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MP Politics: कमलनाथ का पलटवार, दिग्विजय-सिंधिया पर लगाए गंभीर आरोप

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Published On: 25 August 2025
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कमलनाथ बनाम दिग्विजय: 5 साल बाद खुला 2020 सरकार गिरने का असली राज, सिंधिया पर भी बड़ा आरोप

MP Politics में गरमा-गरमी: दिग्विजय के खुलासे के बाद कमलनाथ का पलटवार

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 2020 की कांग्रेस सरकार गिरने का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के हालिया बयान पर कमलनाथ ने पलटवार करते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने साफ कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को लगता था कि सरकार दिग्विजय चला रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने बगावत की थी।


दिग्विजय सिंह का दावा – “सिंधिया की बातें मान लेते तो सरकार बच जाती”

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि 2020 में सरकार गिरने की वजह कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच सहमति न बन पाना थी। उन्होंने खुलासा किया कि एक बड़े उद्योगपति के घर हुई बैठक में तय हुआ था कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की समस्याओं पर जो निर्णय होंगे, उनका पालन किया जाएगा। लेकिन ऐसा न होने से सिंधिया नाराज़ हो गए और कांग्रेस की सरकार चली गई।

Scindia kamalnath and digvijay singh 1


कमलनाथ का पलटवार – “सिंधिया को लगता था सरकार दिग्विजय चला रहे हैं”

रविवार को कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा –
“पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फ़ायदा नहीं है। लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराज़गी के चलते उन्होंने विधायकों को तोड़ा और सरकार गिरा दी।”

इस बयान के बाद साफ है कि कमलनाथ ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार गिरने की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह पर ही डाल दी है।


कांग्रेस में ‘जय-वीरू’ की दोस्ती टूटी?

मध्य प्रदेश कांग्रेस में कभी ‘शोले’ की जय-वीरू जोड़ी कहलाने वाले दिग्विजय और कमलनाथ के बीच अब कोल्ड वॉर साफ दिख रहा है।
👉 2023 चुनाव से पहले कांग्रेस ने दोनों नेताओं को जय-वीरू बताकर टीमवर्क की तस्वीर पेश की थी।
👉 लेकिन अब दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर कर दिए हैं।


2020 में कैसे गिरी थी कमलनाथ सरकार?

  • 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने।

  • मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी।

  • सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई।

  • नतीजा – 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिर गई और भाजपा सत्ता में लौट आई।


कांग्रेस में बढ़ रही खींचतान

मध्य प्रदेश कांग्रेस इन दिनों जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी विवादों में है। कई नेताओं ने खुलेआम नाराजगी जताई है। ऐसे में पार्टी के दो बड़े दिग्गज नेताओं के बीच ठनाव ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

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