नागदा में विहिप और बजरंग दल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर चार पदाधिकारियों पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
नागदा विहिप-बजरंग दल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और एफआईआर निरस्त करने की मांग
20 अक्टूबर की घटना को लेकर पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठाए सवाल, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
दैनिक स्वराज वाणी | संवाददाता निलेश मेहता | नागदा
नागदा, 28 अक्टूबर 2026। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर 20 अक्टूबर को हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने अपने चार पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने का आग्रह किया।
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि घटना के दौरान बजरंग दल के प्रखंड संयोजक के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही थाने में मानसिक प्रताड़ना दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
चार पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने ज्ञापन में कहा कि 20 अक्टूबर की घटना से संबंधित पूरे मामले की वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने अपने चार पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की।
पदाधिकारियों ने कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाना चाहिए। संगठन ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
पुलिसकर्मियों पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया कि बजरंग दल के प्रखंड संयोजक के साथ घटना के दौरान कथित मारपीट की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। संगठन ने थाने में मानसिक प्रताड़ना दिए जाने का भी आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की मांग की।
इसके अतिरिक्त फरियादी की शिकायत दर्ज नहीं किए जाने को लेकर भी संगठन ने सवाल उठाए। पदाधिकारियों ने मांग की कि शिकायत दर्ज नहीं करने के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
संगठन ने 20 अक्टूबर की घटना से संबंधित थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की विशेष मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से घटना से जुड़े तथ्यों की जांच करने में सहायता मिल सकती है।
ज्ञापन में थाना स्तर पर समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने पूरे प्रकरण की जांच वरिष्ठ अधिकारियों से कराने का आग्रह किया।
दो दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में दो दिन बाद आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच, तथ्यों के आधार पर कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


