हरदा में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा, लक्ष्य समय पर पूरे करने के CEO ने दिए निर्देश
राजकुमार मौर्य, हरदा सिटी रिपोर्टर
]हरदा, 4 नवंबर। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए जिला पंचायत प्रशासन ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री नरोत्तम भार्गव ने जिला पंचायत सभागृह में जनपद पंचायत हरदा के अधिकारियों और मैदानी अमले के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि काम में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में स्वच्छता, रोजगार सृजन, पेयजल व्यवस्था, आवास निर्माण, पंचायतों की कर वसूली, गौशालाओं के संचालन और किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। CEO ने मैदानी अमले से कहा कि योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करें और जहां काम धीमा है, वहां जिम्मेदारी तय कर आवश्यक सुधार करें।
शौचालय निर्माण और स्वच्छता कार्यों पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान CEO श्री भार्गव ने ग्राम पंचायतों को शौचालय विहीन परिवारों का सर्वे करने के निर्देश दिए। सर्वे के आधार पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया। उन्होंने निर्देशित किया कि शौचालय निर्माण पूरा होने के बाद पात्र परिवारों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर किया जाए।
सार्वजनिक शौचालयों के नियमित संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। बैठक में स्वच्छता सेवा आकलन, WOW और IHHL से जुड़े कार्यों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर CEO ने नाराजगी जताई। इस संबंध में जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
रोजगार और ग्रामीण संपर्क मार्गों की योजना
VB-G-RAM-G योजना की समीक्षा करते हुए जॉबकार्डधारी परिवारों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि योजना के अंतर्गत पर्याप्त मानव दिवस सृजित करने के साथ ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दें, जिनसे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों के मजरों और टोलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि योजनाओं की योजना बनाते समय स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखा जाए और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए मैदानी स्तर पर निगरानी की जाए।
गर्मी से पहले पेयजल संकट से निपटने की तैयारी
आगामी गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए CEO ने ग्राम पंचायतों को अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान और मैपिंग करने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर गांवों में पेयजल की व्यवस्था की जा सके।
पेयजल टैंकरों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग योग्य बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही नदियों और नालों में बोरी बंधान निर्माण के जरिए जल संरक्षण के प्रयास तेज करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि गांवों की पेयजल संबंधी जरूरतों का पहले से आकलन करें और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति की जांच करें, जिससे गर्मी में लोगों को परेशानी न हो।
अधूरे आवास पूरे कराने और कर वसूली बढ़ाने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए हितग्राहियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए। CEO ने निर्माण कार्यों की समयबद्ध जियो टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कार्यों की प्रगति का रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज हो सके।
पंचायतों में संपत्ति कर, जलकर और स्वच्छता कर की वसूली में तेजी लाने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। पंचायतों के विद्युत देयकों का समय पर भुगतान करने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों का तय समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने पर विशेष जोर दिया गया। CEO ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को लंबित न रखें और संबंधित आवेदकों को समाधान की जानकारी भी दें।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर चर्चा
गौशालाओं के संचालन की समीक्षा के दौरान आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। CEO ने कहा कि गौशालाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। इसके लिए उनकी जरूरतों का आकलन कर संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को कहा गया।
किसानों को योजनाओं से जोड़ने और नरवाई प्रबंधन पर जागरूकता
कृषि विभाग की ओर से आयोजित ग्राम चौपालों में पंचायत अमले को सक्रिय सहभागिता निभाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया कि वे किसानों की समस्याएं सुनें और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं के आवेदन तैयार कराने में सहयोग दें।
बैठक में पराली और नरवाई प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीणों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी देने और इसके विकल्पों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए। आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए गांवों में पटाखों के सुरक्षित उपयोग, जरूरी सावधानियों और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया।
बैठक में जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रवीण कुमार इवने, जनपद पंचायत हरदा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री राजेश्वरी चौहान, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री सुश्री निशी वैश सहित जिला और जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
