—Advertisement—

Operation Sindur में आतंकियों का काल बनी हैमर मिसाइल अब भारत में बनेगी

Author Picture
Published On: 16 February 2026
Operation Sindur’s Deadly HAMMER Missile to Soon Be Produced in India
— Operation Sindur’s Deadly HAMMER Missile to Soon Be Produced in India

—Advertisement—

Operation Sindur में आतंकियों का काल बनी हैमर मिसाइल अब भारत में बनेगी

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हैमर (HAMMER) मिसाइल, जो Operation Sindur में आतंकियों के खिलाफ निर्णायक साबित हुई थी, अब भारत में निर्मित होगी। इस मिसाइल को पहली बार 2007 में पेरिस एयर शो में पेश किया गया था और उस समय इसे AASM (Armement Air-Sol Modulaire) कहा जाता था। 2011 में इसका नाम बदलकर HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range) रखा गया।

हैमर एक मीडियम रेंज की एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल है और इसे रफाल विमान में लगाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मारक क्षमता लगभग 60 से 70 किलोमीटर तक है और यह पहाड़ी इलाकों, मजबूत बंकरों और गतिशील लक्ष्यों पर भी प्रभावी साबित हुई है।

भारत-फ्रांस समझौता और उत्पादन

भारत और फ्रांस के बीच जल्द ही हैमर मिसाइल के भारत में निर्माण को लेकर समझौता (MoU) साइन होने की संभावना है। 17 फरवरी को फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगी। यह बैठक बेंगलुरु में होने वाली छठी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता का हिस्सा होगी।

इस बैठक में पुराने रक्षा समझौते को 10 साल और बढ़ाने और भारत में HAMMER मिसाइल निर्माण पर समझौता करने की चर्चा होगी। इस समझौते से भारत की वायुसेना को तेजी से आपूर्ति मिलेगी और विदेशी निर्भरता कम होगी। इसके अलावा “मेक इन इंडिया” पहल को बढ़ावा मिलेगा।

हैमर मिसाइल: ताकत और खासियत

हैमर का मतलब ‘हथौड़ा’ है, और यह अपने नाम के अनुसार लक्ष्यों को पूरी तरह ध्वस्त करने में सक्षम है। यह स्मार्ट प्रिसिजन गाइडेड बम है, जो हवा से जमीन पर सटीक निशाना साधता है।

प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ:

  1. वजन: लगभग 330 किलो।
  2. मारक क्षमता: 60–70 किलोमीटर दूर तक निशाना साध सकती है।
  3. फायर एंड फॉरगेट: एक बार लक्ष्य तय कर मिसाइल दागने के बाद निशाना साधने की चिंता नहीं।
  4. लक्ष्य प्रकार: स्थिर और गतिशील दोनों प्रकार के लक्ष्यों को भेद सकती है।
  5. नेविगेशन सिस्टम: अत्याधुनिक, जिससे निशाना चूकने की संभावना न्यूनतम।
  6. वॉरहेड विकल्प: 125 किलो से 1000 किलो तक।
  7. मौसम की पाबंदी: दिन या रात, किसी भी मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है।
  8. एक रफाल विमान में क्षमता: छह मिसाइलें अलग-अलग ठिकानों को एक साथ निशाना बना सकती हैं।

हैमर मिसाइल ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाई थी। अब इसका भारत में निर्माण होने से वायुसेना को तेजी से आपूर्ति मिलेगी और विदेशी निर्भरता कम होगी।

Read Also : Budget 2026: विकसित भारत की दिशा में अगला बड़ा कदम

राफेल विमानों और अन्य रक्षा सहयोग

भारत-फ्रांस वार्ता में 114 राफेल विमानों की डील पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें से 96 विमान भारत में बनाए जाएंगे और बाकी तैयार हालत में आएंगे। इनकी डिलीवरी की जिम्मेदारी फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation संभालेगी।

राफेल विमानों के इंजन का उत्पादन करने वाली कंपनी Safran पहले से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और Airbus का संयुक्त उपक्रम H-125 हेलीकॉप्टर बनाएगा।

इन सभी परियोजनाओं से भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी मजबूत होगी और भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।

भारत में निर्माण के फायदे
  1. तेजी से आपूर्ति: वायुसेना को समय पर मिसाइलें उपलब्ध होंगी।
  2. विदेशी निर्भरता कम: मिसाइलें अब भारत में ही बनेगी।
  3. मेक इन इंडिया को बढ़ावा: भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी।
  4. प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण बढ़ेंगे।
  5. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: भविष्य में हथियार निर्माण और तकनीकी ज्ञान स्वदेशी होगा।

निष्कर्ष

हैमर मिसाइल भारत के लिए रणनीतिक महत्व की मिसाइल है। Operation Sindur में इसका प्रदर्शन साबित करता है कि यह आतंकवाद और दुश्मन ठिकानों के खिलाफ कितनी प्रभावी है। अब इसका भारत में निर्माण न केवल वायुसेना की आपूर्ति बढ़ाएगा बल्कि विदेशी निर्भरता भी घटाएगा।

भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी के तहत यह समझौता स्मार्ट, प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों और तकनीकी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारत की वायुसेना मजबूत होगी और भविष्य में आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र के निर्माण में मदद मिलेगी।

हैमर मिसाइल का भारतीय निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ पहल का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आएगा और भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊँचाईयों तक ले जाएगा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp