ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 के भव्य मंगल प्रवेश में नीमच में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। साध्वी श्री संवेगप्रियाश्रीजी सहित ठाणा-6 का भव्य स्वागत, स्वामीवात्सल्य, प्रवचन और धार्मिक आयोजन की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 का भव्य मंगल प्रवेश सम्पन्न, उमड़ा गुरु भक्तों का सैलाब
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन, नागदा
नीमच। ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 के पावन अवसर पर रविवार, 26 जुलाई 2026 को नीमच शहर धर्म, श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंग गया। परम पूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा की जन्म द्विशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 का भव्य मंगल प्रवेशोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन श्री सौधर्म बृहत्तपागच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ, श्री ज्ञानानंदी चातुर्मास समिति 2026 तथा अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, महिला परिषद, तरुण परिषद एवं बालिका परिषद, नीमच सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
भव्य मंगल प्रवेश से गूंजा नीमच
प्रातः खीर भवानी रिसोर्ट में नवकारसी के आयोजन के बाद श्री शांतिनाथ जैन मंदिर से साध्वी मंडल का भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा के रूप में निकला।
ठाणा-6 में शामिल—
- साध्वी श्री संवेगप्रियाश्रीजी म.सा.
- साध्वी श्री चित्तप्रियाश्रीजी म.सा.
- साध्वी श्री परार्थप्रियाश्रीजी म.सा.
- साध्वी श्री प्रभुप्रियाश्रीजी म.सा.
- साध्वी श्री पार्श्वप्रियाश्रीजी म.सा.
- साध्वी श्री मोक्षार्थप्रियाश्रीजी म.सा.
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने वंदन, दर्शन एवं मंगल स्वागत किया। विभिन्न नगरों से आए जैन श्रीसंघों और अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के पदाधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई।
साध्वी भगवंतों का प्रेरणादायी संदेश
मांगलिक प्रवचन में साध्वी भगवंतों ने कहा कि ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 आत्मशुद्धि, तप, संयम, स्वाध्याय और धर्म साधना का श्रेष्ठ अवसर है।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मकल्याण का मार्ग है, जिसमें प्रत्येक श्रद्धालु को अधिकाधिक आराधना करनी चाहिए।
सुंदरम मैरिज गार्डन में भव्य स्वामीवात्सल्य
प्रवचन के पश्चात सुंदरम मैरिज गार्डन में विशाल स्वामीवात्सल्य का आयोजन हुआ।
हजारों श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया तथा आयोजन की भव्यता की सराहना की।
नवकारसी के लाभार्थी
नवकारसी के लाभार्थी रहे—
- स्व. राजमलजी पोरवाल
- स्व. धनकुंवरबाईजी पोरवाल
- श्री प्रकाशजी
- श्रीमती ज्योतिजी
- श्री अंशित
- श्रीमती गरिमा
- श्री अक्षय
- श्रीमती आशिका
- समस्त पोरवाल परिवार
स्वामीवात्सल्य एवं चातुर्मास के मुख्य लाभार्थी
मुख्य लाभार्थियों में शामिल रहे—
- श्रीमती सुनीतादेवी चौधरी
- मीनल – वीरेंद्रसिंह
- महेंद्रसिंह – सोनल
- भूपेंद्रसिंह – सपना
- अरिहंतसिंह – अंशिता
- आयुषसिंह – श्रेया
- विरेशा
- वंशिका
- यानिश
- आर्यांश
- विरांश चौधरी
- मृगीषा – सरीनजी (बेंगलुरु)
- अक्षिता – गौतमजी (मंदसौर)
- समस्त चौधरी परिवार, नीमच
प्रभावी संचालन और भक्तिमय वातावरण
पूरे कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावी एवं गरिमामय संचालन श्रीमती डॉ. बीना राजीव चौधरी ने अपने ओजस्वी शब्दों से किया।
संगीतकार श्रेयांस ने अपनी मधुर भक्ति प्रस्तुतियों से पूरी सभा को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक संस्थाओं ने सभी आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए चातुर्मास के दौरान आयोजित होने वाले सभी धार्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता का आग्रह किया।
ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 का धार्मिक महत्व
जैन धर्म में चातुर्मास आध्यात्मिक साधना का सबसे महत्वपूर्ण काल माना जाता है।
इस दौरान—
- स्वाध्याय
- तप
- संयम
- प्रतिक्रमण
- प्रवचन
- पूजा-अर्चना
- आत्मचिंतन
जैसी धार्मिक गतिविधियां व्यापक रूप से आयोजित होती हैं।
ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 भी इसी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।
निष्कर्ष
नीमच में आयोजित ज्ञानानंदी चातुर्मास 2026 का मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण रहा। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, साध्वी भगवंतों के प्रेरणादायी प्रवचन, भव्य शोभायात्रा, स्वामीवात्सल्य और उत्कृष्ट आयोजन ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

