‘परिवर्तन जादू!’ पुस्तक में संजोया स्व. वल्लभ दास शर्मा का जीवन और संघर्ष
भोपाल, 25 अक्टूबर
जन्म शताब्दी वर्ष पर पुस्तक विमोचन समारोह
Bhopal : माता-पिता जीवन का संबल हैं। वे एक ऐसी भावना हैं, जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। उनके संघर्षों, संस्कारों और जीवन मूल्यों को पुस्तक के माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सराहनीय पहल है। यह विचार स्व. श्री वीडी शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर एवं जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में अतिथियों ने व्यक्त किए।
पुत्री ने शब्दों में संजोया जीवन
‘परिवर्तन जादू!’ नामक पुस्तक का लेखन उनकी पुत्री चंद्रिका चंद्र ने किया है। पुस्तक में श्री शर्मा के जीवन, संघर्षों और व्यक्तित्व को शब्दों में संजोया गया है। क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े रहने और छद्म नाम अपनाने के कारण वे ‘परिवर्तन बाबू’ के नाम से भी पहचाने गए।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संदेश भेजकर श्री शर्मा के सहज व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने पुस्तक प्रकाशन को अनुकरणीय बताया।
अतिथियों ने रखे विचार
मुख्य अतिथि सुश्री सीमा पांडे मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर, जीएसटी ने मां के त्याग और समर्पण को दोहों के माध्यम से व्यक्त किया।
श्री प्रमोद फरक्या, डायरेक्टर, विजिलेंस पब्लिसिटी, इंदौर ने कहा कि माता-पिता के संघर्षों और संस्कारों से प्रेरणा लेकर समाज को सकारात्मक योगदान देना चाहिए। उन्होंने अपने पिता की स्मृति में इस वर्ष 108 नीम के पौधे समर्पित किए हैं।
पत्रकार श्री भीम सिंह ने परिवार और परवरिश को व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने नई पीढ़ी से माता-पिता को समय देने और उनके अनुभवों का सम्मान करने का आग्रह किया।
सेवानिवृत्त ज्वाइंट डायरेक्टर जनसंपर्क श्री राजेश मलिक ने श्री वीडी शर्मा की विनम्रता और शालीनता का उल्लेख किया। उन्होंने उनसे जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग भी साझा किया।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों और परिवारजनों की उपस्थिति रही। संचालन सुश्री नंदिनी शर्मा और स्वाति शर्मा ने किया तथा आभार श्री जगदीश चोयल ने व्यक्त किया।
