बंधन बैंक का कुल कारोबार 11% बढ़कर ₹3.3 लाख करोड़ के पार, दूसरी तिमाही में ₹622 करोड़ का मुनाफा
लोन बुक सालाना आधार पर 13.1% बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हुई; कुल जमा ₹1.73 लाख करोड़ पर पहुंचा
इंदौर। बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। बैंक के मुताबिक, इस अवधि में उसका कुल कारोबार सालाना आधार पर 11% से अधिक बढ़कर ₹3.3 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। दूसरी तिमाही में बैंक ने ₹622 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। बैंक ने जमा संग्रह, ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता और खुदरा कारोबार को मजबूत करने पर अपना ध्यान बनाए रखा।
बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कुल लोन बुक सालाना आधार पर 13.1% बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हो गई। वहीं, कुल जमा में 9.2% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹1.73 लाख करोड़ तक पहुंच गई। जमा में खुदरा ग्राहकों की हिस्सेदारी करीब 73% रही। बैंक ने चालू खाता और बचत खाता यानी CASA अनुपात 26.7% बताया है।
जमा और कर्ज में दर्ज हुई सालाना वृद्धि
बंधन बैंक के कुल कारोबार में जमा और ऋण दोनों की भूमिका रही। एक ओर लोन बुक में 13.1% की वृद्धि हुई, वहीं दूसरी ओर जमा आधार भी बढ़कर ₹1.73 लाख करोड़ हो गया। जमा में खुदरा ग्राहकों की लगभग 73% हिस्सेदारी बैंक के लिए अहम मानी जा रही है। बैंक का कहना है कि वह ग्राहकों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और जमा संग्रह को गति देने पर काम कर रहा है।
CASA अनुपात 26.7% रहा। यह अनुपात बैंक के चालू और बचत खातों में मौजूद जमा का कुल जमा के मुकाबले हिस्सा दर्शाता है। बैंक ने तिमाही के दौरान पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) 18.3% बताया, जो नियामकीय न्यूनतम सीमा से ऊपर है। पूंजी पर्याप्तता अनुपात बैंक की वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिमों का सामना करने के लिए उपलब्ध पूंजी का एक अहम संकेतक होता है।
35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाएं
बंधन बैंक के अनुसार, उसका नेटवर्क देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 35 में फैला है। बैंक 6,400 से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के माध्यम से लगभग 3.2 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। संस्था में 75,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
बैंक ने अपने कारोबार में आई बढ़ोतरी का संबंध विस्तृत वितरण नेटवर्क, परिचालन दक्षता में सुधार और ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों से जोड़ा है। बैंक का कहना है कि शाखाओं और अन्य बैंकिंग आउटलेट्स के जरिए वह अलग-अलग क्षेत्रों के ग्राहकों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहा है।
एमडी और सीईओ ने बताई प्राथमिकताएं
बैंक के एमडी और सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि दूसरी तिमाही के नतीजे स्वस्थ कारोबारी वृद्धि बनाए रखने, जमा संग्रह में तेजी लाने और ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित प्रयासों को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, बैंक ने परिसंपत्ति गुणवत्ता को सुरक्षित रखने और लाभप्रदता में लगातार सुधार पर भी ध्यान दिया है।
सेनगुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ तिमाहियों में ऑपरेटिंग प्रॉफिट और कर के बाद लाभ (PAT) में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक आगे खुदरा कारोबार को मजबूत करने, ग्राहकों के साथ संबंधों को गहरा करने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने पर ध्यान देगा।
खुदरा पोर्टफोलियो और डिजिटलीकरण पर जोर
बंधन बैंक अपने एसेट बेस में विविधता लाने के लिए खुदरा पोर्टफोलियो बढ़ाने पर खास ध्यान दे रहा है। बैंक के मुताबिक, इस दिशा में कामकाज को अधिक कुशल बनाना और उत्पादकता बढ़ाना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। डिजिटल सेवाओं को आगे बढ़ाकर ग्राहक अनुभव बेहतर करने के प्रयास जारी रहेंगे।
तिमाही के नतीजों में कुल कारोबार का ₹3.3 लाख करोड़ के पार पहुंचना, जमा में खुदरा ग्राहकों की बड़ी हिस्सेदारी और लोन बुक में वृद्धि प्रमुख बिंदु रहे। बैंक ने कहा है कि वह आने वाली अवधि में भी जमा आधार को मजबूत करने, ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता पर ध्यान देने और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।
