दिवाली पर सूरज प्रताप सिंह और गौरव बाजपेयी ने साझा कीं बचपन की यादें, बताया इस साल कैसे मनाएंगे त्योहार
मनोरंजन डेस्क। दिवाली का त्योहार रोशनी, मिठाइयों और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों के लिए जाना जाता है। इस पर्व से जुड़ी बचपन की यादें अक्सर बड़े होने के बाद भी मन में ताजा रहती हैं। किसी को पटाखों की आवाज याद आती है, तो किसी के लिए त्योहार का सबसे खास हिस्सा परिवार के साथ समय बिताना या मिला कोई अनमोल तोहफा होता है। सन नियो के कलाकार सूरज प्रताप सिंह और गौरव बाजपेयी ने अपनी दिवाली की यादों और इस वर्ष के जश्न की योजनाओं के बारे में बताया।
सूरज प्रताप सिंह शो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ में प्रेम की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, गौरव बाजपेयी ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ में अभिजीत के किरदार में नजर आते हैं। दोनों कलाकारों ने बताया कि समय के साथ दिवाली मनाने का उनका तरीका बदला है। बचपन में जहां त्योहार का उत्साह पटाखों और नई चीजों से जुड़ा था, वहीं अब परिवार और साथ काम करने वाले लोगों के साथ वक्त बिताना उनके लिए अधिक मायने रखता है।
बचपन में दोस्तों के साथ पटाखे फोड़ने की याद
सूरज प्रताप सिंह ने बचपन की दिवाली को याद करते हुए दोस्तों के साथ पटाखे फोड़ने का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय उनके लिए त्योहार का मतलब दोस्तों के साथ मस्ती करना और आतिशबाजी देखना था। कई बार बच्चे पटाखे जलाकर हवा में उछाल देते थे और फिर उनके फूटने का इंतजार करते थे। उस उम्र में यह खेल रोमांचक लगता था, लेकिन अब पीछे मुड़कर देखने पर सूरज को समझ आता है कि ऐसा करना गलत और खतरनाक था।
सूरज ने लोगों से अपील की कि पटाखों के साथ किसी भी तरह के जोखिम भरे करतब न करें। उन्होंने कहा कि त्योहार खुशियां बांटने और अपनों के साथ समय बिताने का अवसर है। यदि लोग पटाखे जलाते हैं, तो उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उनकी बात में बचपन की याद के साथ एक जरूरी संदेश भी है—त्योहार का आनंद लेते समय अपनी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए।
इस बार शो की टीम और बच्चों के साथ मनाएंगे त्योहार
सूरज ने बताया कि पहले उन्हें पूरे उत्साह के साथ पटाखे फोड़ना और दिवाली मनाना पसंद था। अब उन्हें परिवार के साथ बैठना, मिठाइयां बांटना और साथ में यादगार पल बनाना अधिक अच्छा लगता है। उनके लिए त्योहार की खूबसूरती इस बात में है कि लोग एक-दूसरे के करीब आएं और मिलकर खुशियां मनाएं।
इस साल सूरज अपने शो ‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ की टीम के साथ दिवाली मनाने की योजना बना रहे हैं। सेट पर मौजूद बच्चों के साथ त्योहार बिताने को लेकर वह खास तौर पर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ त्योहार मनाने का अनुभव अलग होता है। टीम के सदस्य साथ मिलकर मस्ती करेंगे, मिठाइयों का आनंद लेंगे और उत्सव के माहौल में समय बिताएंगे। सूरज को उम्मीद है कि इस बार का जश्न पूरी टीम के लिए यादगार रहेगा।
गौरव को आज भी याद है पिता से मिला खास तोहफा
गौरव बाजपेयी ने अपने बचपन की दिवाली से जुड़ी एक खास याद साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार उनके पिता ने उन्हें बाइक तोहफे में दी थी। वह उनके लिए अप्रत्याशित और बेहद खुशी देने वाला पल था। गौरव के मुताबिक, उस सरप्राइज की याद आज भी उनके मन में ताजा है।
गौरव को पटाखे पसंद हैं और उनके अनुसार आतिशबाजी त्योहार के उत्साह को बढ़ाती है। हालांकि, दिवाली का आनंद केवल पटाखों तक सीमित नहीं है। दीये जलाना, घर को सजाना, मिठाइयां बांटना और त्योहार से जुड़ी परंपराओं को निभाना भी इस पर्व को खास बनाता है। इस साल उनकी कामना है कि उन्हें अपने जीवन में सफलता मिले और उनका परिवार हमेशा स्वस्थ, खुश और शांतिपूर्ण रहे। गौरव का मानना है कि सफलता की खुशी तब और बढ़ जाती है, जब अपने लोग साथ हों और खुशहाल रहें।
पूजा, सजावट और परिवार के साथ बिताएंगे दिवाली
गौरव ने बताया कि वह पारंपरिक तरीके से दिवाली मनाना पसंद करते हैं। त्योहार की तैयारी घर की सफाई और सजावट से शुरू होगी। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाएगी। पूजा के बाद परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने, स्वादिष्ट भोजन और मिठाइयों का आनंद लेने की योजना है।
उनके लिए दिवाली का अर्थ केवल रोशनी और उत्सव नहीं, बल्कि अपनों के साथ मिलकर खुशियां बांटना भी है। गौरव ने कहा कि परिवार और दोस्तों के साथ बिताए गए पल त्योहार को यादगार बनाते हैं। उनकी दिवाली की योजना में परंपराओं के साथ स्नेह और साथ का महत्व शामिल है।
सूरज और गौरव की यादों में बचपन की शरारतें, परिवार से मिले उपहार और त्योहार की परंपराएं शामिल हैं। दोनों कलाकारों ने अपने अनुभवों के जरिए बताया कि उम्र के साथ उत्सव मनाने का ढंग बदल सकता है, लेकिन दिवाली का भाव—खुशियां बांटना और अपनों के साथ रहना—हमेशा खास बना रहता है।
‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ सोमवार से शनिवार शाम 7 बजे और ‘थोड़ी सी उम्मीद, थोड़ा सा आसमान’ शाम 7:30 बजे सन नियो पर प्रसारित होता है।
