<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Soybean Farmers &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/soybean-farmers/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Thu, 01 Oct 2026 11:08:19 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>Soybean Farmers &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरों का टोटा, बढ़ी मजदूरी से किसान चिंतित</title>
		<link>https://swarajvani.com/soybean-harvesting-faces-labour-shortage-in-padana/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 11:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Padana]]></category>
		<category><![CDATA[Labour Shortage]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Crop]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farming]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Harvest]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Harvesting]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=362557</guid>

					<description><![CDATA[सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरों का टोटा, बढ़ी मजदूरी से किसान चिंतित पड़ाना में कटाई सीजन शुरू होते ही बढ़ी मजदूरों की मांग, पिछले साल के मुकाबले मजदूरी में करीब ... <a title="सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरों का टोटा, बढ़ी मजदूरी से किसान चिंतित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/soybean-harvesting-faces-labour-shortage-in-padana/" aria-label="Read more about सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरों का टोटा, बढ़ी मजदूरी से किसान चिंतित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>सोयाबीन कटाई के लिए मजदूरों का टोटा, बढ़ी मजदूरी से किसान चिंतित</strong></h1>
<h3>पड़ाना में कटाई सीजन शुरू होते ही बढ़ी मजदूरों की मांग, पिछले साल के मुकाबले मजदूरी में करीब 2 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक बढ़ोतरी</h3>
<p><strong>पड़ाना।</strong> सोयाबीन कटाई का सीजन शुरू होते ही गांवों की दिनचर्या बदल गई है। खेतों में किसान और उनके परिवार के सदस्य सुबह से शाम तक फसल समेटने में जुटे हैं। दूसरी ओर मजदूरों की कमी और बढ़ी मजदूरी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले साल जहां सोयाबीन कटाई के लिए करीब 6 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर मजदूरी ली जा रही थी, वहीं इस बार मजदूर 8 हजार रुपए तक मांग रहे हैं। अधिक मजदूरी देने के बावजूद किसानों को पर्याप्त संख्या में मजदूर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।</p>
<p>कई किसान एक खेत की कटाई पूरी होने के बाद दूसरे खेत से मजदूर आने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ किसान मजदूरों की तलाश में गांव-गांव घूम रहे हैं। ऐसे में समय पर फसल कटाई पूरी करना किसानों के लिए चुनौती बन गया है।Soybean Harvesting Faces Labour Shortage in Padana</p>
<h2><strong>मौसम की चिंता, जल्द फसल समेटने की कोशिश</strong></h2>
<p>बारिश के बाद खेतों में नमी और कई स्थानों पर पानी जमा होने से किसान पहले ही परेशान हैं। इसके अलावा कभी तेज धूप तो कभी अचानक बादल छाने से मौसम को लेकर चिंता बनी हुई है। पक चुकी सोयाबीन की फलियों के चटकने और दाना खेत में गिरने का खतरा किसानों को सता रहा है।</p>
<p>इसी कारण किसान अधिक मजदूरी देने के बावजूद फसल की कटाई जल्द पूरी कराने का प्रयास कर रहे हैं। खेतों में अधिक नमी होने के कारण कई जगह हार्वेस्टर और रीपर मशीनों का संचालन भी मुश्किल हो रहा है। इससे मजदूरों पर निर्भरता और बढ़ गई है।</p>
<h2><strong>परिवार के सदस्य संभाल रहे कटाई की जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>मजदूर नहीं मिलने और महंगी मजदूरी के चलते कई किसान परिवार के सदस्यों को ही कटाई के काम में लगा रहे हैं। सुबह से महिलाएं, पुरुष और बड़े बच्चे खेतों में सोयाबीन काटते नजर आ रहे हैं।</p>
<p>किसान विशाल पाटीदार, नाहरसिंह गुर्जर, रामबाबू परमार, पप्पू खाती, शरीफ मंसूरी और रघु परमार ने बताया कि मजदूरों की कमी के कारण परिवार के सदस्य मिलकर फसल कटाई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर मजदूर नहीं मिलने से कटाई में देरी हो रही है और मजदूरी की बढ़ी दर से उत्पादन लागत भी बढ़ रही है।</p>
<h2><strong>बाजार और स्कूलों पर भी असर</strong></h2>
<p>कटाई के सीजन का असर गांव के बाजारों और स्कूलों में भी दिखाई दे रहा है। किसान और उनके परिवार सुबह से खेतों में व्यस्त होने के कारण बाजारों में पहले जैसी चहल-पहल नहीं है। वहीं कुछ परिवारों के बच्चे भी खेतों में हाथ बंटाने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।</p>
<p>कुछ किसान मौसम और खेत की स्थिति अनुकूल होने पर हार्वेस्टर से कटाई करा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अभी भी मजदूरों की तलाश में हैं। किसानों के सामने एक ओर फसल को समय पर सुरक्षित घर पहुंचाने की चिंता है, तो दूसरी ओर मजदूरी और कटाई का बढ़ता खर्च उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मध्य प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन, जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-bhavantar-yojana-soybean-registration-to-begin-on-octobe/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 09:43:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Bhavantar Yojana Registration 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh farmers]]></category>
