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Badawada में आज निकलेगा भव्य चल समारोह, गुरु गुणानुवाद सभा भी होगी आयोजित

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Published On: 16 March 2026
Badawada Immersed in Devotion During Gurudev Jayshekhar Vijay Ji’s Punyatithi Celebrations
— Badawada Immersed in Devotion During Gurudev Jayshekhar Vijay Ji’s Punyatithi Celebrations

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गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. की 17वीं पुण्यतिथि पर त्रिदिवसीय महोत्सव का समापन आज

मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयी जी म.सा. का नगर में भव्य प्रवेश, विभिन्न धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय हुआ बड़ावदा

राजगढ़ से धर्मेंद्र भंडारी

Badawada  नगर में जन-जन की आस्था के केंद्र पूज्य गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. की 17वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित त्रिदिवसीय भव्य महोत्सव का समापन आज रविवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में होगा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुदेव की पुण्यतिथि के निमित्त नगर में तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जैन समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विभिन्न पूजा-पाठ, प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। तीन दिनों तक चले इन आयोजनों ने पूरे नगर को धार्मिक माहौल में रंग दिया और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा प्रदान की।

आदिनाथ मंदिर में पंच कल्याणक पूजन से हुआ आयोजन का शुभारंभ

त्रिदिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को श्री आदिनाथ मंदिर में अत्यंत श्रद्धा और विधि-विधान के साथ श्री आदिनाथ पंच कल्याणक पूजन से हुई। यह पूजन मानमल समरथमल सकलेचा परिवार द्वारा आयोजित किया गया था। नगर की महिला मंडल की सदस्यों ने भक्ति भाव से इस पूजन का वाचन किया और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

पूजन के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान आदिनाथ के चरणों में श्रद्धा अर्पित कर समाज की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। भक्ति गीतों और धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयी जी म.सा. का नगर में भव्य प्रवेश

महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को जैन समाज के लिए विशेष महत्व का अवसर रहा, जब ऋषभचंद सुरीश्वर जी के परम शिष्य, मालव क्षेत्र के प्रसिद्ध प्रवचनकार और वर्षीतप तपस्वी मुनिराज पीयूष चन्द्र विजयी जी म.सा. का नगर में भव्य प्रवेश हुआ।

मुनिराज के स्वागत के लिए समाजजनों और श्रद्धालुओं ने भव्य व्यवस्था की थी। ढोल-ढमाकों, बैंड-बाजों और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और बड़ी श्रद्धा के साथ उन्हें जयशेखर धाम तक लेकर आए।

इस भव्य प्रवेश यात्रा ने पूरे नगर को धार्मिक उत्साह से भर दिया। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु मुनिराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते दिखाई दिए।

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प्रवचन में गुरुदेव की महिमा का किया स्मरण

जयशेखर धाम में आयोजित प्रवचन के दौरान मुनिराज पीयूष चन्द्र विजयी जी म.सा. ने गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. के जीवन और उनके आध्यात्मिक योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रत्येक जीव के जीवन में गुरु का महत्वपूर्ण स्थान होता है, लेकिन सतगुरु वह होता है जिसके आशीर्वाद से जीवन को सही दिशा मिलती है।

उन्होंने कहा कि गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. हम सभी के लिए ऐसे ही सतगुरु थे। उनके जीवन में क्रियादक्षता, तप, त्याग और साधना का अद्भुत संगम था। उन्होंने समाज को धर्ममार्ग पर चलने की प्रेरणा दी और अनेक लोगों के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन लाने का कार्य किया।

मुनिराज ने कहा कि गुरुदेव का उपकार श्रीसंघ कभी नहीं भूल सकता। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों को धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

स्नात्र पूजा का आयोजन

शनिवार को दोपहर में श्री आदिनाथ स्नात्र मंडल महिदपुर द्वारा स्नात्र पूजा का आयोजन किया गया। यह पूजा अत्यंत श्रद्धा और विधिपूर्वक संपन्न हुई।

इस पूजा के लाभार्थी के रूप में श्री राजेंद्र ऋषभ महिला मंडल जावरा ने लाभ लिया। पूजा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और धर्मलाभ प्राप्त किया।

पूजा के दौरान वातावरण में भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सभी श्रद्धालु पूरे मनोयोग से धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बने।

चौबीसी का भव्य आयोजन

शनिवार रात्रि में जयशेखर धाम पर मुनिराज पीयूष चन्द्र विजयी जी म.सा. के जीवन के सातवें वर्षीतप के उपलक्ष्य में चौबीसी का आयोजन किया गया।

इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। भक्ति और श्रद्धा के साथ चौबीसी का आयोजन सम्पन्न हुआ और श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। रात्रि में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

आज निकलेगा भव्य चल समारोह

महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सुबह नवकारसी के बाद मुनिराज की निश्रा में एक भव्य चल समारोह निकाला जाएगा।

यह चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। इस दौरान नगर में धार्मिक जयकारों और भक्ति गीतों का माहौल रहेगा।

गुरु गुणनवाद सभा और वार्षिक चढ़ावा कार्यक्रम

चल समारोह के पश्चात जयशेखर धाम पर गुरु गुणनवाद सभा का आयोजन किया जाएगा। इस सभा में गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. के जीवन, उनके त्याग और समाज के लिए किए गए कार्यों का स्मरण किया जाएगा।

इसके साथ ही वार्षिक चढ़ावा कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें श्रद्धालु अपनी श्रद्धानुसार गुरुदेव के चरणों में भेंट अर्पित करेंगे।

विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालु

इस महोत्सव में भाग लेने के लिए विभिन्न शहरों से जैन समाज के सदस्य और धर्मालुजन बड़ावदा पहुंचे हैं। जावरा, खाचरोद, नागदा, रतलाम, पुणे, मुंबई, सुमेरपुर, शिवगंज तथा राजस्थान सहित कई स्थानों से श्रद्धालु यहां उपस्थित होकर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

इन श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ा दी है।

नवीन यात्री भवन का होगा उद्घाटन

महोत्सव के अंतिम दिन एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रविवार को नवीन यात्री भवन का उद्घाटन किया जाएगा।

यह भवन प्रमिला बहन और राजू भाई सोलंकी, मुंबई परिवार द्वारा बनवाया गया है। इसके उद्घाटन से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

गुरुभक्तों से शामिल होने की अपील

दादावाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष मानमल सकलेचा ने सभी गुरुभक्तों से अपील की है कि वे गुरुदेव की पुण्यतिथि के अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरुभक्ति का परिचय दें और कार्यक्रमों को सफल बनाएं।

उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकता और आध्यात्मिकता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। गुरुदेव की पुण्यतिथि केवल स्मरण का अवसर ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का भी अवसर है।

श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम

पूरे तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों और आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म की गहराई को समझने का अवसर मिला।

गुरुदेव जयशेखर विजयी जी म.सा. की पुण्यतिथि पर आयोजित यह त्रिदिवसीय महोत्सव बड़ावदा नगर के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन बन गया है, जिसने समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य किया है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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