उज्जैन शिप्रा नदी हादसा: SI मदनलाल निनामा का शव बरामद, लेडी कांस्टेबल आरती पाल की तलाश तीसरे दिन भी जारी
उज्जैन (मध्यप्रदेश), 9 सितंबर 2025। उज्जैन में शनिवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शिप्रा नदी में पुलिसकर्मियों की कार गिरने की घटना में अब तक दो शव बरामद हो चुके हैं, जबकि महिला आरक्षक आरती पाल का कोई सुराग नहीं मिला है। लगातार तीन दिनों से चल रहे रेस्क्यू अभियान के बावजूद सफलता अधूरी है।
हादसा कैसे हुआ?
शनिवार रात करीब 9 बजे उन्हेल थाना प्रभारी टीआई अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल एक केस की जांच के लिए जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरती पाल कार चला रही थीं। तभी बिना रेलिंग वाले पुल से वाहन सीधे उफनती शिप्रा नदी में जा गिरा। तेज बहाव के कारण कार तुरंत गहराई में समा गई।
अब तक क्या मिला?
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रविवार सुबह सबसे पहले टीआई अशोक शर्मा (58 वर्ष) का शव बरामद हुआ।
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सोमवार देर शाम तक सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान एसआई मदनलाल निनामा (57 वर्ष) का शव भी नदी से निकाल लिया गया।
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दोनों शव भैरवगढ़ इलाके से मिले, जबकि कार और महिला आरक्षक का अब तक कोई पता नहीं चल पाया।
टीआई अशोक शर्मा का अंतिम संस्कार उज्जैन में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। वहीं, एसआई मदनलाल निनामा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सैलाना (रतलाम जिला) ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
लेडी कांस्टेबल की तलाश जारी
30 वर्षीय महिला आरक्षक आरती पाल अभी तक लापता हैं। SDRF, NDRF, स्थानीय गोताखोर और पुलिस मिलकर उनकी तलाश कर रहे हैं।
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अब तक 150 से अधिक जवान, 50 गोताखोर, नावें, मोटरबोट और ड्रोन सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
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नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का बयान
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया, “शिप्रा नदी के तेज बहाव के चलते रेस्क्यू टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हर संभव संसाधन लगाए जा रहे हैं ताकि आरती पाल को जल्द खोजा जा सके।”
सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने कहा कि इस अभियान में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें लगातार दिन-रात जुटी हैं।
घटना ने छोड़ा दर्दनाक असर
यह हादसा उज्जैन पुलिस परिवार के लिए गहरा सदमा है।
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टीआई अशोक शर्मा उज्जैन के ही निवासी थे और उनकी विदाई नम आंखों से की गई।
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एसआई मदनलाल निनामा को भी पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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अब सभी की नजरें महिला आरक्षक आरती पाल की सुरक्षित खोज पर टिकी हैं।
निष्कर्ष
तीन दिन से जारी यह रेस्क्यू ऑपरेशन उज्जैन में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। हर किसी की दुआ है कि आरती पाल का पता जल्द से जल्द चल सके। प्रशासन ने साफ किया है कि जब तक लापता पुलिसकर्मी नहीं मिलते, तब तक सर्चिंग अभियान जारी रहेगा।
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