		<category><![CDATA[P Bhavantar Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Registration]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=362456</guid>

					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन, जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी भोपाल। मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के पंजीयन ... <a title="मध्य प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन, जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-bhavantar-yojana-soybean-registration-to-begin-on-octobe/" aria-label="Read more about मध्य प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन, जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मध्य प्रदेश में सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन, जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी</strong></h1>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के पंजीयन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, किसान 3 अक्टूबर 2026 से योजना के लिए अपना पंजीयन करा सकेंगे। कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। पंजीयन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया और योजना की शर्तों को समझना महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p>हालांकि, दिए गए विवरण में भुगतान की राशि, उसकी गणना और खाते में पैसा आने की समयसीमा का उल्लेख नहीं है। इसलिए केवल पंजीयन कराते ही किसानों के खाते में निर्धारित राशि जमा होने का दावा इस जानकारी से पुष्ट नहीं होता।</p>
<h2><strong>3 अक्टूबर से पंजीयन शुरू होने की जानकारी</strong></h2>
<p>उपलब्ध समाचार के मुताबिक, मध्य प्रदेश में सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के अंतर्गत पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होगा। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए यह तारीख महत्वपूर्ण है। पंजीयन के माध्यम से किसानों और उनकी फसल से संबंधित विवरण दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>
<p>समाचार की शुरुआती पंक्तियों में पंजीयन की शुरुआत होने की बात कही गई है, जबकि आगे किसानों के लिए 3 अक्टूबर से पंजीयन कराने की तारीख दी गई है। इस आधार पर खबर में आवेदन शुरू होने की तारीख 3 अक्टूबर बताई गई है। पंजीयन की अंतिम तिथि का स्पष्ट उल्लेख उपलब्ध मुख्य विवरण में नहीं है।</p>
<h2><strong>कृषि विभाग ने कलेक्टरों को जारी किए निर्देश</strong></h2>
<p>दी गई जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किए हैं। यह निर्देश सोयाबीन भावांतर योजना के पंजीयन से संबंधित बताए गए हैं। जिला स्तर पर पंजीयन की व्यवस्था और किसानों को प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए विभागीय निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।</p>
<p>हालांकि, आदेश की पूरी प्रति उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसके कारण पंजीयन केंद्रों की संख्या, आवेदन के माध्यम, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और सत्यापन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण स्पष्ट नहीं है। किसान अपने जिले के कृषि विभाग अथवा अधिकृत पंजीयन केंद्र से इन विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>पंजीयन और भुगतान की प्रक्रिया समझना जरूरी</strong></h2>
<p>योजना के लिए पंजीयन कराना और आर्थिक सहायता का भुगतान होना दो अलग चरण हैं। पंजीयन में आवेदन दर्ज होता है, जबकि भुगतान संबंधित योजना की पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार होता है। इस समाचार में भुगतान से जुड़ी विस्तृत शर्तें नहीं दी गई हैं।</p>
<p>इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि आवेदन दर्ज होते ही प्रत्येक किसान के बैंक खाते में पैसा पहुंच जाएगा। भुगतान किस आधार पर होगा, कितनी मात्रा की फसल पर लाभ मिलेगा और किन विवरणों का सत्यापन किया जाएगा, इसकी जानकारी संबंधित आधिकारिक निर्देशों से ही स्पष्ट हो सकेगी। किसानों को आवेदन करते समय इन पहलुओं को भी समझना चाहिए।</p>
<h2><strong>कितनी राशि मिलेगी, विवरण में स्पष्ट नहीं</strong></h2>
<p>मूल शीर्षक में पंजीयन के बाद खाते में रुपये आने का संकेत दिया गया है, लेकिन समाचार के उपलब्ध हिस्से में किसी निश्चित राशि का उल्लेख नहीं है। प्रति किसान मिलने वाली रकम या प्रति क्विंटल सहायता की दर भी नहीं बताई गई है।</p>
<p>ऐसे में किसी राशि को निश्चित लाभ के रूप में प्रकाशित करना किसानों के बीच भ्रम पैदा कर सकता है। योजना की भुगतान दर, गणना का आधार और राशि जारी होने की समयसीमा स्पष्ट होने के बाद ही इस संबंध में सही जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल उपलब्ध विवरण पंजीयन की शुरुआत और जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी होने तक सीमित है।</p>
<h2><strong>आवेदन से पहले प्रक्रिया की जानकारी लें किसान</strong></h2>
