मध्यप्रदेश में अगला मुख्य सचिव कौन? अनुराग जैन रिटायर हो रहे, एक्सटेंशन या नया चेहरा—कयास तेज
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में वल्लभ भवन के गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या उन्हें एक्सटेंशन मिलेगा या फिर नया चेहरा मुख्य सचिव की कुर्सी संभालेगा। दिलचस्प यह है कि जैन से पहले भी दो मुख्य सचिवों को कार्यकाल बढ़ाने का फायदा मिल चुका है।
एक्सटेंशन के पक्ष में तीन बड़े कारण
अगर अनुराग जैन को सेवा विस्तार दिया जाता है, तो इसकी तीन प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं—
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मजबूत कनेक्शन: केंद्र सरकार और नीति निर्धारकों से उनके बेहतर संबंध।
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फाइनेंस का अनुभव: वित्तीय प्रबंधन में उनकी गहरी पकड़।
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बड़ा ट्रैक रिकॉर्ड: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और नई औद्योगिक नीतियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका।
दावेदारों की कतार
अगर जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता, तो पद की दौड़ में तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुख्य दावेदार माने जा रहे हैं—
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डॉ. राजेश राजौरा (एसीएस, जल संसाधन): वरिष्ठतम अधिकारी, मुख्यमंत्री सचिवालय और उज्जैन संभाग के प्रभारी रह चुके हैं।
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अशोक बर्णवाल (एसीएस, वन एवं पर्यावरण): एक बैच जूनियर होने के बावजूद तेजतर्रार और निष्पक्ष छवि के कारण रेस में।
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अलका उपाध्याय (केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्त): 1990 बैच की अफसर, हाल ही में प्रदेश के दौरों के चलते सक्रिय दिखीं और शीर्ष पद की दावेदारी को लेकर चर्चाओं में हैं।
राजौरा सबसे वरिष्ठ, पर बर्णवाल और अलका भी मजबूत
डॉ. राजेश राजौरा, अनुराग जैन के रिटायरमेंट के बाद सबसे वरिष्ठ अफसर होंगे। जबकि अशोक बर्णवाल एक बैच जूनियर हैं, फिर भी उनकी स्वीकार्य छवि उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। अलका उपाध्याय की सक्रियता भी यह संकेत दे रही है कि वे गंभीरता से इस पद के लिए प्रयासरत हैं।
परंपरा मानें, तो बढ़ सकती है जैन की कुर्सी
पिछले कुछ सालों से मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव को एक्सटेंशन देने की परंपरा रही है। ऐसे में संभावना यह भी जताई जा रही है कि अनुराग जैन को ही सेवा विस्तार देकर मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखा जाए।
