया है, लेकिन पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सहित सभी मुद्दों का समाधान नहीं होने के कारण यूनियनों ने हड़ताल जारी रखी।
वार्ता में समाधान नहीं निकलने पर हड़ताल
हड़ताल से पहले बैंक कर्मचारी संगठनों, सरकार और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि, यूनियनों के अनुसार उनकी प्रमुख मांगों पर कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद UFBU ने 11 सितंबर की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को वापस नहीं लेने का फैसला किया।
UFBU विभिन्न बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का संयुक्त मंच है। इसके कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ कुछ निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, प्रत्येक शाखा बंद होगी या नहीं, यह स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इससे पहले 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार है। यदि प्रस्तावित हड़ताल होती है तो शाखा आधारित बैंकिंग सेवाएं लगातार पांच दिन प्रभावित हो सकती हैं।
यूनियनों ने इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। भारतीय स्टेट बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में प्रस्तावित हड़ताल की तारीखों के कारण सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई है। बैंक ने संचालन सामान्य रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की बात भी कही है।
ग्राहकों को सलाह दी गई है कि आगामी हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखते हुए चेक, नकद और शाखा से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटा लें। साथ ही अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन या शाखा से नवीनतम स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