<p>पंजीयन की तैयारी कर रहे किसानों को अधिकृत माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया समझ लेनी चाहिए। आवश्यक दस्तावेज, बैंक खाते का विवरण, भूमि और फसल से संबंधित जानकारी किस रूप में मांगी जाएगी, इसकी पुष्टि पंजीयन केंद्र से करना उपयोगी होगा।</p>
<p>उपलब्ध समाचार में अनिवार्य दस्तावेजों की सूची नहीं दी गई है। इसलिए किसी दस्तावेज को इस वर्ष की प्रक्रिया में निश्चित रूप से अनिवार्य बताना उचित नहीं होगा। किसान आवेदन में दर्ज जानकारी ध्यान से जांचें और पंजीयन पूरा होने पर मिलने वाली रसीद अथवा आवेदन संख्या सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आवेदन की स्थिति पता की जा सके।</p>
<h2><strong>भावांतर और उपार्जन की शर्तों पर रखें ध्यान</strong></h2>
<p>दिए गए समाचार में भावांतर योजना के साथ सोयाबीन उपार्जन शब्द का भी इस्तेमाल किया गया है। किसानों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि संबंधित आदेश में फसल बिक्री, सरकारी खरीद और मूल्य अंतर के भुगतान को लेकर क्या व्यवस्था निर्धारित की गई है।</p>
<p>केवल पंजीयन की घोषणा से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सरकार प्रत्येक पंजीकृत किसान की पूरी उपज सीधे खरीदेगी। इसी तरह बिक्री की अवधि, पात्र मात्रा और भुगतान का आधार भी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। इन शर्तों की जानकारी आधिकारिक आदेश से लेना आवश्यक होगा।</p>
<h2><strong>आधिकारिक सूचना से स्पष्ट होगी पूरी व्यवस्था</strong></h2>
<p>सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए फिलहाल प्रमुख सूचना 3 अक्टूबर से पंजीयन शुरू होने की है। कृषि विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आवेदन की अंतिम तारीख, पात्रता, पंजीयन माध्यम और भुगतान संबंधी नियमों की पुष्टि से किसानों को पूरी प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सोयाबीन भावांतर योजना: 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन, किसानों को मिलेगा भाव के अंतर का भुगतान</title>
		<link>https://swarajvani.com/soybean-bhavantar-scheme-2026-registration-opens-october-3-deadline-october/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 13:26:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Bhavantar Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[E-Uparjan Portal]]></category>
		<category><![CDATA[Farmer Registration]]></category>
		<category><![CDATA[Price Deficit Payment Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=362317</guid>

					<description><![CDATA[सोयाबीन भावांतर योजना: 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन, किसानों को मिलेगा भाव के अंतर का भुगतान दैनिक स्वराज वाणी &#124; इंदौर इंदौर। खरीफ सीजन 2026-27 में सोयाबीन किसानों को ... <a title="सोयाबीन भावांतर योजना: 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन, किसानों को मिलेगा भाव के अंतर का भुगतान" class="read-more" href="https://swarajvani.com/soybean-bhavantar-scheme-2026-registration-opens-october-3-deadline-october/" aria-label="Read more about सोयाबीन भावांतर योजना: 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन, किसानों को मिलेगा भाव के अंतर का भुगतान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>सोयाबीन भावांतर योजना: 3 से 17 अक्टूबर तक पंजीयन, किसानों को मिलेगा भाव के अंतर का भुगतान</strong></h1>
<p><strong>दैनिक स्वराज वाणी | इंदौर</strong></p>
<p><strong>इंदौर।</strong> खरीफ सीजन 2026-27 में सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम के तहत मंडी में सोयाबीन बेचने वाले पात्र किसानों को निर्धारित मॉडल भाव और वास्तविक बिक्री भाव के बीच के अंतर की राशि दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक होगा। पंजीयन प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगी। इसके लिए आधार सत्यापन और बैंक खाते की जानकारी अनिवार्य होगी।</p>
<h2><strong>सोयाबीन के बिक्री भाव में अंतर की मिलेगी राशि</strong></h2>
<p>सोयाबीन की उपज बेचते समय मिलने वाला भाव किसान की आमदनी को प्रभावित करता है। भावांतर योजना के अंतर्गत निर्धारित मॉडल भाव और मंडी में हुई वास्तविक बिक्री के भाव के बीच के अंतर के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र किसानों को भाव के अंतर की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>योजना में मंडी में उपज का विक्रय होने के बाद भुगतान का प्रावधान बताया गया है। इसलिए पंजीयन और उपज की बिक्री, दोनों इस प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण चरण हैं। किसान योजना का लाभ लेने से पहले पंजीयन संबंधी जानकारी और बिक्री से जुड़ी शर्तों को समझ लें, ताकि आवेदन करते समय किसी प्रकार की उलझन न रहे।</p>
<h2><strong>3 अक्टूबर से शुरू होगा पंजीयन</strong></h2>
<p>ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। सोयाबीन उत्पादकों के लिए यह समयसीमा महत्वपूर्ण है, क्योंकि योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन आवश्यक बताया गया है। किसानों को निर्धारित अवधि के भीतर अपनी पंजीयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</p>
