केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 16 से 19 सितंबर तक गुना जिले के दौरे पर
बमोरी में डिग्री कॉलेज भवन और मुदरा हनुमान सब-स्टेशन का करेंगे लोकार्पण, चौपाल और जनसंवाद के माध्यम से सुनेंगे ग्रामीणों की समस्याएं
संवाददाता: अरुण लोधा
दैनिक स्वराज वाणी | बमोरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 16 से 19 सितंबर तक चार दिवसीय प्रवास पर गुना जिले में रहेंगे। इस दौरान वे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे और ग्रामीणों, हितग्राहियों एवं युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। प्रस्तावित दौरे में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन के साथ ग्रामीण चौपाल, सहरिया चौपाल, हितग्राही सम्मेलन और युवा संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री के चार दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, योजनाओं के हितग्राही और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।
17 सितंबर को बमोरी तहसील पहुंचेंगे सिंधिया
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया 17 सितंबर को बमोरी तहसील के दौरे पर रहेंगे। यहां वे नवीन डिग्री कॉलेज भवन और मुदरा हनुमान सब-स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। दोनों परियोजनाओं को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिग्री कॉलेज का नया भवन शुरू होने से बमोरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर शैक्षणिक एवं बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय अथवा अन्य शहरों का रुख करते हैं। स्थानीय स्तर पर सुविधायुक्त कॉलेज भवन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण परिवारों और छात्राओं को राहत मिल सकती है।
कॉलेज भवन के लोकार्पण से शिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने और विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज से जुड़ी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की जरूरतों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
मुदरा हनुमान सब-स्टेशन का होगा लोकार्पण
केंद्रीय मंत्री बमोरी प्रवास के दौरान मुदरा हनुमान सब-स्टेशन का भी लोकार्पण करेंगे। सब-स्टेशन शुरू होने से क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार होने तथा ग्रामीण और कृषि उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति खेती-किसानी, सिंचाई, घरेलू उपयोग और छोटे व्यवसायों के संचालन के लिए आवश्यक होती है। नए सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति का भार व्यवस्थित करने, वोल्टेज संबंधी समस्याओं को कम करने और संबंधित गांवों को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।
लोकार्पण कार्यक्रम में बिजली विभाग के अधिकारी सब-स्टेशन से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों और इसकी तकनीकी क्षमता से संबंधित जानकारी प्रस्तुत कर सकते हैं। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से बेहतर विद्युत व्यवस्था की अपेक्षा कर रहे हैं।
फतेहगढ़ और सिरसी में हितग्राही सम्मेलन
सिंधिया अपने दौरे में फतेहगढ़ और सिरसी में आयोजित हितग्राही सम्मेलनों में भी शामिल होंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया जाएगा।
हितग्राही सम्मेलन में आवास, खाद्यान्न, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कृषि और स्वरोजगार सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ मिलने और मैदानी स्तर पर आने वाली परेशानियों की जानकारी प्राप्त करेंगे।
ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य योजनाओं के लाभार्थियों से प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया लेना और पात्र नागरिकों तक शासकीय सहायता पहुंचाने में आने वाली समस्याओं को समझना होता है। ग्रामीणों को भी अपनी बात सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
पुलिया सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण
चार दिवसीय प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे। फतेहगढ़ और सिरसी क्षेत्र में पुलिया लोकार्पण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। पुलिया निर्माण से स्थानीय आवागमन सुगम होने और ग्रामीणों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि उपज के परिवहन और स्थानीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। बेहतर संपर्क मार्ग उपलब्ध होने से विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलती है।
सहरिया चौपाल में ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद
सिंधिया के दौरे में सहरिया चौपाल भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम होगा। चौपाल के माध्यम से वे सहरिया समुदाय के लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सरकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेंगे।
चौपाल में आवास, राशन, पेयजल, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वनाधिकार और सामाजिक सुरक्षा जैसे स्थानीय विषय उठाए जा सकते हैं। ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में कई विषयों पर तत्काल निर्देश दिए जाने की भी उम्मीद है।
युवाओं से संवाद पर रहेगा विशेष जोर
चार दिवसीय दौरे में युवा संवाद भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से केंद्रीय मंत्री जिले के युवाओं से शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, तकनीक, उद्यमिता और भविष्य की संभावनाओं पर बातचीत करेंगे।
गुना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के सामने उच्च शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित कई चुनौतियां हैं। युवा संवाद के दौरान विद्यार्थी और युवा अपनी अपेक्षाएं तथा सुझाव रख सकेंगे। डिजिटल तकनीक, संचार सेवाओं और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
गांवों में चौपाल लगाकर सुनेंगे जनसमस्याएं
केंद्रीय मंत्री का दौरा केवल औपचारिक लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा। वे गांवों में आयोजित चौपाल और जनसंवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इससे ग्रामीणों को स्थानीय मुद्दों को सीधे उनके सामने रखने का अवसर मिलेगा।
क्षेत्र के लोगों द्वारा सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, रोजगार और सरकारी योजनाओं से संबंधित विषय उठाए जाने की संभावना है। दौरे को देखते हुए संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी और लंबित मामलों का विवरण तैयार रखने की अपेक्षा की जा रही है।
दौरे से विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद
बमोरी सहित गुना जिले के लोगों को केंद्रीय मंत्री के इस चार दिवसीय दौरे से विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। डिग्री कॉलेज भवन और विद्युत सब-स्टेशन के लोकार्पण के साथ विभिन्न परियोजनाओं के भूमिपूजन से क्षेत्र में शिक्षा, बिजली और आवागमन संबंधी सुविधाओं को मजबूती मिल सकती है।
अब निगाहें 16 से 19 सितंबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और जनसंवाद पर रहेंगी। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि चौपालों में उठने वाली समस्याओं का संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध निराकरण किया जाएगा और प्रस्तावित विकास योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराया जाएगा।
