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सिद्धार्थ तिवारी के बयान पर दिग्विजय सिंह का सधी हुई प्रतिक्रिया: “पुत्र सपूत या कपूत, पिता कभी कुपित नहीं”

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Published On: 21 September 2025
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सिद्धार्थ तिवारी के बयान पर दिग्विजय सिंह का पलटवार

स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
मामला: राजनीतिक बयानबाजी और व्यक्तिगत आरोप

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में हाल ही में राजनीतिक बयानबाजी ने सियासी पारा काफी बढ़ा दिया है। इसका मुख्य केंद्र बना भाजपा के विधायक श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह।

सिद्धार्थ तिवारी का हमला

सिद्धार्थ तिवारी ने दिग्विजय सिंह पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा। उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। हालांकि, इस बयान का विस्तृत विवरण खबर में नहीं दिया गया है, लेकिन यह साफ है कि इसमें व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप शामिल थे।

दिग्विजय सिंह का पलटवार

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इसके जवाब में कहा:

  • सिद्धार्थ तिवारी उनके पुत्र जैसे हैं।

  • उनके परिवार के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं और रहेंगे।

  • उन्होंने कहा: “पुत्र ‘सपूत’ या ‘कपूत’ हो सकता है, लेकिन पिता कभी कुपित नहीं हो सकता।”

  • इसके साथ ही उन्होंने सिद्धार्थ के लिए ईश्वर से सदबुद्धि की कामना की और अंत में जय सिया राम कहकर अपने बयान को समाप्त किया|

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राजेंद्र शर्मा का वीडियो

दिग्विजय सिंह ने रीवा से कांग्रेस जिला अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा का एक वीडियो भी शेयर किया। इसमें राजेंद्र शर्मा ने सिद्धार्थ तिवारी के आरोपों का जवाब दिया।

राजेंद्र शर्मा ने कहा:

  • यह बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

  • वे श्रीनिवास तिवारी के परिवार से जुड़ा हुआ व्यक्ति हैं और उनके जीवन में इस परिवार ने बहुत मदद की।

  • रिश्तों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुछ बातें सार्वजनिक नहीं कीं।

  • उन्होंने सिद्धार्थ तिवारी के राजनीतिक अनुभव और इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीनिवास तिवारी 1972 में समाजवादी पार्टी से विधायक बने और 1973 में कांग्रेस में शामिल हुए।

  • इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें वही से टिकट दिया, और 1980 में स्वास्थ्य मंत्री बनाए।

  • बाद में वे विधानसभा उपाध्यक्ष और 1993 तथा 1998 में विधानसभा अध्यक्ष बने।

  • 2003 के बाद कांग्रेस की सरकार न आने के कारण उनके साथ अन्याय का सवाल ही नहीं उठता।


मुख्य बिंदु

  1. राजनीतिक बयानबाजी: सिद्धार्थ तिवारी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा।

  2. व्यक्तिगत संबंध: दिग्विजय सिंह ने पिता का दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि पुत्र “सपूत या कपूत” हो सकता है, पिता कभी कुपित नहीं होता।

  3. इतिहास का हवाला: राजेंद्र शर्मा ने श्रीनिवास तिवारी के राजनीतिक योगदान और कांग्रेस में उनके कार्यकाल का विवरण देकर आरोपों का खंडन किया।

  4. संदेश: व्यक्तिगत आरोपों के बावजूद संबंधों की मर्यादा और सम्मान बनाए रखना ज़रूरी।

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