खरगापुर में शासकीय कॉलेज खोलने की मांग, भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने CM मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन
पलेरा/खरगापुर। टीकमगढ़ जिले के खरगापुर नगर परिषद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर भाजपा मध्यप्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। 20 अक्टूबर को भोपाल में हुई इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर खरगापुर में कॉलेज शुरू करने की मांग रखी।
80 गांवों के विद्यार्थियों को होगी सुविधा
ज्ञापन में बताया गया कि खरगापुर और इसके आसपास के करीब 80 गांवों के हजारों विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए टीकमगढ़, छतरपुर या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। लंबी दूरी, आने-जाने के खर्च और स्थानीय संसाधनों की कमी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र में कॉलेज नहीं होने का असर खासतौर पर ग्रामीण परिवारों की छात्राओं पर पड़ता है। उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहर भेजना कई परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में कुछ छात्राएं 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। ज्ञापन में इस समस्या का उल्लेख करते हुए खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय खोलने की आवश्यकता बताई गई।
मुख्यमंत्री को सौंपा मांग पत्र
अजय सिंह यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि खरगापुर में कॉलेज की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के पास उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कॉलेज शुरू होने पर आसपास के गांवों के युवाओं को भी लाभ मिल सकेगा और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, कॉलेज खोलने की प्रक्रिया, समयसीमा या स्वीकृति को लेकर ज्ञापन में कोई अलग जानकारी नहीं दी गई है।
बेटियों की शिक्षा पर दिया जोर
मुलाकात के बाद अजय सिंह यादव ने कहा कि खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय की मांग क्षेत्र के युवाओं के भविष्य और बेटियों की शिक्षा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज खुलने से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर पढ़ने की सुविधा मिलेगी और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से महाविद्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही है। दूरी और आर्थिक कारणों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए खरगापुर में ही उच्च शिक्षा की व्यवस्था होना जरूरी है।
लंबे समय से उठ रही है मांग
खरगापुर और आसपास के गांवों में शासकीय महाविद्यालय खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र के विद्यार्थियों को कॉलेज शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से यात्रा का समय और खर्च कम हो सकता है तथा ग्रामीण विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है।
अब मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद क्षेत्र के लोगों को मांग पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। महाविद्यालय की स्थापना से खरगापुर नगर परिषद सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