<p>पंजीयन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर है। किसान आवेदन के लिए अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी जानकारी तैयार कर सकते हैं। इससे आधार सत्यापन या बैंक खाते के विवरण में कोई समस्या सामने आने पर उसे समझने और सुधारने के लिए समय मिल सकेगा। पंजीयन पूरा करते समय दर्ज विवरण की जांच करना भी आवश्यक है।</p>
<h2><strong>आधार सत्यापन और बैंक खाता अनिवार्य</strong></h2>
<p>योजना के पंजीयन में आधार सत्यापन अनिवार्य होगा। इसके साथ किसान को बैंक खाते की जानकारी भी देनी होगी। इसलिए पंजीयन कराने से पहले आधार और बैंक खाते से संबंधित विवरण उपलब्ध रखना उपयोगी रहेगा। आवेदन में नाम तथा अन्य जानकारी भरते समय दस्तावेजों से उसका मिलान कर लें।</p>
<p>किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि पंजीयन के दौरान मांगी गई जानकारी सही और स्पष्ट हो। यदि आधार सत्यापन पूरा नहीं होता या बैंक खाते की जानकारी दर्ज करने में परेशानी आती है, तो संबंधित पंजीयन व्यवस्था से सहायता लेकर प्रक्रिया पूरी कराएं। केवल जानकारी भर देना पर्याप्त मानने के बजाय पंजीयन की स्थिति भी देख लें।</p>
<h2><strong>मंडी में बिक्री के बाद लागू होगी भुगतान प्रक्रिया</strong></h2>
<p>उपलब्ध विवरण के अनुसार, भावांतर राशि की व्यवस्था सोयाबीन की मंडी में बिक्री होने के बाद लागू होगी। भुगतान का आधार निर्धारित मॉडल भाव और वास्तविक बिक्री भाव के बीच का अंतर होगा। हालांकि, साझा जानकारी में मॉडल भाव की गणना, भुगतान की तारीख और पात्र मात्रा का विस्तृत उल्लेख नहीं दिया गया है।</p>
<p>ऐसे में किसान किसी निश्चित भुगतान राशि का अनुमान लगाने से पहले योजना के विस्तृत निर्देश देखें। मंडी में बिक्री करते समय प्राप्त दस्तावेज और पंजीयन संबंधी विवरण संभालकर रखना उपयोगी होगा। ये विवरण बिक्री तथा आवेदन की जानकारी समझने में मदद कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>समयसीमा के भीतर पूरी करें प्रक्रिया</strong></h2>
<p>सोयाबीन किसानों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी जानकारी पंजीयन की अवधि है। 3 अक्टूबर से आवेदन शुरू होंगे और 17 अक्टूबर अंतिम तारीख रहेगी। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान इस अवधि में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराएं तथा आधार सत्यापन और बैंक खाते की जानकारी पूरी करें।</p>
<p>पंजीयन के साथ योजना की पात्रता और मंडी विक्रय संबंधी निर्देशों को भी ध्यान से पढ़ें। भावांतर भुगतान का वास्तविक निर्धारण योजना की लागू शर्तों के अनुसार होगा। इसलिए किसान पंजीयन, बिक्री और भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक निर्देशों को आधार बनाएं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बेसहारा पशुओं से किसान और राहगीर परेशान, खेतों में घुसकर सोयाबीन की फसल कर रहे चौपट</title>
		<link>https://swarajvani.com/padana-news-stray-cattle-damage-soybean-crops-farmers-forced-to-guard-fields-at-night-road-accidents-risk-rises/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:01:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Padana]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture News]]></category>
		<category><![CDATA[Padana News]]></category>
		<category><![CDATA[Road Accident Risk]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Stray Cattle on Roads]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=352635</guid>

					<description><![CDATA[बेसहारा पशुओं से किसान और राहगीर परेशान, खेतों में घुसकर सोयाबीन की फसल कर रहे चौपट पड़ाना क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे पशुओं से हादसों का खतरा, रातभर खेतों ... <a title="बेसहारा पशुओं से किसान और राहगीर परेशान, खेतों में घुसकर सोयाबीन की फसल कर रहे चौपट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/padana-news-stray-cattle-damage-soybean-crops-farmers-forced-to-guard-fields-at-night-road-accidents-risk-rises/" aria-label="Read more about बेसहारा पशुओं से किसान और राहगीर परेशान, खेतों में घुसकर सोयाबीन की फसल कर रहे चौपट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>बेसहारा पशुओं से किसान और राहगीर परेशान, खेतों में घुसकर सोयाबीन की फसल कर रहे चौपट</strong></h1>
<h2><strong>पड़ाना क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे पशुओं से हादसों का खतरा, रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर किसान; गौशालाओं और पशु आश्रय की व्यवस्था पर उठे सवाल</strong></h2>
<div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div class="" data-turn-id-container="request-WEB:a2f02cea-d938-4461-98d9-118069a3e666-104" data-is-intersecting="true">
<section class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none has-data-writing-block:pointer-events-none [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(--thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:a2f02cea-d938-4461-98d9-118069a3e666-104" data-turn-id-container="request-WEB:a2f02cea-d938-4461-98d9-118069a3e666-104" data-testid="conversation-turn-210" data-turn="assistant">
