—Advertisement—

, ,

ऑनलाइन गेमिंग का खौफ : इंदौर में पांच सालों में सैकड़ों परिवार तबाह, आत्महत्याओं से दहला शहर

Author Picture
Published On: 23 August 2025
11

—Advertisement—

ऑनलाइन गेमिंग से इंदौर में उजड़े कई घर, 5 साल में सैकड़ों युवा गंवा चुके जान

इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। ऑनलाइन गेमिंग की लत अब नशे का रूप ले चुकी है। बीते पाँच सालों में इंदौर समेत मध्यप्रदेश के कई इलाकों में सैकड़ों घर उजड़ चुके हैं। कई होनहार बच्चों और युवाओं ने या तो कर्ज में डूबकर जान गंवा दी या मानसिक तनाव का शिकार होकर आत्महत्या कर ली। नए प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के संसद में पास होने के बाद, ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध की राह साफ हो गई है और प्रभावित परिवारों को अब राहत की उम्मीद है।

ऑनलाइन गेमिंग से मौत की घटनाएँ

  • केस 1: मार्च 2025 में इंदौर के 16 वर्षीय छात्र प्रिंस ने ऑनलाइन गेम की लत के चलते फोन चोरी होने पर गुस्से और अवसाद में जहर खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
  • केस 2: 25 वर्षीय जितेंद्र वास्कले ऑनलाइन गेम्स में कर्ज के बोझ तले दब गया। गेम्स में हारने और लोन न चुका पाने के दबाव में उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
  • केस 3: 24 वर्षीय नौकरीपेशा युवक हर महीने की 50 हजार रुपये की सैलरी कुछ ही दिनों में गेम्स में हार जाता था। डॉक्टरों की मदद और 6 महीने के इलाज के बाद वह अब स्वस्थ है।

13 साल के आकलन जैन का दर्दनाक मामला

इंदौर में 13 वर्षीय छात्र आकलन जैन ने मां के डेबिट कार्ड से 2,800 रुपये ऑनलाइन गेम में गंवा दिए। डर और तनाव ने उसे इतना तोड़ दिया कि 1 अगस्त को उसने आत्महत्या कर ली। परिवार आज भी यह सदमा नहीं भुला पाया। परिजनों का कहना है कि अगर पहले ही सरकार सख्ती करती तो यह हादसा टल सकता था।

विशेषज्ञों की राय

मनोचिकित्सक डॉ. कृष्णा मिश्रा के अनुसार, गेमिंग की लत नशे की तरह होती है। जब तक मरीज गेम नहीं खेलता, बेचैन रहता है। इसका इलाज दवा, काउंसलिंग और आर्थिक अनुशासन (जैसे बैंक खाते में सीमित पैसा रखना) से संभव है।

ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर बड़ी ठगी

दिसंबर 2024 में इंदौर क्राइम ब्रांच ने मंदसौर से एक 8 सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया, जो ऑनलाइन गेमिंग साइट्स के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहा था। आरोपी लोगों से पैसे जमा करवाते और फर्जी आइडी-पासवर्ड देकर उन्हें सट्टे में फंसाते थे। पुलिस ने उनके पास से करोड़ों रुपये के लेन-देन के दस्तावेज, फर्जी बैंक खाते और दुबई के संपर्क भी बरामद किए।

सरकार का कदम

ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने के लिए 2020 में इंदौर से जनहित याचिका भी दाखिल की गई थी। अब प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के पारित होने के बाद उम्मीद है कि ऐसे मामलों में कमी आएगी और युवा पीढ़ी को इस खतरनाक लत से बचाया जा सकेगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp