Ujjain में मां के सामने 3 साल का बच्चा बोरवेल में गिरा 70 फीट गहराई में फंसा, SDRF का रेस्क्यू जारी
मध्यप्रदेश के Ujjain जिले के बड़नगर क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। झालरिया गांव के पास एक तीन साल का मासूम बच्चा अपनी मां के सामने खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस-प्रशासन की टीम पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।
खेलते-खेलते बोरवेल में गिरा मासूम
जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की है। बच्चा अपने परिवार के साथ खेत में मौजूद था, जहां वह खेल रहा था। अचानक वह असावधानीवश खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। बताया जा रहा है कि बच्चा लगभग 70 फीट गहराई में फंसा हुआ है, जिससे उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में मदद शुरू कर दी। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए हैं और प्रशासनिक टीम के साथ सहयोग कर रहे हैं।
राजस्थान का रहने वाला है परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह परिवार राजस्थान के पाली जिला से संबंधित है। परिवार पिछले कुछ दिनों से भेड़ पालन के लिए क्षेत्र में खेतों में रुका हुआ था। बच्चे के पिता का नाम प्रवीण देवासी बताया जा रहा है।
परिवार खेत में ही अस्थायी रूप से रह रहा था, तभी यह दुखद हादसा हुआ। मासूम की पहचान भागीरथ के रूप में हुई है, जिसकी उम्र मात्र तीन वर्ष बताई जा रही है।
कैमरे की मदद से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। बोरवेल के अंदर कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। कैमरे के माध्यम से यह भी कोशिश की जा रही है कि बच्चे से संपर्क स्थापित किया जा सके।
इसके साथ ही भारी मशीनरी जैसे जेसीबी की मदद से पास में खुदाई की जा रही है ताकि एक सुरक्षित रास्ता बनाकर बच्चे तक पहुंचा जा सके। SDRF की टीम पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन चला रही है।
SDRF और प्रशासन मौके पर तैनात
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी सूचना दे दी गई है और वे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
टीमों का मुख्य उद्देश्य बच्चे को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए लगातार तकनीकी और मैन्युअल दोनों तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों में चिंता और भीड़
Ujjain घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और भय का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए हैं और बचाव कार्य को देख रहे हैं। सभी लोग मासूम की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोरवेल खुले होने की वजह से यह बड़ा हादसा हुआ। प्रशासन अब आसपास के खुले बोरवेल को लेकर भी जांच और कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
लगातार जारी है रेस्क्यू अभियान
रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। कैमरे की मदद से बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित करने में लगी है कि खुदाई के दौरान किसी भी तरह का जोखिम न हो।
प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन को पूरी सावधानी के साथ अंजाम दिया जा रहा है ताकि मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
निष्कर्ष
Ujjain का यह हादसा बेहद गंभीर और संवेदनशील है। तीन साल का मासूम 70 फीट गहरे बोरवेल में फंसा हुआ है और SDRF की टीम लगातार उसे सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी है। पूरा प्रशासनिक तंत्र मौके पर सक्रिय है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
