सावन की रिमझिम फुहारों के बीच आठनेर में मना विश्व आदिवासी दिवस
संवाददाता :आशीष ठाकरे
नगरवासियों ने पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से किया आदिवासी समाज का जोरदार स्वागत, पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य रैली
आठनेर। सावन की रिमझिम फुहारों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आठनेर नगर में आदिवासी समाज की भव्य रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, युवा, जनप्रतिनिधि, सामाजिक प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि और नगरवासी शामिल हुए। आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, एकता और गौरव की झलक देखने को मिली।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज के वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन आठनेर नगर पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य एवं आदिवासी समाज के जननायक रामचरण इरपाचे के नेतृत्व में निकली रैली में युवाओं ने विशेष उत्साह के साथ सहभागिता की।
पारंपरिक वेशभूषा में निकली भव्य रैली
आठनेर नगर में निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में युवा और समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। डीजे की थाप और पारंपरिक उत्साह के बीच युवाओं ने नृत्य करते हुए रैली में भाग लिया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर समाज की एकता और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े नारे लगाए गए।
रैली आठनेर के मुख्य बस स्टैंड से प्रारंभ होकर मेन रोड, बाजार चौक, राम मंदिर मोहल्ला, पटेल मोहल्ला और हनुमान मोहल्ला होते हुए चक्रवर्ती मोहल्ला, तहसील रोड, अंबेडकर प्रतिमा और बिरसा मुंडा प्रतिमा के मार्ग से कार्यक्रम स्थल थाना ग्राउंड पहुंची।
पूरे मार्ग में रैली को लेकर नगरवासियों में भी उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत किया और समाजजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से हुआ स्वागत
जब आदिवासी समाज की रैली बाजार चौक पहुंची तो नगरवासियों की ओर से जोरदार स्वागत किया गया। ओमकार सोनी द्वारा पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ रैली का स्वागत किया गया।
इस दौरान समाज के लोगों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उपस्थित लोगों ने प्रतिभागियों पर फूल बरसाए और आयोजन में शामिल समाज के प्रतिनिधियों एवं आयोजकों का पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया।
स्वागत के दौरान नगर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। रैली में शामिल लोगों ने भी नगरवासियों के स्वागत के प्रति आभार व्यक्त किया।
थाना ग्राउंड में हुआ मुख्य कार्यक्रम
भव्य रैली के कार्यक्रम स्थल थाना ग्राउंड पहुंचने के बाद मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवन सिंह उईके ने की।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक एकता और विकास से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे। विश्व आदिवासी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे उपस्थित रहे।
इसके अलावा आठनेर नगर के विधायक प्रतिनिधि मनोज जगताप, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सूरज राठौर, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गायकवाड, पार्षद उमेश बारस्कर, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश झपाटे, संतोष झपाटे, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष हीरालाल सोनारे, रमेश आजाद, धनराज गावंडे, केलबेहरा, संजय धुर्वे, पूर्व सरपंच आठनेर राजेश अवस्थी, उमेश वटके, धनराज उईके, सुखदेव तायडे, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश सोनी और युवा पत्रकार आशीष ठाकरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके साथ ही विभिन्न पंचायतों से आए सरपंच, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में समाजजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
युवाओं में दिखा विशेष उत्साह
आयोजन की सबसे खास बात युवाओं की सक्रिय सहभागिता रही। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे युवाओं ने रैली में नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी परंपराओं का प्रदर्शन किया।
डीजे की थाप के बीच युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। रैली के दौरान युवाओं ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन
विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन के माध्यम से आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सामने लाने का प्रयास किया गया। पारंपरिक वेशभूषा, सामूहिक रैली और सांस्कृतिक उत्साह के माध्यम से समाज की विशिष्ट पहचान दिखाई दी।
वक्ताओं ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आधुनिक समय में विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना भी आवश्यक है।
एकता और सामाजिक सहभागिता का संदेश
कार्यक्रम में समाज की एकजुटता और सामाजिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया। उपस्थित समाजजनों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से शिक्षा, रोजगार, सामाजिक विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बेहतर ढंग से कार्य किया जा सकता है।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के वरिष्ठों ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ समापन
पूरे दिन आठनेर नगर में विश्व आदिवासी दिवस को लेकर उत्साह का माहौल रहा। रिमझिम बारिश के बीच निकली रैली ने आयोजन में विशेष रंग भर दिया। नगरवासियों द्वारा किए गए स्वागत ने कार्यक्रम में शामिल समाजजनों का उत्साह और बढ़ाया।
कार्यक्रम का संचालन जयचंद सरेयाम एवं भारत कुमरे ने किया। आयोजन के सफल समापन के बाद कार्यक्रम के आयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य रामचरण इरपाचे ने सभी उपस्थित अतिथियों, समाजजनों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और नगरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आठनेर में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस का यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बना। सावन की फुहारों के बीच निकली भव्य रैली और नगरवासियों द्वारा किए गए स्वागत ने आयोजन को यादगार बना दिया।
