—Advertisement—

Rajya Sabha Elections 2026: 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, 18 जून को मतदान; पूरी राजनीतिक प्रक्रिया 20 जून तक होगी समाप्त

Author Picture
Published On: 22 May 2026
Rajya Sabha Elections 2026: 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, 18 जून को मतदान; पूरी राजनीतिक प्रक्रिया 20 जून तक होगी समाप्त

—Advertisement—

Rajya Sabha Elections 2026: 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित

चुनाव आयोग ने जारी किया विस्तृत कार्यक्रम

Rajya Sabha Elections 2026: भारतीय लोकतंत्र के ऊपरी सदन राज्यसभा के लिए हर दो साल में होने वाले चुनावों को लेकर इस बार भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Election Commission of India ने जून 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के साथ ही पूरे देश में राजनीतिक दलों के बीच संभावित समीकरणों और रणनीतियों पर चर्चा तेज हो गई है।

चुनाव आयोग के अनुसार, जून 2026 में कुल 10 राज्यों की 24 सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा दो राज्यों में पहले से रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव भी कराए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून 2026 तक संपन्न कर ली जाएगी।

18 जून 2026 को होगा मतदान

जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून 2026 को होगा। मतदान सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा। यह प्रक्रिया विधानसभा सदस्यों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से पूरी की जाती है, जिसमें संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं।

मतदान के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

चुनाव प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल

चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए विस्तृत कार्यक्रम तय किया है, जिसमें हर चरण की समयसीमा स्पष्ट की गई है।

  • नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 8 जून 2026
  • नामांकन पत्रों की जांच: 9 जून 2026
  • नामांकन वापसी की अंतिम तिथि: 11 जून 2026
  • मतदान की तिथि: 18 जून 2026
  • मतदान का समय: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
  • मतगणना: 18 जून 2026 (इसी दिन)
  • पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त: 20 जून 2026 तक

इस तरह पूरी प्रक्रिया लगभग दो सप्ताह में संपन्न कर ली जाएगी।

किन राज्यों की सीटें होंगी खाली

इस बार जिन 10 राज्यों की सीटें खाली हो रही हैं, उनमें देश के कई बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। इनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और झारखंड शामिल हैं।

इन राज्यों में अलग-अलग संख्या में राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, जिससे राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।

इसके अलावा तमिलनाडु और महाराष्ट्र में रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव भी कराए जाएंगे, जिससे राज्यसभा का गणित और भी रोचक हो जाएगा।

सीटों का राज्यवार गणित

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार सीटों का वितरण इस प्रकार है:

  • कर्नाटक: 4 सीटें
  • आंध्र प्रदेश: 4 सीटें
  • गुजरात: 4 सीटें
  • राजस्थान: 3 सीटें
  • मध्य प्रदेश: 3 सीटें
  • झारखंड: 2 सीटें
  • मणिपुर: 1 सीट
  • मेघालय: 1 सीट
  • अरुणाचल प्रदेश: 1 सीट
  • मिजोरम: 1 सीट

यह वितरण स्पष्ट करता है कि कुछ बड़े राज्यों में इस बार मुकाबला ज्यादा निर्णायक रहेगा, जबकि छोटे राज्यों में एक-एक सीट भी राजनीतिक संतुलन बदलने की क्षमता रखती है।

24 सांसदों का कार्यकाल समाप्त

जून 2026 में कुल 24 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सांसदों का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही राज्यसभा में नए चेहरों का प्रवेश होगा। यह बदलाव केवल संख्या का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव का भी है, क्योंकि कई वरिष्ठ नेता इस सूची में शामिल हैं।

कई राज्यों से प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त होना विभिन्न दलों के लिए रणनीतिक चुनौती भी पेश कर रहा है।

प्रमुख नेताओं की विदाई

इस बार राज्यसभा से कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं की विदाई हो रही है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी इस सूची में हैं।

इन नेताओं का कार्यकाल समाप्त होना राज्यसभा के राजनीतिक संतुलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

राज्यवार प्रमुख रिटायर होने वाले सांसद

विभिन्न राज्यों में रिटायर होने वाले सांसदों की सूची इस प्रकार है:

आंध्र प्रदेश:
अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला, नाथवानी परिमल, पिल्लई सुभाषचंद्र बोस, सना सतीश बाबू

गुजरात:
रामभाई हारजीभाई मोकारिया, अमीन नरहरी हीराभाई, गोहिल शक्तिसिंहजी हरिचंद्रसिंहजी, रामिला बेचारभाई बारा

झारखंड:
दीपक प्रकाश और शिबू सोरेन

इनके अलावा अन्य राज्यों से भी कई सांसद अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, जिससे राज्यसभा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

Rajya Sabha Elections का राजनीतिक महत्व

राज्यसभा चुनाव केवल संख्यात्मक बदलाव नहीं होता, बल्कि यह देश की राजनीति की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्यसभा में बहुमत या मजबूत स्थिति होना किसी भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कई विधेयकों के पारित होने में इसकी अहम भूमिका होती है।

इस बार का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई राज्यों में राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं और हाल के वर्षों में विधानसभा स्तर पर कई दलों की स्थिति में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

दलों की रणनीति और संभावित समीकरण

राजनीतिक दलों ने इस चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बड़े राज्यों जैसे कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश में सीटों का गणित बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से अधिक सीटें होने के कारण राजनीतिक प्रभाव भी ज्यादा होगा।

छोटे राज्यों में एक-एक सीट भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां विधानसभा में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं है या गठबंधन की सरकारें हैं।

चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियम

Election Commission of India ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। नामांकन, जांच, मतदान और मतगणना सभी चरणों के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राज्यसभा की भूमिका और महत्व

राज्यसभा भारतीय संसद का ऊपरी सदन है, जो देश के संघीय ढांचे को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सदन राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है और राष्ट्रीय स्तर पर कानून निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

राज्यसभा के सदस्य छह वर्षों के लिए चुने जाते हैं और हर दो साल में एक-तिहाई सीटें खाली होती हैं। इसी क्रम में जून 2026 में यह चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

राज्यसभा चुनाव 2026 न केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया है, बल्कि यह भारतीय राजनीति के नए समीकरणों की शुरुआत भी है। 10 राज्यों की 24 सीटों पर होने वाला यह चुनाव कई वरिष्ठ नेताओं की विदाई और नए चेहरों के आगमन का साक्षी बनेगा।

18 जून को होने वाला मतदान और उसके बाद की मतगणना देश की ऊपरी संसद की नई तस्वीर तय करेगी। पूरी प्रक्रिया 20 जून तक समाप्त होने के साथ ही राज्यसभा का नया राजनीतिक स्वरूप सामने आएगा, जो आने वाले वर्षों में देश की विधायी दिशा को प्रभावित करेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp