रतलाम के ग्राम बोरदा में भीमा की हत्या का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया। पुलिस के अनुसार प्रेम संबंध के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
रतलाम। सरवन हत्या का खुलासा पुलिस ने 72 घंटे में करते हुए थाना सरवन क्षेत्र के ग्राम बोरदा में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी के एक व्यक्ति से प्रेम संबंध थे और पति को इसकी जानकारी होने के बाद उसकी हत्या की साजिश रची गई।
सरवन हत्या का खुलासा: 2 सितंबर को मिला था शव
2 सितंबर 2026 को ग्राम बोरदा में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना मिलने पर सरवन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक की पहचान भीमा के रूप में करते हुए अपराध क्रमांक 323/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
दो दिन की तलाश के बाद पत्नी मिली
जांच के दौरान मृतक की पत्नी ललिता घटना के बाद से फरार मिली। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और लगातार दो दिन की पतासाजी के बाद उसे ग्राम गुड़भैली स्थित खेत से दस्तयाब किया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में ललिता ने राकेश के साथ अपने प्रेम संबंध की बात बताई। करीब एक माह पहले भीमा को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसके बाद दोनों ने भीमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
पहले जंगल में हत्या की योजना, फिर घर में वारदात
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले जंगल में ले जाकर भीमा की हत्या करने की योजना बनाई, लेकिन मौका नहीं मिल सका। इसके बाद घर में सोते समय हत्या करने की साजिश रची गई।
आरोप है कि घर में सो रहे भीमा पर ललिता ने कुल्हाड़ी से वार किया, जबकि राकेश ने उसके पैर पकड़ लिए। वहीं तीसरा आरोपी भूरा घर के बाहर निगरानी कर रहा था, ताकि किसी व्यक्ति के आने की स्थिति में आरोपियों को सूचना दी जा सके।
खून के निशान मिटाने गोबर से लीपा फर्श
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को बकरी बांधने वाले स्थान पर रख दिया गया। वारदात के साक्ष्य मिटाने के लिए घर में जहां खून गिरा था, उस स्थान को गोबर से लीप दिया गया।
इसके बाद रात करीब 11 बजे राकेश और भूरा वापस भीमा के घर पहुंचे और शव को बाहर निकालकर पास के नाले में ले जाकर फेंक दिया।
सरवन हत्या का खुलासा, करीब दो लाख रुपये का मशरूका जब्त
पुलिस ने आरोपियों से मृतक का चांदी का कड़ा, सोने की बाली, चांदी की पैर की कड़ियां, एयरटेल सिम, घटना के दौरान आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े तथा दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब दो लाख रुपये है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
हत्या के मामले का 72 घंटे में खुलासा करने में थाना प्रभारी राउटी उपुअ. सुरेंद्रसिंह गाड़रिया, थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उनि जगदीश तोमर, उनि गेंदालाल भूरिया, सउनि शोभान सिंगाड़, प्रधान आरक्षक 324 हिम्मतसिंह, प्रधान आरक्षक 397 मुकेश, प्रधान आरक्षक 485 गजेंद्रसिंह, प्रधान आरक्षक 597 विजय, प्रधान आरक्षक 896 विमल, आरक्षक 945 गजपाल, आरक्षक 98 नितेश, महिला आरक्षक 1118 तुलसी राठौर सहित थाना स्टाफ एवं साइबर टीम का विशेष योगदान रहा।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई से सरवन हत्या का खुलासा तीन दिन के भीतर हो सका और मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