<div class="text-base my-auto mx-auto pb-8 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" data-conversation-screenshot-content="">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" dir="auto" tabindex="0" data-message-author-role="assistant" data-message-id="48ca6234-10f2-4903-9b09-855b3d9af927" data-message-model-slug="gpt-5-6" data-turn-start-message="true">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="0" data-end="33" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><strong data-start="0" data-end="33" data-is-last-node="" data-is-only-node="">संवाददाता:  मनोज कुमार पुष्पद</strong></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start"><strong style="font-size: inherit;">पड़ाना।</strong><span style="font-size: inherit;"> नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा और आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या किसानों के साथ-साथ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़कों पर पशुओं के झुंड दिखाई देने से जहां दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं खेतों में घुसकर ये पशु खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि वर्तमान में सबसे ज्यादा नुकसान सोयाबीन की फसल को हो रहा है।</span></div>
</div>
</div>
</section>
</div>
</div>
<p>क्षेत्र में गौवंश को गौशालाओं और पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रबंध अपेक्षित रूप से कारगर दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि दिन के साथ रात में भी पशु सड़कों और खेतों में बेरोकटोक घूमते दिखाई देते हैं।</p>
<h3><strong>सड़कों पर पशुओं के झुंड से दुर्घटना का खतरा</strong></h3>
<p>पड़ाना और आसपास के मार्गों पर बेसहारा पशुओं की मौजूदगी वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। कई बार पशु अचानक सड़क के बीच आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या वाहन की दिशा बदलने की स्थिति बनती है।</p>
<p>रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। कम रोशनी में सड़क पर बैठे या घूमते पशु वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।</p>
<h3><strong>किसानों की सोयाबीन फसल को नुकसान</strong></h3>
<p>बेसहारा पशुओं से सबसे अधिक परेशान क्षेत्र के किसान हैं। किसानों के अनुसार गोवंश और अन्य पशु झुंड बनाकर खेतों में प्रवेश कर जाते हैं और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।</p>
<p>वर्तमान में खेतों में लगी सोयाबीन की फसल इन पशुओं से विशेष रूप से प्रभावित हो रही है। किसान कई महीनों तक मेहनत और आर्थिक निवेश कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन पशुओं का झुंड खेत में पहुंचने पर कुछ ही समय में फसल के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा देता है।</p>
<h3><strong>रातभर खेतों की रखवाली करने की मजबूरी</strong></h3>
<p>क्षेत्र के कई गांवों में हालात ऐसे हैं कि किसानों को दिन के साथ रात में भी खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है। फसल को बेसहारा पशुओं से बचाने के लिए किसान रातभर खेतों में मौजूद रहते हैं।</p>
<p>इसके बावजूद फसल को पूरी तरह सुरक्षित रख पाना मुश्किल हो रहा है। किसान बताते हैं कि एक खेत से पशुओं को भगाने पर वे दूसरे खेत में पहुंच जाते हैं। इससे आसपास के लगभग सभी किसानों को लगातार निगरानी करनी पड़ती है।</p>
<h3><strong>मेड़ और तार फेंसिंग भी नहीं रोक पा रही पशुओं को</strong></h3>
<p>किसान <strong>राजेश परमार, महेश खाती और बाबूलाल गुर्जर</strong> सहित अन्य किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल को बेसहारा पशुओं से सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।</p>
<p>किसानों के अनुसार फसल बचाने के लिए खेतों के आसपास मेड़ और तार फेंसिंग जैसे इंतजाम किए गए हैं, लेकिन कई बार पशु मेड़ पार कर या फेंसिंग के बीच से खेतों में प्रवेश कर जाते हैं। कुछ स्थानों पर फेंसिंग भी क्षतिग्रस्त हो जाती है।</p>
<p>इससे किसानों को फसल के नुकसान के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ रही है।</p>
<h3><strong>पशु आश्रय व्यवस्था के प्रभाव पर किसानों ने उठाए सवाल</strong></h3>
<p>किसान <strong>विकास जाट, रघु परमार और कैलाश गुर्जर</strong> ने बताया कि शासन की ओर से गोवंश संरक्षण और पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है, लेकिन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशुओं के खुले घूमने के कारण इन व्यवस्थाओं का पर्याप्त प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।</p>
<p>किसानों का कहना है कि यदि बेसहारा गोवंश को व्यवस्थित तरीके से नजदीकी गौशालाओं या निर्धारित पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए तो किसानों और वाहन चालकों दोनों को राहत मिल सकती है।</p>
<h3><strong>किसानों ने की स्थायी समाधान की मांग</strong></h3>
<p>क्षेत्र के किसानों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल समय-समय पर पशुओं को सड़क से हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए उचित आश्रय, चारे-पानी और नियमित निगरानी की व्यवस्था भी जरूरी है।</p>
