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	<title>Road Construction Quality &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Road Construction Quality &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग</title>
		<link>https://swarajvani.com/dhangawan-purvi-cc-road-project-under-scrutiny-as/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 10:59:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Anuppur]]></category>
		<category><![CDATA[CC Road Construction]]></category>
		<category><![CDATA[Dhangawan Purvi CC Road]]></category>
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		<category><![CDATA[Road Construction Quality]]></category>
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					<description><![CDATA[ धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग संवाददाता : मदन मोहन मिश्रा सीमेंट-गिट्टी के अनुपात और तकनीकी अधिकारियों की निगरानी ... <a title="धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/dhangawan-purvi-cc-road-project-under-scrutiny-as/" aria-label="Read more about धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1> <strong>धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग</strong></h1>
<p><em><strong>संवाददाता : मदन मोहन मिश्रा</strong></em></p>
<p><strong>सीमेंट-गिट्टी के अनुपात और तकनीकी अधिकारियों की निगरानी पर जताई चिंता, जनपद पंचायत जैतहरी के सीईओ से तत्काल निरीक्षण कराने की मांग</strong></p>
<p><strong>धनगवां पूर्वी।</strong> ग्राम पंचायत धनगवां पूर्वी में निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, सीमेंट और गिट्टी के अनुपात, ढलाई की समानता तथा तकनीकी अधिकारियों की निगरानी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।</p>
<h2><strong>निर्माण कार्य का निरीक्षण कर जताई नाराजगी</strong></h2>
<p>ग्राम पंचायत के पंच रामाधार सिंह राठौर, ग्रामीण लल्लू चौधरी और समाजसेवी शिवकुमार रजक ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन करना जरूरी है। यदि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की अनदेखी की गई, तो भविष्य में सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।</p>
<h2><strong>तकनीकी अधिकारियों की निगरानी पर सवाल</strong></h2>
<p>ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर जिम्मेदार तकनीकी अधिकारियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित होने की आशंका है। समाजसेवी शिवकुमार रजक ने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाना चाहिए, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।</p>
<h2><strong>जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग</strong></h2>
<p>पंच रामाधार सिंह राठौर, लल्लू चौधरी और शिवकुमार रजक ने जिला प्रशासन तथा जनपद पंचायत जैतहरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निर्माणाधीन सीसी रोड का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की टीम से निर्माण सामग्री, सीमेंट-गिट्टी के अनुपात, ढलाई की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच कराने की अपील की है।</p>
<h2><strong>समय रहते सुधार कराने की अपील</strong></h2>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य अभी जारी है, इसलिए समय रहते शिकायतों की जांच कर आवश्यक सुधार कराना जरूरी है। इससे सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सरकारी धन का उचित उपयोग करने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है।</p>
<p>हालांकि, निर्माण कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भोपाल के कोलार में अचानक धंसी सड़क, गड्ढे में समाईं कई गाड़ियां; आठ मंजिला इमारत के रहवासियों में दहशत</title>
		<link>https://swarajvani.com/bhopal-road-collapse-several-vehicles-sink-near-eight-storey-building-in-kolar-residents-panic/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Sep 2026 07:39:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Aamraveli Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal Muni]]></category>
