MP Cabinet Decisions: इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सिक्स लेन को मंजूरी; महिलाओं के वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ी
मोहन यादव कैबिनेट के कई अहम फैसले, देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित
भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क अधोसंरचना, कृषि अनुसंधान, महिला सम्मान और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट के फैसलों में सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में सोयाबीन रिसर्च सेंटर स्थापित करने, भोपाल-विदिशा मार्ग को सिक्स लेन में विकसित करने और देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित करने का निर्णय प्रमुख है। इसके अलावा रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाने का फैसला भी किया गया है।
इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर
मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर वैज्ञानिक स्तर पर अध्ययन करने के लिए इछावर के भावखेड़ी में रिसर्च यूनिट स्थापित की जाएगी।
कैबिनेट के अनुसार नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यह जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित किए जाने की बात कही गई है।
रिसर्च सेंटर में सोयाबीन की फसल को प्रभावित करने वाली विभिन्न बीमारियों और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं पर अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को फसल की बीमारी, उत्पादन में कमी और उससे जुड़े अन्य मामलों के समाधान के लिए वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना है।
मध्य प्रदेश देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है। ऐसे में इछावर में रिसर्च यूनिट स्थापित होने से कृषि अनुसंधान और किसानों को तकनीकी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
भोपाल-विदिशा रोड होगा सिक्स लेन
कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन को भी मंजूरी दी है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी क्षेत्र के तहत इस मार्ग को वर्तमान दो लेन से बढ़ाकर सिक्स लेन करने की योजना है।
परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 1,757 करोड़ रुपये बताई गई है। जानकारी के अनुसार पहले करीब 1,467.42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जबकि बाद में 1,617.70 करोड़ रुपये की राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
परियोजना में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि से जुड़े मुआवजे के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है। बताया गया कि कृषि भूमि के लिए 140 रुपये की दर से संबंधित प्रावधान किया गया है।
इस सड़क परियोजना को पूरा करने के लिए 17 वर्ष की अवधि निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है। सिक्स लेन सड़क बनने के बाद भोपाल और विदिशा के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए न्यायिक आयोग
देवास में पटाखा फैक्टरी में हुए हादसे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और ऐसे मामलों की विस्तृत जांच के लिए सरकार ने एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित करने का फैसला किया है।
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि आयोग इस तरह की घटनाओं के कारणों की जांच करेगा। आयोग में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया जाएगा।
इस जांच का उद्देश्य औद्योगिक और विस्फोटक सामग्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की पहचान करना भी होगा। जांच के दौरान हादसे के कारणों, जिम्मेदारियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार के इस फैसले को औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि दोगुनी
कैबिनेट बैठक में महिलाओं के सम्मान से जुड़ा भी अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का फैसला किया है।
पहले इस पुरस्कार के तहत 1 लाख रुपये की राशि दी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में साहस और संघर्ष के साथ उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं के योगदान को पहचान देना और उनके साहस को सम्मानित करना है।
संघर्षशील महिलाओं को भी मिलेगा सम्मान
कैबिनेट में महिलाओं के लिए एक अन्य सम्मान को लेकर भी फैसला किया गया है। विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है।
सरकार की ओर से ऐसे पुरस्कारों के माध्यम से उन महिलाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने कार्य और साहस से समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
वन प्रबंधन समितियों के श्रमिकों के लाभांश पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में वन प्रबंधन समितियों के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों को मिलने वाले लाभांश से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई।
प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में लाभांश का लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी श्रमिकों को देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
इसलिए फिलहाल इसे कैबिनेट के अंतिम फैसले के तौर पर नहीं माना जा सकता। सरकार की ओर से आगे इस संबंध में स्पष्ट निर्णय या आदेश जारी किए जाने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
कृषि और सड़क विकास पर सरकार का फोकस
मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों से सरकार के दो प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस दिखाई देता है। एक ओर सोयाबीन रिसर्च सेंटर के माध्यम से कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर भोपाल-विदिशा सिक्स लेन परियोजना के जरिए सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की योजना है।
सोयाबीन रिसर्च सेंटर से फसल की बीमारियों और उत्पादन संबंधी चुनौतियों पर वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं सिक्स लेन सड़क परियोजना से भोपाल और विदिशा के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
सुरक्षा और महिला सम्मान से जुड़े फैसले भी अहम
कैबिनेट के अन्य फैसलों में औद्योगिक सुरक्षा और महिला सम्मान को भी प्राथमिकता दी गई है। देवास जैसे औद्योगिक हादसों की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन भविष्य में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
वहीं रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने से साहस और संघर्ष करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले एक नजर में
- इछावर के भावखेड़ी में सोयाबीन रिसर्च यूनिट स्थापित होगी।
- नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क दी जाएगी।
- भोपाल-विदिशा टू लेन सड़क को सिक्स लेन में विकसित किया जाएगा।
- परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,757 करोड़ रुपये बताई गई है।
- देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग बनेगा।
- रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की गई।
- संघर्षशील महिलाओं को भी 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने का निर्णय।
- वन प्रबंधन समितियों के श्रमिकों के लाभांश में बदलाव के प्रस्ताव पर चर्चा हुई, लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
