धनगवां पूर्वी में सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
संवाददाता : मदन मोहन मिश्रा
सीमेंट-गिट्टी के अनुपात और तकनीकी अधिकारियों की निगरानी पर जताई चिंता, जनपद पंचायत जैतहरी के सीईओ से तत्काल निरीक्षण कराने की मांग
धनगवां पूर्वी। ग्राम पंचायत धनगवां पूर्वी में निर्माणाधीन सीसी रोड की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य अभी जारी है, लेकिन सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री, सीमेंट और गिट्टी के अनुपात, ढलाई की समानता तथा तकनीकी अधिकारियों की निगरानी को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
निर्माण कार्य का निरीक्षण कर जताई नाराजगी
ग्राम पंचायत के पंच रामाधार सिंह राठौर, ग्रामीण लल्लू चौधरी और समाजसेवी शिवकुमार रजक ने निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन करना जरूरी है। यदि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की अनदेखी की गई, तो भविष्य में सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।
तकनीकी अधिकारियों की निगरानी पर सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर जिम्मेदार तकनीकी अधिकारियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित होने की आशंका है। समाजसेवी शिवकुमार रजक ने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाना चाहिए, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।
जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
पंच रामाधार सिंह राठौर, लल्लू चौधरी और शिवकुमार रजक ने जिला प्रशासन तथा जनपद पंचायत जैतहरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निर्माणाधीन सीसी रोड का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की टीम से निर्माण सामग्री, सीमेंट-गिट्टी के अनुपात, ढलाई की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच कराने की अपील की है।
समय रहते सुधार कराने की अपील
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य अभी जारी है, इसलिए समय रहते शिकायतों की जांच कर आवश्यक सुधार कराना जरूरी है। इससे सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सरकारी धन का उचित उपयोग करने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है।
हालांकि, निर्माण कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