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		<category><![CDATA[Danish Kunj Bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Eight Storey Building]]></category>
		<category><![CDATA[Kaliasot Catchment Area]]></category>
		<category><![CDATA[Kolar News]]></category>
		<category><![CDATA[Kolar Road Collapsed]]></category>
		<category><![CDATA[NGT Red Zone]]></category>
		<category><![CDATA[Road Construction Quality]]></category>
		<category><![CDATA[Vehicles Sunk]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल के कोलार में अचानक धंसी सड़क, गड्ढे में समाईं कई गाड़ियां; आठ मंजिला इमारत के रहवासियों में दहशत दानिशकुंज स्थित आम्रवेली परिसर के बाहर हुआ हादसा, क्रेन की सहायता ... <a title="भोपाल के कोलार में अचानक धंसी सड़क, गड्ढे में समाईं कई गाड़ियां; आठ मंजिला इमारत के रहवासियों में दहशत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bhopal-road-collapse-several-vehicles-sink-near-eight-storey-building-in-kolar-residents-panic/" aria-label="Read more about भोपाल के कोलार में अचानक धंसी सड़क, गड्ढे में समाईं कई गाड़ियां; आठ मंजिला इमारत के रहवासियों में दहशत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>भोपाल के कोलार में अचानक धंसी सड़क, गड्ढे में समाईं कई गाड़ियां; आठ मंजिला इमारत के रहवासियों में दहशत</strong></h1>
<h2><strong>दानिशकुंज स्थित आम्रवेली परिसर के बाहर हुआ हादसा, क्रेन की सहायता से निकाले गए वाहन; निर्माण गुणवत्ता और कैचमेंट क्षेत्र में अनुमति पर उठे सवाल</strong></h2>
<p><strong>भोपाल।</strong> राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में शनिवार को सड़क धंसने की बड़ी घटना सामने आई। दानिशकुंज स्थित आम्रवेली परिसर के बाहर सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे वहां खड़ी कई गाड़ियां गहरे गड्ढे में समा गईं। हादसा होते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।</p>
<p>सड़क धंसने वाला स्थान आठ मंजिला आवासीय इमारत के ठीक पास बताया जा रहा है। इसके कारण भवन में रहने वाले परिवारों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी और राहत दल मौके पर पहुंचे। सड़क के गड्ढे में फंसे वाहनों को क्रेन की मदद से बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।</p>
<h2><strong>बारिश के बीच अचानक जमीन में समाईं गाड़ियां</strong></h2>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय सड़क के किनारे कई वाहन खड़े थे। जमीन धंसने के साथ सड़क का हिस्सा नीचे चला गया और वाहन भी गड्ढे में फंस गए। घटना की तस्वीरों में सड़क का बड़ा भाग क्षतिग्रस्त और वाहन उसमें फंसे दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p>सड़क धंसने का स्पष्ट कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। माना जा रहा है कि लगातार बारिश, जमीन के नीचे पानी का रिसाव, कमजोर जल निकासी अथवा सड़क के नीचे की मिट्टी बहने जैसी परिस्थितियां इसका कारण हो सकती हैं। हालांकि किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<p>अधिकारियों से सड़क के नीचे मौजूद सीवेज, पानी अथवा ड्रेनेज लाइन की स्थिति की जांच करने की मांग की गई है। यह भी पता लगाया जाना आवश्यक होगा कि कहीं पाइपलाइन में रिसाव के कारण जमीन अंदर से खोखली तो नहीं हो गई थी।</p>
<h2><strong>आठ मंजिला इमारत के पास हादसे से बढ़ी चिंता</strong></h2>
<p>घटनास्थल के पास आम्रवेली परिसर की आठ मंजिला इमारत स्थित होने के कारण मामला अधिक गंभीर माना जा रहा है। रहवासियों को आशंका है कि सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने का असर आसपास की जमीन और भवन की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केवल सड़क की मरम्मत करके मामले को समाप्त नहीं किया जाए। भवन की नींव, परिसर की रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज व्यवस्था और आसपास की मिट्टी की स्थिति की तकनीकी जांच भी कराई जाए।</p>
<p>रहवासियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक क्षतिग्रस्त क्षेत्र को चारों तरफ से सुरक्षित किया जाना चाहिए, जिससे कोई व्यक्ति या वाहन गड्ढे के पास न पहुंच सके। विशेष रूप से रात के समय पर्याप्त रोशनी, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड लगाने की आवश्यकता बताई गई है।</p>