<p>किसानों ने मांग की है कि प्रशासन और संबंधित विभाग क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़कों और खेतों में घूम रहे बेसहारा पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशालाओं अथवा पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।</p>
<p>किसानों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो खड़ी फसलों को और नुकसान हो सकता है। साथ ही सड़कों पर घूमते पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-cabinet-decisions-2026-soybean-research-center-in-ichhawar-bhopal-vidisha-six-lane-project-approved/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Aug 2026 09:08:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[Bhawankhedi Ichhawar]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Vidisha Road]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Vidisha Six Lane]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Research]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=344985</guid>

					<description><![CDATA[MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी मोहन यादव कैबिनेट के कई अहम फैसले, देवास ... <a title="MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-cabinet-decisions-2026-soybean-research-center-in-ichhawar-bhopal-vidisha-six-lane-project-approved/" aria-label="Read more about MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी</strong></h1>
<h2><strong>मोहन यादव कैबिनेट के कई अहम फैसले, देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क अधोसंरचना, कृषि अनुसंधान, महिला सम्मान और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी दी।</p>
<p>कैबिनेट के फैसलों में <strong>सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में सोयाबीन रिसर्च सेंटर स्थापित करने</strong>, भोपाल-विदिशा मार्ग को सिक्स लेन में विकसित करने और देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित करने का निर्णय प्रमुख है। इसके अलावा रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाने का फैसला भी किया गया है।</p>
<h2><strong>इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर</strong></h2>
<p>मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर वैज्ञानिक स्तर पर अध्ययन करने के लिए इछावर के भावखेड़ी में रिसर्च यूनिट स्थापित की जाएगी।</p>
<p>कैबिनेट के अनुसार <strong>नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।</strong> यह जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित किए जाने की बात कही गई है।</p>
<p>रिसर्च सेंटर में सोयाबीन की फसल को प्रभावित करने वाली विभिन्न बीमारियों और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं पर अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को फसल की बीमारी, उत्पादन में कमी और उससे जुड़े अन्य मामलों के समाधान के लिए वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है।</p>
<p>मध्य प्रदेश देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है। ऐसे में इछावर में रिसर्च यूनिट स्थापित होने से कृषि अनुसंधान और किसानों को तकनीकी सहयोग मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>भोपाल-विदिशा रोड होगा सिक्स लेन</strong></h2>
<p>कैबिनेट ने <strong>भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन</strong> को भी मंजूरी दी है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी क्षेत्र के तहत इस मार्ग को वर्तमान दो लेन से बढ़ाकर सिक्स लेन करने की योजना है।</p>
<p>परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब <strong>1,757 करोड़ रुपये</strong> बताई गई है। जानकारी के अनुसार पहले करीब 1,467.42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जबकि बाद में 1,617.70 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई।</p>
<p>परियोजना में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि से जुड़े मुआवजे के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है। बताया गया कि कृषि भूमि के लिए 140 रुपये की दर से संबंधित प्रावधान किया गया है।</p>
<p>इस सड़क परियोजना को पूरा करने के लिए <strong>17 वर्ष की अवधि</strong> निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। सिक्स लेन सड़क बनने के बाद भोपाल और विदिशा के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए न्यायिक आयोग</strong></h2>
<p>देवास में पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और ऐसे मामलों की विस्तृत जांच के लिए सरकार ने <strong>एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग</strong> गठित करने का फैसला किया है।</p>
<p>स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि आयोग इस तरह की घटनाओं के कारणों की जांच करेगा। आयोग में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया जाएगा।</p>
<p>इस जांच का उद्देश्य औद्योगिक और विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की पहचान करना भी होगा। जांच के दौरान हादसे के कारणों, जिम्मेदारियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।</p>
