खड़े हनुमान मंदिर पर कांग्रेस का सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ
मंदिर हटाने के प्रयास का विरोध, बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे
Ujjain। खड़े हनुमान मंदिर को हटाने के प्रयास के विरोध में उज्जैन शहर कांग्रेस कमेटी ने मंदिर परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर मंदिर को यथास्थान बनाए रखने की मांग उठाई। सामूहिक पाठ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हनुमान से मंदिर की रक्षा और धार्मिक आस्था के इस केंद्र को सुरक्षित रखने की प्रार्थना की।
भक्तिमय माहौल में लगाए जय श्री राम के जयकारे
हनुमान चालीसा पाठ के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांग्रेस कार्यकर्ता मंदिर परिसर में पहुंचे। पाठ के बाद श्रद्धालुओं ने जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयकारे लगाए। आयोजन के दौरान मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में भावनात्मक जुड़ाव भी देखने को मिला।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी, विधायक महेश परमार, दिनेश जैन बॉस, दिलीप गुर्जर, राहुल भाटी, गजेंद्र मारोठिया, अर्पित दुबे और रवि राय सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था के केंद्र को हटाना स्वीकार नहीं
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खड़े हनुमान मंदिर शहर की धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर किसी धार्मिक आस्था के केंद्र को हटाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि शहर में विकास और धार्मिक आस्था, दोनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यदि किसी विकास परियोजना के कारण मंदिर प्रभावित हो रहा है तो प्रशासन को श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
प्रशासन से मंदिर को सुरक्षित रखने की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि खड़े हनुमान मंदिर को यथास्थान सुरक्षित रखने के लिए उचित विकल्प तलाशा जाए। उनका कहना है कि मंदिर से शहर के लोगों की धार्मिक भावनाएं और आस्था जुड़ी हुई हैं। ऐसे में किसी भी निर्णय से पहले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाते समय धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और जनभावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
— प्रियंका गुजराती
दैनिक स्वराज वाणी
