Ujjain के खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा बनी चर्चा का केंद्र, मशीनों से नहीं हिली मूर्ति
Ujjain । सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है। इसी क्रम में सती गेट के पास स्थित करीब 170 वर्ष पुराने खड़े हनुमान मंदिर को शिफ्ट करने की प्रक्रिया इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मंदिर भवन को हटाया जा चुका है, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को कई प्रयासों के बावजूद हटाया नहीं जा सका है। दावा किया जा रहा है कि भारी मशीनों के इस्तेमाल के बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से एक इंच तक नहीं हिली।
प्रतिमा को फिलहाल बारिश और अन्य संभावित नुकसान से बचाने के लिए उसके आसपास कैनोपी लगाई गई है। प्रतिमा को हटाने में आ रही कठिनाई के बीच मंदिर के पुजारी महेश बैरागी का बयान भी सामने आया है।
‘अब मेरे बस में भी नहीं’
मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने बातचीत में कहा कि पहले प्रतिमा को स्थानांतरित करने के लिए वे तैयार थे और प्रशासन के साथ स्थान परिवर्तन को लेकर चर्चा भी हुई थी। हालांकि, अब श्रद्धालुओं की भावनाओं और मंदिर से जुड़ी आस्था को देखते हुए स्थिति बदल गई है।
पुजारी के अनुसार, “पहले मेरे बस में था, लेकिन अब मेरे बस में नहीं है। अब केवल हनुमान जी की इच्छा से ही मूर्ति को हटाया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि प्रतिमा को स्थानांतरित करने से पहले कुछ शर्तें रखी गई थीं, जिनमें से अभी तक पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से पूरी नहीं हुई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ रही भीड़
प्रतिमा को मशीनों से नहीं हटाए जाने की खबर के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की बात कही जा रही है। पुजारी महेश बैरागी ने खड़े हनुमान मंदिर की धार्मिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां विराजमान हनुमान जी को कई श्रद्धालु ‘डॉक्टर हनुमान’ के रूप में भी मानते हैं। उनका कहना है कि लोग बच्चों की बीमारी और अन्य परेशानियों से राहत की कामना लेकर यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं।
पुजारी ने बताई अपनी शर्तें
पुजारी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि मंदिर को स्थानांतरित करने की स्थिति में नए स्थान के दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई थी, लेकिन दस्तावेजों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अपेक्षा थी किउज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़क और प्रतिमा को हटाने से पहले उन्हें लिखित रूप से जानकारी दी जाएगी, लेकिन अचानक लोगों के आने और काम शुरू करने से स्थिति बिगड़ गई।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हो रहा है स्थानांतरण
उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी के तहत कंठाल चौराहा से छत्री चौक के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सती गेट के समीप स्थित ऐतिहासिक खड़े हनुमान मंदिर को भी इसी परियोजना के तहत शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रशासन और नगर निगम की टीम प्रतिमा को स्थानांतरित करने के प्रयास कर रही है। इसके लिए क्रेन, जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद ली गई, लेकिन प्रतिमा को हटाने में सफलता नहीं मिली।
फिलहाल प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए कैनोपी लगाई गई है। प्रशासनिक कार्रवाई, मंदिर प्रबंधन की शर्तों और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच अब खड़े हनुमान प्रतिमा के स्थानांतरण को लेकर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है