<p>सरकार के इस फैसले को औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि दोगुनी</strong></h2>
<p>कैबिनेट बैठक में महिलाओं के सम्मान से जुड़ा भी अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने <strong>रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये</strong> करने का फैसला किया है।</p>
<p>पहले इस पुरस्कार के तहत 1 लाख रुपये की राशि दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।</p>
<p>यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में साहस और संघर्ष के साथ उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं के योगदान को पहचान देना और उनके साहस को सम्मानित करना है।</p>
<h2><strong>संघर्षशील महिलाओं को भी मिलेगा सम्मान</strong></h2>
<p>कैबिनेट में महिलाओं के लिए एक अन्य सम्मान को लेकर भी फैसला किया गया है। विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को <strong>2 लाख रुपये का पुरस्कार</strong> देने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>सरकार की ओर से ऐसे पुरस्कारों के माध्यम से उन महिलाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने कार्य और साहस से समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।</p>
<h2><strong>वन प्रबंधन समितियों के श्रमिकों के लाभांश पर भी चर्चा</strong></h2>
<p>कैबिनेट बैठक में वन प्रबंधन समितियों के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों को मिलने वाले लाभांश से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में लाभांश का लाभ केवल <strong>मध्य प्रदेश के मूल निवासी श्रमिकों</strong> को देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।</p>
<p>इसलिए फिलहाल इसे कैबिनेट के अंतिम फैसले के तौर पर नहीं माना जा सकता। सरकार की ओर से आगे इस संबंध में स्पष्ट निर्णय या आदेश जारी किए जाने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आएगी।</p>
<h2><strong>कृषि और सड़क विकास पर सरकार का फोकस</strong></h2>
<p>मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से सरकार के दो प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस दिखाई देता है। एक ओर सोयाबीन रिसर्च सेंटर के माध्यम से कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर भोपाल-विदिशा सिक्स लेन परियोजना के जरिए सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की योजना है।</p>
<p>सोयाबीन रिसर्च सेंटर से फसल की बीमारियों और उत्पादन संबंधी चुनौतियों पर वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं सिक्स लेन सड़क परियोजना से भोपाल और विदिशा के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>सुरक्षा और महिला सम्मान से जुड़े फैसले भी अहम</strong></h2>
<p>कैबिनेट के अन्य फैसलों में औद्योगिक सुरक्षा और महिला सम्मान को भी प्राथमिकता दी गई है। देवास जैसे औद्योगिक हादसों की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन भविष्य में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।</p>
<p>वहीं रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने से साहस और संघर्ष करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में</strong></h2>
<ul>
<li>इछावर के भावखेड़ी में सोयाबीन रिसर्च यूनिट स्थापित होगी।</li>
<li>नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क दी जाएगी।</li>
<li>भोपाल-विदिशा टू लेन सड़क को सिक्स लेन में विकसित किया जाएगा।</li>
<li>परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,757 करोड़ रुपये बताई गई है।</li>
<li>देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग बनेगा।</li>
<li>रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई।</li>
<li>संघर्षशील महिलाओं को भी 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने का निर्णय।</li>
<li>वन प्रबंधन समितियों के श्रमिकों के लाभांश में बदलाव के प्रस्ताव पर चर्चा हुई, लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भावांतर भुगतान से संबल: CM मोहन यादव ने किसानों को दी 200 करोड़ की आर्थिक राहत</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-farmers-bhavantar-yojana-cm-200-crore/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 12:11:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[kisan]]></category>
		<category><![CDATA[Bhavantar Yojana]]></category>
		<category><![CDATA[CM Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Malhargarh News]]></category>
		<category><![CDATA[Mandsaur News]]></category>
		<category><![CDATA[MP Farmers News]]></category>
		<category><![CDATA[MP News]]></category>
		<category><![CDATA[Soybean Farmers]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=304314</guid>

