श्री भारतवर्षीय खंडेलवाल दिगंबर Jain महासभा का भव्य परिचय सम्मेलन इंदौर में संपन्न
इंदौर।
श्री भारतवर्षीय खंडेलवाल दिगंबर Jain महासभा के तत्वावधान में आयोजित भव्य परिचय सम्मेलन का सफल आयोजन इंदौर के नरसिंह वाटिका, एरोड्रम रोड पर अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में देशभर से पधारे समाजजनों सहित हजारों की संख्या में स्वजातीय बंधुओं की उपस्थिति रही। सम्मेलन का उद्देश्य समाज के युवक-युवतियों को एक सशक्त एवं सुव्यवस्थित मंच प्रदान करना तथा वैवाहिक संबंधों के लिए पारदर्शी, आधुनिक और गरिमामय परिचय व्यवस्था उपलब्ध कराना रहा।
शुभारंभ एवं उद्घाटन
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ झंडा वंदन के साथ हुआ, जिसे महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री आर. के. Jain रानेका द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर धर्म समाज प्रचारक राजेश Jain दद्दू ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन स्थल पर विशाल एवं आकर्षक सभा मंडप का उद्घाटन श्रीमती चंदाबाई छाबड़ा एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।
महासभा के अध्यक्ष श्री शेखर छाबड़ा एवं महामंत्री श्री सनत गंगवाल ने जानकारी दी कि कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन का सौभाग्य राष्ट्रीय महामंत्री श्री गजेंद्र जी पाटनी, मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष श्री निलेश जी छाबड़ा, सीनियर हाईकोर्ट अधिवक्ता श्री ए. के. सेठी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों को प्राप्त हुआ।
मंगलाचरण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम का मंगलाचरण अत्यंत मनोहारी रहा। प्रसिद्ध नृत्यांगना कुमारी चांदनी द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आध्यात्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम को एक शुभ एवं प्रेरणादायक आरंभ प्रदान किया।
परिचय सम्मेलन की विशेषताएँ
महासभा के उपाध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश गंगवाल एवं कोषाध्यक्ष श्री प्रेमचंद जी काला ने बताया कि इस परिचय सम्मेलन में कुल 550 प्रविष्टियों का पंजीयन किया गया, जिनमें से लगभग 200 प्रत्याशियों ने स्वयं मंच पर आकर अपना परिचय दिया। शेष प्रत्याशियों का परिचय उनके अभिभावकों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
परिचय की प्रक्रिया को हाईटेक एवं आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया था। प्रत्याशियों की संपूर्ण जानकारी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही थी, जिससे उपस्थित समाजजनों को प्रत्याशियों के बारे में स्पष्ट, सटीक और आकर्षक जानकारी प्राप्त हो सकी। यह व्यवस्था समाज के लिए एक नवीन और सराहनीय पहल रही।
स्मारिका का विमोचन
इस अवसर पर महासभा द्वारा एक आकर्षक एवं रंगीन स्मारिका का प्रकाशन भी किया गया। स्मारिका का विमोचन राष्ट्रीय महामंत्री श्री गजेंद्र जी पाटनी, मध्यप्रदेश अध्यक्ष श्री संदीप जी मोयरा, संरक्षक श्री नवीन जी गोधा (देवास), मध्यप्रदेश उपाध्यक्ष श्री निलेश जी छाबड़ा, सामाजिक संसद अध्यक्ष श्री नरेंद्र जी वेद एवं श्री विनय जी छाबड़ा के करकमलों से संपन्न हुआ। स्मारिका में समाज की गतिविधियों, प्रतिभाओं एवं प्रेरणादायक संदेशों को स्थान दिया गया।
प्रतिभागियों का सम्मान
परिचय देने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को महासभा की ओर से उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं उत्साह का संचार हुआ। इसके साथ ही समाज में विशिष्ट सेवा कार्यों के लिए राष्ट्रीय महामंत्री श्री गजेंद्र जी पाटनी को एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने हेतु श्री इंद्र कुमार जी सेठी को महासभा द्वारा अभिनंदन पत्र प्रदान कर विशेष सम्मान किया गया।
जनप्रतिनिधियों एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में अनेक राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री गोलू शुक्ला, एम. के. जैन, कमलेश जी कासलीवाल (महामंत्री, मध्यप्रदेश), आनंद जी गोधा, गिर्राज जी पापड़ीवाल, पियूष जैन, श्री नरेंद्र जी शाह (भोपाल), राजनीतिक चेतना मंच के अध्यक्ष श्री सुभाष जी काला, एवं श्री राजेंद्र जी सेठी उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत अध्यक्ष श्री शेखर छाबड़ा एवं कोषाध्यक्ष श्री प्रेमचंद जी काला द्वारा किया गया।
संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन महामंत्री श्री सनत गंगवाल एवं डॉ. विजया जैन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित, रोचक एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराया। अंत में उपाध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश गंगवाल द्वारा सभी अतिथियों, सहभागियों, सहयोगकर्ताओं एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
निष्कर्ष
श्री भारतवर्षीय खंडेलवाल दिगंबर जैन महासभा द्वारा आयोजित यह परिचय सम्मेलन न केवल एक सामाजिक आयोजन रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने, नई पीढ़ी को दिशा देने एवं आधुनिक सोच के साथ परंपराओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इस सफल आयोजन ने यह प्रमाणित किया कि संगठित प्रयासों से समाज को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।

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