श्री सीमंधर स्वामी जिन मंदिर, दादावाड़ी व गुरुमंदिर गढ़सिवाना में रजत जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन
गढ़सिवाना: नगर के मोकलसर रोड स्थित श्री सीमंधर स्वामी जिन मंदिर, दादावाड़ी व गुरुमंदिर ने अपनी प्रतिष्ठा की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य रजत जयंती महोत्सव का आयोजन किया। यह महोत्सव 8 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ और नगरवासी इसे लेकर बेहद उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पत्रिका आलेखन उत्सव रहा, जिसमें उपस्थित सभी नागरिकों ने परमात्मा और तीर्थंकरों के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम की शुरूआत और स्वागत
पत्रिका आलेखन उत्सव की शुरुआत नगरवासियों और लाभार्थियों के भावभीना स्वागत से हुई। प्रचार प्रसार समिति के सदस्य मुकेश आर. चौपड़ा ने बताया कि इस महोत्सव में लाभार्थी राणमलजी, देवेन्द्रजी, रमेशजी, प्रवीणजी (सुपुत्र रिखबचंदजी छाजेड़) परिवार, सिवाना-सूरत के विभिन्न समाजिक समूह और आशापुरा मंदिर से आए लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित नागरिकों ने मिलकर जय जिनेन्द्र का उद्घोष किया और महोत्सव में भागीदारी के लिए उत्साह व्यक्त किया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे अतिथियों का स्वागत राजशाही अंदाज में किया गया। सभी लाभार्थियों और नगरवासियों को साफा, तिलक, माला और दुपट्टा पहनाकर स्थान ग्रहण कराया गया। इसके बाद महोत्सव का मुख्य आकर्षण पत्रिका आलेखन कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें सभी ने परमात्मा, देवी-देवताओं और तीर्थंकरों के नाम की आमंत्रण पत्रिका लिखी।
धर्मसभा और प्रेरक प्रवचन
कार्यक्रम में उपस्थित प.पु. मुनिराज विरल विजयजी म.सा. और साध्वी भगवंत विमलप्रभा श्रीजी म.सा. ने धर्मसभा को उद्बोधित किया। उन्होंने तीर्थंकरों के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। साधु-साध्वियों ने सभी को पत्रिका आलेखन के दौरान उत्कृष्ट भावनाओं के साथ लेखन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
साथ ही उन्होंने उपस्थित नागरिकों को बताया कि जिस पावन भूमि में अंतिम संस्कार हुआ, वहां आज विशाल जिन मंदिर, दादावाड़ी, गुरुमंदिर और अन्य सामाजिक भवन हैं, जो इस भूमि की गौरवशाली परंपरा और तीर्थ की महिमा को दर्शाते हैं।
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सजावट और आकर्षण
पत्रिका आलेखन वाटिका को सुंदर और आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यक्रम स्थल पर विशेष रूप से:
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गंहूली और रंगोली की अद्भुत रचनाएँ
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कलाकृति युक्त बाजोट (चौकी)
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गोल्डन श्रृंगारित थाल और कटोरी
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मोती पिच्ची की पेन और अक्षत युक्त कलश
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सुसज्जित पूजा सामग्री और थाली
इन सभी सजावटी तत्वों ने आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर खींचा और माहौल को और भव्य बना दिया।
लाभार्थी और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
महोत्सव में शामिल लाभार्थी परिवारों और गणमान्य अतिथियों की सूची इस प्रकार रही:
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राणमलजी छाजेड़, ऋषिजी छाजेड़, महेन्द्रजी छाजेड़, महावीरजी छाजेड़
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नगर के गणमान्य नागरिक: चुन्नीलालजी रासोणी, केसरीमलजी चौपड़ा, राणजीतमलजी ललवानी, शांतिलालजी चोपड़ा, महावीरजी भंसाली, केवलचंदजी गुलेच्छा, जयंतीलालजी ओस्तवाल, दीपचंदजी ओस्तवाल, रमेशजी रासोणी, मांगीलालजी संकलेचा, कुबेर शाह
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चम्पावाड़ी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष: बाबूलालजी तातेड
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ट्रस्टी: प्रकाशजी चौपड़ा, वीरमचंदजी बोकडिया, रायचंदजी छाजेड़
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कार्यकारणी सदस्य: झणकारजी चौपड़ा, साकलचंदजी जीरावला, पु्खराजजी तातेड, नरेन्द्रजी संकलेचा, धनराजजी, जयंतीलालजी चौपड़ा
इस आयोजन में हजारों नागरिकों ने भाग लिया और महोत्सव स्थल पर भाव और भक्ति का वातावरण देखा गया।
महोत्सव की आगामी गतिविधियाँ
उल्लेखनीय है कि रजत जयंती महोत्सव 17 जनवरी से प्रारंभ होगा, जिसमें खरतरगच्छाधिपती प.पू. आचार्य भगवंत श्री जिनमणीप्रभसुरीश्वरजी म.सा. सहित अनेक साधु-साध्वी उपस्थित रहेंगे।
महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शामिल हैं:
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शास्त्रीय संगीतमय पक्षाल
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अष्ट प्रकारी पूजा और अभिषेक
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गुरुभगवंत का प्रवचन
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कुमारपाल महाराजा के परिवेश में परमात्मा की आरती
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संध्या भक्ति और रात्रि भक्ति
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गृह लक्ष्मी कुल की रौनक (बहु सम्मेलन)
विशेष रूप से 20 जनवरी को आयोजित बहु सम्मेलन में हजारों बहुएँ भाग लेंगी, जो महोत्सव की शोभा और भव्यता को और बढ़ाएंगी।
महोत्सव के आयोजक और समिति
महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने और सभी तैयारियों को सुनिश्चित करने में निम्नलिखित सदस्य सक्रिय हैं:
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संघवी वंशराज भंसाली (अध्यक्ष)
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बाबूलाल भंसाली (संयोजक)
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भूरचंद जीरावला, बाबूलाल तातेड, झणकारमल चौपड़ा, अरुण ललवाणी (सह संयोजक और सदस्य)
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चम्पावाड़ी ट्रस्ट मंडल सदस्यगण और अन्य समिति सदस्यगण
समिति ने सभी आवश्यक तैयारियों और सजावट के कार्य को अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से संपन्न किया।
समापन और आभार
पत्रिका आलेखन उत्सव ने नगरवासियों में भक्ति, उत्साह और आनंद का माहौल पैदा किया। यह आयोजन श्री सीमंधर स्वामी जिन मंदिर, दादावाड़ी और गुरुमंदिर की गौरवशाली परंपरा को और उजागर करता है। इस महोत्सव की सफल आयोजन में सभी गणमान्य अतिथियों, समाजजनों और ट्रस्ट के सदस्यों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।

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