					<description><![CDATA[MP के किसानों को बड़ी राहत: 1.17 लाख किसानों के खातों में CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए 200 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और ... <a title="भावांतर भुगतान से संबल: CM मोहन यादव ने किसानों को दी 200 करोड़ की आर्थिक राहत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-farmers-bhavantar-yojana-cm-200-crore/" aria-label="Read more about भावांतर भुगतान से संबल: CM मोहन यादव ने किसानों को दी 200 करोड़ की आर्थिक राहत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="161" data-end="259"><strong data-start="161" data-end="257">MP के किसानों को बड़ी राहत: 1.17 लाख किसानों के खातों में CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए 200 करोड़ रुपये</strong></h1>
<p data-start="348" data-end="722">मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। CM डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 29 जनवरी को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के किसानों को भावांतर भुगतान योजना के तहत बड़ी सौगात दी। CM ने इस अवसर पर प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की भावांतर राशि सीधे ट्रांसफर की। यह राशि उन किसानों को दी गई है, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की समाप्ति तक सोयाबीन का विक्रय किया था। सरकार के इस कदम से किसानों को न केवल आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य भी सुनिश्चित होगा।</p>
<h2 data-start="953" data-end="1020"><strong>CM ने कहा—किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता</strong></h2>
<p data-start="1022" data-end="1334">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भावांतर भुगतान योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को बाजार में फसल का मूल्य कम मिलने की स्थिति में भी नुकसान न हो। CM ने कहा, “प्रदेश का किसान हमारी प्राथमिकता है। सरकार चाहती है कि किसान खुशहाल हो, आत्मनिर्भर बने और खेती को लाभ का व्यवसाय बना सके।”</p>
<h3 data-start="1486" data-end="1549"><strong>7 लाख से अधिक किसानों को मिल चुकी है 1492 करोड़ की राशि</strong></h3>
<p data-start="1551" data-end="1793">सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक मध्य प्रदेश में कुल 7 लाख 10 हजार किसानों को 1492 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार किसानों के हित में योजनाओं को गंभीरता से लागू कर रही है। भावांतर भुगतान योजना के तहत जब बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चला जाता है, तो सरकार उस अंतर की भरपाई किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में करती है। इससे किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य मिल पाता है।</p>
<h4 data-start="2059" data-end="2103"><strong>सोयाबीन उत्पादक किसानों को विशेष लाभ</strong></h4>
<p data-start="2105" data-end="2316">इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादक किसानों को लाभान्वित किया गया। CM ने बताया कि सोयाबीन मध्य प्रदेश की प्रमुख नकदी फसल है और प्रदेश देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है। सरकार की यह कोशिश है कि सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों को बाजार में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। भावांतर भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी और वे अगली फसल की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे।</p>
<h5 data-start="2548" data-end="2596"><strong>मल्हारगढ़ को मिले विकास कार्यों की सौगात</strong></h5>
<p data-start="2598" data-end="2842">किसानों के लिए राहत के साथ-साथ CM डॉ. मोहन यादव ने मल्हारगढ़ क्षेत्र को विकास कार्यों की बड़ी सौगात भी दी। CM ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में कुल 69.50 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<h5 data-start="2971" data-end="3019"><strong>फ्लाईओवर और अंडरब्रिज से सुधरेगा यातायात</strong></h5>
<p data-start="3021" data-end="3104">CM ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया, उनमें शामिल हैं—</p>
<ul data-start="3106" data-end="3418">
<li data-start="3106" data-end="3220">
<p data-start="3108" data-end="3220">51.91 करोड़ रुपये की लागत से<br data-start="3140" data-end="3143" />मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर स्थित मल्हारगढ़ 4-लेन फ्लाईओवर का भूमिपूजन</p>
</li>
<li data-start="3222" data-end="3313">
<p data-start="3224" data-end="3313">5.53 करोड़ रुपये की लागत से<br data-start="3255" data-end="3258" />पिपलिया मंडी समपार रेलवे अंडर ब्रिज का भूमिपूजन</p>
</li>
<li data-start="3315" data-end="3418">
<p data-start="3317" data-end="3418">2.06 करोड़ रुपये की लागत से<br data-start="3348" data-end="3351" />मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण कार्य का लोकार्पण</p>
</li>
</ul>
<p data-start="3420" data-end="3539">इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या से निजात मिलेगी और आमजन को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<h6 data-start="3546" data-end="3583"><strong>क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति</strong></h6>
<p data-start="3585" data-end="3884">CM ने कहा कि इन विकास कार्यों से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर कम किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