<h2><strong>निर्माण गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल</strong></h2>
<p>घटना के बाद सड़क और परिसर के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि संबंधित परिसर का निर्माण लगभग सात वर्ष पहले हुआ था। इतने कम समय में सड़क धंसने की घटना ने उपयोग की गई निर्माण सामग्री, मिट्टी के भराव और इंजीनियरिंग मानकों को लेकर संदेह पैदा किया है।</p>
<p>तकनीकी जांच में यह पता लगाया जाना जरूरी होगा कि सड़क का निर्माण किस एजेंसी ने किया था और निर्माण से पहले जमीन की भार क्षमता का परीक्षण किया गया था या नहीं। साथ ही, बरसात के पानी की निकासी के लिए तैयार किया गया ड्रेनेज सिस्टम पर्याप्त था या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।</p>
<p>यदि सड़क के नीचे भराव वाली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया था, तो उसके उचित दबाव और परतों की मजबूती से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकता है। किसी भूमिगत नाले या प्राकृतिक जल प्रवाह मार्ग को बाधित किए जाने की स्थिति में भारी बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<h2><strong>कलियासोत के कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण का दावा</strong></h2>
<p>घटना के बाद कलियासोत नदी और जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में हुए निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील है और यहां निर्माण से पहले विशेष नियमों एवं अनुमतियों का पालन किया जाना आवश्यक था।</p>
<p>स्थानीय स्तर पर NGT के रेड जोन और जलग्रहण क्षेत्र से संबंधित नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि संबंधित परिसर कैचमेंट, बफर या प्रतिबंधित क्षेत्र की किस सीमा में आता है, इसकी पुष्टि आधिकारिक राजस्व एवं पर्यावरणीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही की जा सकती है।</p>
<p>हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कलियासोत और केरवा जलाशयों की सीमा, फुल टैंक लेवल तथा आसपास के प्रतिबंधित निर्माण क्षेत्र का वैज्ञानिक सीमांकन करने पर जोर दिया है। ऐसे में आम्रवेली परिसर के दस्तावेजों और स्वीकृत नक्शे का संबंधित जलाशय के आधिकारिक मानचित्र से मिलान करने की मांग उठ रही है।</p>
<h2><strong>भवन और सड़क की संयुक्त तकनीकी जांच की मांग</strong></h2>
<p>रहवासियों ने प्रशासन, नगर निगम और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से पूरे मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भवन निर्माण की अनुमति, स्वीकृत नक्शा, भूमि उपयोग, पर्यावरणीय मंजूरी, ड्रेनेज प्लान और सड़क निर्माण से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।</p>
<p>जांच के दौरान भू-तकनीकी विशेषज्ञों से जमीन की मजबूती का परीक्षण कराने की आवश्यकता भी बताई जा रही है। इसके लिए मिट्टी के नमूने, भूमिगत जल की स्थिति और आसपास के प्राकृतिक जल प्रवाह का अध्ययन किया जा सकता है।</p>
<p>यदि विशेषज्ञों को इमारत या आसपास की जमीन पर किसी प्रकार का खतरा दिखाई देता है, तो रहवासियों की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाना आवश्यक होगा। प्रशासन को क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत से पहले घटना का मूल कारण पता करना होगा, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।</p>
<h2><strong>जिम्मेदारी तय करने की उठी मांग</strong></h2>
<p>स्थानीय नागरिकों ने कहा कि जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों, निर्माण एजेंसी अथवा बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का सवाल है कि घनी आबादी और बहुमंजिला इमारत के पास सड़क कैसे धंस गई और संबंधित विभागों ने पहले खतरे के संकेतों पर ध्यान क्यों नहीं दिया।</p>
<p>फिलहाल वाहनों को निकालने और क्षतिग्रस्त स्थान को सुरक्षित करने का काम किया जा रहा है। सड़क धंसने के वास्तविक कारण, निर्माण अनुमति और कैचमेंट क्षेत्र से जुड़े आरोपों की स्थिति विस्तृत तकनीकी तथा प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
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