‘बागी’ नहीं, अपनी आवाज रखने वाली पीढ़ी की कहानी है ‘Ye Fitoor Tera’: ईशान धवन ने बताया शो की खासियत
मुंबई। आज की जेन Z पीढ़ी को अक्सर अपनी बेबाक सोच, सवाल पूछने की आदत और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिशों के लिए अलग-अलग नजरों से देखा जाता है। लेकिन बदलते समय के साथ यह भी साफ हो रहा है कि नई पीढ़ी केवल विरोध करने वाली नहीं, बल्कि अपनी बात को मजबूती से रखने और खुद को समझे जाने की उम्मीद रखने वाली पीढ़ी है। इसी सोच को सामने लाने का प्रयास कर रहा है स्टार प्लस का नया शो ‘Ye Fitoor Tera’।
पिछले कुछ समय में युवाओं की सोच और उनके नजरिए में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कॉलेज कैंपस से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक, युवा अपने विचार खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। वे परंपरागत सोच पर सवाल उठा रहे हैं और अपनी पसंद, सपनों तथा फैसलों को लेकर अधिक स्वतंत्र नजर आ रहे हैं। हालांकि, कई बार उनकी इसी बेबाकी को गलत तरीके से समझते हुए उन्हें ‘बागी’, ‘जिद्दी’ या ‘बहुत ज्यादा राय रखने वाला’ कह दिया जाता है।
स्टार प्लस का शो ‘ये फितूर तेरा’ इसी सोच को केंद्र में रखकर युवाओं की भावनाओं और संघर्षों को दर्शाता है। शो यह सवाल उठाता है कि जब समाज किसी व्यक्ति को समझने से पहले उसके बारे में अपनी राय बना लेता है, तब उस व्यक्ति के मन में क्या चलता है। कहानी ऐसे किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है जो पूरी तरह परफेक्ट नहीं हैं, लेकिन अपनी कमियों और खूबियों के साथ खुद को स्वीकार करते हैं।
जीत के किरदार में नजर आएंगे ईशान धवन
अभिनेता ईशान धवन शो में जीत का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस किरदार के माध्यम से उन्हें आज के युवाओं की सोच को समझने का मौका मिला। ईशान के अनुसार, कई बार समाज उन लोगों को जल्दी जज कर लेता है जो आम सोच से अलग होते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बात खुलकर रखता है, सवाल करता है या अपनी अलग राह चुनता है तो उसे समझने से पहले ही ‘मुश्किल’ या ‘बागी’ का नाम दे दिया जाता है। जेन Z के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है। यह पीढ़ी अपनी पहचान और विचारों को खुलकर सामने रखना चाहती है और चाहती है कि उसे सिर्फ परखा नहीं, बल्कि समझा जाए।
ईशान ने बताया कि जीत का किरदार भी ऐसा ही है। वह अपनी कमजोरियों और भावनाओं को छिपाने की कोशिश नहीं करता। वह लोगों की स्वीकृति पाने के लिए खुद को बदलने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि अपनी सच्चाई के साथ आगे बढ़ता है। यही बात उसे दर्शकों से जोड़ती है।
असली किरदारों से जुड़ रहे हैं दर्शक
ईशान धवन का मानना है कि आज के दर्शक ऐसे किरदारों को अधिक पसंद करते हैं जो वास्तविक नजर आते हैं। अब केवल आदर्श और बिना किसी कमी वाले किरदार ही लोगों को आकर्षित नहीं करते, बल्कि ऐसे किरदार पसंद किए जाते हैं जिनमें भावनाएं, संघर्ष और अपनी अलग पहचान होती है।
‘ये फितूर तेरा’ इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए युवाओं के रिश्तों, सपनों और आत्म-पहचान की कहानी पेश करेगा। शो में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि हर व्यक्ति को अपनी तरह से जीने और अपनी बात रखने का अधिकार है।
युवाओं की सोच को देगा मंच
शो के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि नई पीढ़ी को केवल उसके फैसलों के आधार पर आंकने के बजाय उसकी भावनाओं और परिस्थितियों को समझना जरूरी है। युवाओं की आवाज को जगह देना और उनके नजरिए को स्वीकार करना आज के समय की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है।
ईशान धवन के अनुसार, ‘ये फितूर तेरा’ केवल एक मनोरंजक कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की भावनाओं को सामने लाने का प्रयास है जो अपनी पहचान बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं।
‘ये फितूर तेरा’ का प्रसारण 5 अगस्त से हर रात 8:30 बजे सिर्फ स्टार प्लस पर होगा। दर्शक इसे जियो हॉटस्टार पर कभी भी देख सकेंगे।
