विश्व में पहली बार काष्ठ पर उकेरी गई मां जिनवाणी का प्रतिष्ठा महोत्सव 28 सितम्बर को इंदौर में
अभय खेल प्रशाल बनेगा ऐतिहासिक क्षण का साक्षी, जन-जन में जागेगी जिनवाणी के प्रति आस्था
By: राजेश जैन दद्दू
विश्व में पहली बार काष्ठ पर उकेरी गई मां जिनवाणी का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव 28 सितम्बर 2025 को इंदौर के अभय खेल प्रशाल में आयोजित होगा। मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में होने वाला यह आयोजन जैन धर्म, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम बनेगा। कार्यक्रम में देशभर से साधु-संत, समाजजन और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
इंदौर में होगा ऐतिहासिक आयोजन
इंदौर, मध्यप्रदेश। विश्व स्तर पर पहली बार काष्ठ पर उकेरी गई मां जिनवाणी का भव्य प्रतिष्ठा महामहोत्सव आगामी 28 सितम्बर को इंदौर के अभय खेल प्रशाल में ऐतिहासिक रूप से आयोजित होगा। यह दिन न केवल इंदौर बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए जैन संस्कृति और धर्म का गौरवशाली अध्याय सिद्ध होगा।
इस अवसर पर इंदौर को धर्म और संस्कृति की अमूल्य धरोहर का साक्षात्कार करने का गौरव प्राप्त होगा।
तैयारियों की झलक
रविवार को महोत्सव की तैयारियों को लेकर मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में एक अति महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया, जिसे महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, नवग्रह जिनालय के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, जिनवाणी प्रतिष्ठा समिति अध्यक्ष संदीप जैन मोरया, मुख्य संयोजक भरत जैन, कैलाश वेद, नकुल पाटोदी और बाहुबली पांड्या ने संपन्न किया।
मंगलाचरण की मधुर प्रस्तुति ध्रुवी जैन और अन्नू जैन द्वारा दी गई।
मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने कहा –
“जिनवाणी केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मा का पथ-प्रदर्शक है। जब घर-घर जिनवाणी प्रतिष्ठित होगी, तब नई पीढ़ी उसमें निहित धर्म, संस्कार और संस्कृति को आत्मसात करेगी। दीपावली पूजन भी तभी सार्थक होता है जब घर में प्रतिष्ठित जिनवाणी विराजमान हो। यह हर घर की पवित्रता और आत्मकल्याण का आधार है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जिनवाणी के प्रति आस्था और श्रद्धा से जोड़ना है।
आयोजन समिति और पदाधिकारी
महोत्सव के लिए प्रमुख पदाधिकारियों की घोषणा की गई –
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अध्यक्ष: संदीप जैन (मोरया सरिया)
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परम संरक्षक: अमित कासलीवाल और नरेंद्र वेद
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मुख्य संयोजक: भरत जैन
इस अवसर पर मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का पाद प्रक्षालन जेएमबी परिवार के प्रतीक जैन द्वारा किया गया तथा सामूहिक आरती संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान महोत्सव का पोस्टर विमोचन भी हुआ।
समाजजनों के विचार
जिनवाणी प्रतिष्ठा समिति के अध्यक्ष संदीप मोरया जैन, परम संरक्षक अमित कासलीवाल और नरेंद्र वेद, संयोजक भरत जैन, सामाजिक संसद के पूर्व अध्यक्ष कैलाश वेद, पार्षद राजीव जैन, नकुल पाटोदी, बाहुबली पांड्या, टी.के. वेद, उषा पाटनी, तल्लीन बड़जात्या, डॉ. धीरेंद्र जैन, डी.के. जैन (सेवानिवृत्त डीएसपी), मनीष अजमेरा, राजेश जैन दद्दू सहित अनेक समाजबंधुओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
प्रमुख संस्थाओं की सहभागिता
इस आयोजन में विभिन्न जैन संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें शामिल हैं:
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दिगंबर जैन सोशल ग्रुप
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महासमिति
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तीर्थक्षेत्र कमेटी
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दिगंबर जैन महासभा
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दिगंबर महिला महासभा
सैकड़ों समाजबंधुओं ने इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने का संकल्प लिया।
उपस्थित गणमान्यजन
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे –
नमीष जैन, निर्मल कासलीवाल, संजय पापड़ीवाल, कमलेश जैन, वीरेंद्र बड़जात्या, आनंद कासलीवाल, मंयक जैन, पवन पटौदी, नवनीत जैन, श्रेष्ठी जैन, संजय बड़जात्या, सुदर्शन जटाले, निखिल छाबड़ा, ऋषभ जैन, पिंकेश टोंग्या, नीता जैन, राकेश जैन देवपुरी, वंदना वीरेंद्र जैन, पवन मोदी, देवेंद्र सेठी, हेमंत जैन, चेतन जैन, मुकेश जैन, हितेश-रितेश कासलीवाल, विनोद जैन, आदित्य जैन सहित अनेक समाजबंधु।
निष्कर्ष
यह भव्य आयोजन न केवल इंदौर बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए जैन संस्कृति और आस्था का गौरवशाली अध्याय होगा। मां जिनवाणी की प्रतिष्ठा महोत्सव से समाज में नई ऊर्जा, धर्म के प्रति आस्था और सांस्कृतिक एकता का संचार होगा।


