MP में दौड़ेगी सस्ती ‘सहकार टैक्सी’, ओला-उबर को सीधी चुनौती | साल के अंत तक शुरू होगी सेवा
भोपाल। मध्य प्रदेश में यात्रियों को किफायती और पारदर्शी टैक्सी सेवा उपलब्ध कराने की बड़ी पहल जल्द जमीन पर उतरने वाली है। इस साल के अंत तक राज्य की सड़कों पर ‘सहकार टैक्सी’ दौड़ती नजर आएगी। यह सेवा बिल्कुल ओला-उबर की तर्ज पर होगी, लेकिन खासियत यह होगी कि किराया सस्ता होगा और ड्राइवरों को किसी निजी कंपनी को भारी-भरकम कमीशन नहीं चुकाना पड़ेगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना का संचालन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (PACS) और अन्य बड़ी सहकारी समितियां करेंगी। शुरुआत प्रदेश के बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर से होगी और फिर इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा।
ड्राइवरों को सीधा फायदा, यात्रियों को सस्ता सफर
सहकार टैक्सी सेवा में किराया सामान्य टैक्सियों से कम होगा। चूंकि ड्राइवरों को किसी प्राइवेट कंपनी को कमीशन नहीं देना होगा, उनकी आय सीधे बढ़ेगी। यही वजह है कि यह मॉडल ड्राइवर और यात्री—दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
इस सेवा में बाइक, ऑटो और टैक्सी—तीनों का पंजीकरण किया जाएगा। यानी एक ही ऐप पर टू-व्हीलर टैक्सी, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर कैब—सभी विकल्प यात्रियों को मिलेंगे।
तैयारी शुरू: बायलॉज और ऐप पर काम तेज
मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टैक्सी सेवा को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक बायलॉज और ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर तैयार किए जाएं।
बायलॉज में कैब लिंकिंग, पंजीकरण, किराया निर्धारण, सुरक्षा मानक, टैक्स व्यवस्था और मोबाइल ऐप जैसे बिंदुओं पर काम चल रहा है।
सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार यह तय होगा कि मध्य प्रदेश के लिए अलग मोबाइल ऐप विकसित होगा या मौजूदा केंद्रीय ऐप से ही सेवा दी जाएगी।
300 करोड़ का केंद्रीय बजट, 8 बड़ी संस्थाएं होंगी शामिल
इस योजना को लागू करने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने 300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इन पैसों का उपयोग टैक्सी खरीद, ऐप विकास, ड्राइवर प्रशिक्षण, वाहन बीमा और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर किया जाएगा।
परियोजना की शुरुआत 8 प्रमुख सहकारी संस्थाओं के जरिए होगी, जिनमें शामिल हैं:
- कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (KRIBHCO)
- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD)
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB)
- राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड
- बहु-राज्य सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC)
- भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO)
- गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (AMUL)
महत्वपूर्ण यह है कि इस योजना में राज्य सरकार की सीधी दखल नहीं होगी, बल्कि संचालन पूरी तरह सहकारी समितियों के माध्यम से होगा।
यात्रियों और ड्राइवरों के लिए नई उम्मीद
‘सहकार टैक्सी’ न केवल ओला-उबर जैसी निजी कंपनियों को चुनौती देगी बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित, सस्ती और विश्वसनीय यात्रा विकल्प मुहैया कराएगी।
साथ ही, हजारों युवाओं को रोजगार का स्थायी अवसर और ड्राइवरों को बेहतर आमदनी का नया रास्ता मिलेगा।
📌 न्यूज़ सारांश:
- साल के अंत तक मध्य प्रदेश में शुरू होगी ‘सहकार टैक्सी’ सेवा।
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर से होगी शुरुआत।
- यात्रियों को सस्ती सवारी, ड्राइवरों को बिना कमीशन अधिक कमाई।
- योजना के लिए 300 करोड़ का केंद्रीय बजट।
- 8 बड़ी सहकारी संस्थाएं मिलकर करेंगी संचालन।

