उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया व्हाइट टाइगर सफारी और मुकुंदपुर जू का भव्य निरीक्षण
भोपाल, 09 नवम्बर 2025: मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एण्ड जू, मुकुंदपुर का भ्रमण कर यहाँ के वन्य प्राणी संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में की जा रही व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने सफारी और जू के निर्माण प्रगति, नवीन मास्टर प्लान, तथा जू की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
वॉक-इन एवियरी और रेप्टाइल हाउस का निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने वॉक-इन एवियरी का भ्रमण कर विभिन्न प्रकार के पक्षियों और अन्य वन्य जीवों का सीधा निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने रेप्टाइल हाउस का भी अवलोकन किया, जहाँ सरीसृपों के जीवन और उनकी देखभाल के आधुनिक तरीके प्रदर्शित किए गए हैं। यह जू पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक अनुभव देने के साथ-साथ वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
नवीन मास्टर प्लान और टाइगर ब्रीडिंग सेंटर की समीक्षा
उप मुख्यमंत्री ने जू के नवीन मास्टर प्लान के लेआउट का भी गहन अध्ययन किया। उन्होंने टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुसार कार्य प्रगति की जानकारी ली। इसके अंतर्गत केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली से अनुमोदन तथा वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान की प्रक्रियाओं पर भी ध्यान दिया गया। यह सुनिश्चित करता है कि सभी गतिविधियाँ जैव विविधता संरक्षण और वन्य जीव कल्याण के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों।
वन समिति और अधिकारियों की मौजूदगी
इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के वन समिति के सभापति हरीशकांत त्रिपाठी, वन मण्डलाधिकारी मयंक चांदीवाल, और जू के डायरेक्टर भी उपस्थित थे। उन्होंने उप मुख्यमंत्री को जू में हो रहे सुधार कार्यों, सफारी में सुरक्षा व्यवस्थाओं, और वन्य जीवों के पालन-पोषण के आधुनिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी का महत्व
मध्यप्रदेश का मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वन्य जीव संरक्षण और जैव विविधता के उत्कृष्ट केंद्रों में गिना जाता है। यह सफारी न केवल टाइगर और अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण में योगदान देती है, बल्कि पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद और रोमांचक अनुभव भी प्रस्तुत करती है।
इस सफारी में आने वाले पर्यटक विभिन्न प्रजातियों के टाइगर्स, शेर, बंदर, और अन्य वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास के अंदाज में देख सकते हैं। इसके अलावा जू में आयोजित शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम वन्य जीव संरक्षण के प्रति आमजन की सोच को भी बदलने में मदद करते हैं।
टाइगर ब्रीडिंग सेंटर: वन्य जीव संरक्षण का मॉडल
टाइगर ब्रीडिंग सेंटर में बाघों की प्रजनन प्रक्रिया और उनकी प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहाँ की व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं, जो इन प्रजातियों के सुरक्षित प्रजनन और उनकी जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। उप मुख्यमंत्री ने इस केंद्र की प्रगति का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सर्वोत्तम प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मार्गदर्शन
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा जू के नवीन मास्टर प्लान और डीपीआर को अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह अनुमोदन यह सुनिश्चित करता है कि जू के विस्तार और वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान की प्रक्रिया वैज्ञानिक और सुरक्षित रूप से हो। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रणाली का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से जैव सुरक्षा, स्वास्थ्य निगरानी और प्रजातियों के आदान-प्रदान की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की।
पर्यटकों और स्थानीय समुदाय के लिए फायदे
मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करती है, बल्कि स्थानीय समुदाय और पर्यटन क्षेत्र के लिए भी लाभकारी है। यहाँ पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, और स्थानीय हस्तशिल्प और संस्कृति का संवर्धन हो रहा है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में और सशक्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
जैव विविधता और संरक्षण का संदेश
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा और पर्यावरणीय शिक्षा को बढ़ावा देना था। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुकुंदपुर जू और व्हाइट टाइगर सफारी देश के वन्य जीवों की सुरक्षा और जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर वन्य जीव संरक्षण का आदर्श मॉडल बने।
भविष्य की योजनाएँ और विकास
उप मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें जू के विस्तार, नए आवास निर्माण, और पर्यटन सुविधाओं का संवर्धन शामिल है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हों और वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखें।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का यह निरीक्षण न केवल मुकुंदपुर जू और व्हाइट टाइगर सफारी की कार्यप्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने का संकेत भी देता है।



