विहिप कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा का विवादित बयान, कहा – “घर में हथियार धारदार रखो, दुश्मन दहलीज़ लांघे तो बीच से काट दो”
भोपाल, 29 सितंबर 2025 — भोपाल में आयोजित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और दुर्गा वाहिनी के कार्यक्रम में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। साध्वी ने अपने भाषण में लोगों से अपील की कि वे नवरात्रि के दौरान मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में विशेष सतर्कता बरतें और अपने घरों में धारदार हथियार तैयार रखें।
क्या कहा साध्वी प्रज्ञा ने?
साध्वी ने कहा कि “हर घर में तेज धार वाले औज़ार मौजूद रहें। अगर कोई दुश्मन आपकी दहलीज़ पार करे तो उसे बीच से काट दो।”
उन्होंने आगे कहा कि मंदिरों के बाहर प्रसाद बेचने वालों की पहचान की जानी चाहिए और अगर कोई “विधर्मी” वहाँ पाया जाता है तो लोगों को उसे पकड़कर पुलिस को सौंप देना चाहिए। उनके शब्दों में, “जितना हो सके ठोको, उसके बाद कानून के हवाले करो।”
महिलाओं से की विशेष अपील
अपने संबोधन में साध्वी प्रज्ञा ने महिलाओं को संगठित होने और “हर घर में दुर्गा तैयार करने” की अपील की। उन्होंने दुर्गा वाहिनी जैसी तैनाती को नवरात्रि और धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी बताया।
सोशल मीडिया पर विवाद
उनके इस बयान का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ शुरू हो गईं।
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आलोचक दलों का आरोप — विपक्षी नेताओं और नागरिक संगठनों ने साध्वी के बयान को “सांप्रदायिक उकसावे वाली भाषा” करार दिया और कहा कि यह समाज को बाँटने का प्रयास है।
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समर्थकों की दलील — समर्थकों का कहना है कि साध्वी ने केवल आत्मरक्षा और सजगता की बात की है, और इसे गलत संदर्भ में लिया जा रहा है।
मीडिया कवरेज और राजनीतिक हलचल
स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया ने इस बयान को व्यापक कवरेज दी है। अखबारों और न्यूज़ चैनलों ने इसे भाजपा और विहिप से जुड़े विवादास्पद बयानों की श्रृंखला का हिस्सा बताया है। भाजपा की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्ष इसे चुनावी राजनीति से जोड़कर देख रहा है।
पृष्ठभूमि: विवादों से पुराना रिश्ता
यह पहला मौका नहीं है जब साध्वी प्रज्ञा के बयान विवादों में आए हों। 2022 और 2023 में भी उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए थे, जिन्हें लेकर संसद से लेकर सड़कों तक बवाल मचा था। कई मौकों पर पार्टी को भी सफाई देनी पड़ी थी।
निष्कर्ष
साध्वी प्रज्ञा का ताज़ा बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा सकता है। एक ओर इसे “सुरक्षा और जागरूकता का संदेश” बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे “भड़काऊ भाषण” मानकर विरोध हो रहा है। फिलहाल, प्रशासन और भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।


