महिलाओं की अस्मिता पर सियासी संग्राम, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
भोपाल/इंदौर।
महिलाओं की अस्मिता और मर्यादा को लेकर प्रदेश की राजनीति में इस समय जबरदस्त सियासी जंग छिड़ी हुई है। ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा पर टिप्पणी करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिससे कांग्रेस में नाराज़गी फैल गई। अब कांग्रेस नेता पलटवार करते हुए मंत्री विजयवर्गीय पर जमकर हमलावर हो गए हैं।
विजयवर्गीय का विवादित बयान
शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि “हमारे नेता प्रतिपक्ष अपनी बहन को चौराहे पर चुंबन करते हैं। यह हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों के खिलाफ है। हम उस परंपरा से आते हैं जहां बहन के घर का पानी तक नहीं पिया जाता। मेरे पिताजी तो बहन के घर जाते समय पानी का लोटा साथ लेकर जाते थे।”
उनके इस बयान ने तुरंत ही तूल पकड़ लिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे भारतीय संस्कृति और महिलाओं की अस्मिता का अपमान बताया और जगह-जगह प्रदर्शन शुरू कर दिए।
सज्जन सिंह वर्मा का तीखा पलटवार
विवादित बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा –
“भाजपा में खाल में छिपे भेड़िए हैं, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर रहे हैं। उन्हें रिश्तों का महत्व ही नहीं पता। विजयवर्गीय का बयान केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही नहीं बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। यही कारण है कि मुझे खुद उनका पुतला दहन करने आना पड़ रहा है। यदि वे सामने होते, तो महिलाएं उन्हें जिंदा जला देतीं।”
वर्मा ने आगे कहा कि जनता को भी सोचना चाहिए कि किस तरह के लोगों को चुनकर विधानसभा और संसद भेज रही है। “जिन पर खुद कई आपराधिक केस लंबित हैं, वे आज संस्कृति और रिश्तों का पाठ पढ़ा रहे हैं। यह समाज और राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
विजयवर्गीय के बयान के खिलाफ कांग्रेस ने राज्य के कई जिलों में धरना और प्रदर्शन किए। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पुतले जलाकर मंत्री के बयान की निंदा की और माफी की मांग की। वहीं, भाजपा की ओर से अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक सफाई नहीं आई है।
सियासी असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजयवर्गीय के इस बयान से आगामी चुनावी माहौल में भाजपा को नुकसान हो सकता है। महिलाओं के सम्मान को लेकर यह मुद्दा बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि कांग्रेस इस पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और लगातार जनता के बीच इसे लेकर अभियान चला रही है।

