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	<title>Navratri Celebrations &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Navratri Celebrations &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 08:58:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Silwani]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Darshan]]></category>
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					<description><![CDATA[Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सजी आकर्षक झांकियां, हवन-पूजन और महाआरती ... <a title="Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/silwani-witnesses-massive-devotee-turnout-for-maa/" aria-label="Read more about Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन</strong></h1>
<p><strong>नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सजी आकर्षक झांकियां, हवन-पूजन और महाआरती के साथ संपन्न हुए धार्मिक आयोजन</strong></p>
<p><strong>Silwani।</strong> शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर सिलवानी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मां शक्ति की आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। नवरात्रि के अंतिम दिन माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नगर में स्थापित विभिन्न झांकियों पर सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर तक जारी रहा। हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।</p>
<p>नवरात्रि के दौरान नगर में जगह-जगह आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। माता रानी के भव्य दरबारों को विशेष रूप से सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। अंतिम दिन होने के कारण दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा। माता रानी के जयकारों से पूजा पंडाल गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्तिभाव से आराधना करते नजर आए।</p>
<h2><strong>आकर्षक झांकियों पर हुआ हवन-पूजन</strong></h2>
<p>सिलवानी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार नवरात्रि के अवसर पर बड़ी और आकर्षक झांकियों का निर्माण किया गया था। इन झांकियों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के अंतिम दिन विभिन्न झांकियों पर हवन-पूजन और आरती के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। झांकियों पर उमड़ी भीड़ से नगर का माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन समितियों की ओर से माता रानी की आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।</p>
<h2><strong>बजरंग चौराहे पर रामलीला का मंचन</strong></h2>
<p>नवरात्रि के अवसर पर सिलवानी के बजरंग चौराहे पर महावीर कीर्तन मंडल द्वारा वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए रामलीला और नाटक मंचन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक प्रसंगों से परिचित कराया।</p>
<p>रामलीला के मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा। स्थानीय कलाकारों की सहभागिता से आयोजन में विशेष उत्साह देखने को मिला।</p>
<h2><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा नवरात्रि का उत्साह</strong></h2>
<p>सिलवानी नगर के साथ आसपास के गांवों में भी नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने माता रानी की झांकियां सजाकर पूजा-अर्चना की। विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>नवरात्रि के अंतिम दिन हवन-पूजन और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की उपासना की। भक्तों ने माता के दर्शन कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व के दौरान नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।</p>
<h2><strong>श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुए आयोजन</strong></h2>
<p>नवरात्रि के अंतिम दिन सिलवानी में माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने पर्व के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया। आकर्षक झांकियों, हवन-पूजन, आरती और रामलीला के आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ नवरात्रि पर्व मनाया और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>सिलवानी संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना।</strong></p>
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		<title>Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु</title>
		<link>https://swarajvani.com/mahidpur-road-turns-devotional-as-devote/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 08:33:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Mahidpur]]></category>
		<category><![CDATA[Dandiya Raas]]></category>
		<category><![CDATA[Garba Raas]]></category>
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					<description><![CDATA[Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु डांडिया और गरबा रास से भक्तिमय हुआ माहौल, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा; हजारों श्रद्धालुओं के ... <a title="Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mahidpur-road-turns-devotional-as-devote/" aria-label="Read more about Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु</strong></h1>
<p><strong>डांडिया और गरबा रास से भक्तिमय हुआ माहौल, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा; हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद </strong></p>
<p><strong>Mahidpur रोड।</strong> नगर में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मां अंबे की आराधना में श्रद्धालु पूरी तरह लीन नजर आ रहे हैं। नगर के विभिन्न स्थानों पर माता रानी के आकर्षक दरबार सजाए गए हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, वहीं शाम होते ही भक्ति और उत्सव का माहौल और भी मनमोहक हो जाता है।</p>
<p>नवरात्रि के अवसर पर नगर में जगह-जगह धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। माता रानी के जयकारों और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु परिवार सहित माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पूरे नगर में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।</p>
<h2><strong>महाआरती के बाद डांडिया और गरबा रास की धूम</strong></h2>
<p>विशेष नवदुर्गा उत्सव समिति के प्रांगण में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। महाआरती के पश्चात पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित महिलाएं और युवतियां डांडिया एवं गरबा रास के माध्यम से मां अंबे की आराधना कर रही हैं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालु जब गरबा की लय पर थिरकते हैं, तो पूरा परिसर उत्सवमय हो उठता है।</p>
<p>धार्मिक भजनों और माता रानी के गीतों की मधुर धुन पर श्रद्धालु उत्साहपूर्वक गरबा और डांडिया में भाग ले रहे हैं। इस दौरान भक्ति के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक भी देखने को मिल रही है। आयोजन में महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी दिखाई दे रही है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से मां अंबे की आराधना कर नवरात्रि पर्व की खुशियां मना रहे हैं।</p>
<p>समिति के प्रांगण में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भक्तों की सहभागिता लगातार बनी हुई है। महाआरती के दौरान श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्रि के इन आयोजनों ने नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-368061 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-300x135.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 19 at 1.28.38 am 1" width="300" height="135" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-300x135.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-1024x461.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-768x346.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1.jpeg 1152w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><strong>20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारे का आयोजन</strong></h2>
<p>नवरात्रि पर्व के अवसर पर सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति और नगरवासियों के सहयोग से 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर भोजन महाप्रसादी ग्रहण करेंगे।</p>
<p>नगर के सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने बताया कि सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति एवं नगरवासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष धार्मिक भावना के साथ भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मां अंबे की आराधना के साथ सेवा और सहयोग की भावना से जोड़ना है।</p>
<p>भंडारे में शामिल होने वाले श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना के बाद भोजन महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति और नगरवासी सहयोग कर रहे हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह भंडारा धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनेगा।</p>
<h2><strong>श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील</strong></h2>
<p>सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे आयोजित विशाल भंडारे में शामिल होने की अपील की है। समिति की ओर से सभी भक्तों को आयोजन में पहुंचकर मां अंबे का आशीर्वाद प्राप्त करने और भोजन महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ लेने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>नवरात्रि के दौरान महिदपुर रोड में भक्ति, उत्साह और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। डांडिया-गरबा रास, महाआरती और आगामी विशाल भंडारे जैसे आयोजन नगरवासियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह पर्व मां दुर्गा की उपासना के साथ सामाजिक सहभागिता और सेवा का अवसर भी बन रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी</title>
		<link>https://swarajvani.com/huge-devotee-crowds-gather-at-belgaon-wali-mata/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 11:40:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bamori News]]></category>
		<category><![CDATA[Belgaon Mata Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Belgaon Wali Mata Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Celebrations]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Festival]]></category>
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					<description><![CDATA[चंदेरी: आस्था के नौ रूप और जवाबदेही के नौ सवाल डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217;  चंदेरी की धरती निराली है। यहाँ इतिहास पत्थरों पर लिखा है और संस्कृति जीवन में ... <a title="चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/huge-devotee-crowds-gather-at-belgaon-wali-mata/" aria-label="Read more about चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>चंदेरी: आस्था के नौ रूप और जवाबदेही के नौ सवाल</strong></h1>
<p><em>डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217; </em></p>
<p>चंदेरी की धरती निराली है। यहाँ इतिहास पत्थरों पर लिखा है और संस्कृति जीवन में बसी है। किले की ऊँचाई पर गर्व होता है, पर बरसात में सदर बाजार की गलियाँ नदी का छोटा रूप बन जाती हैं। इतिहास के पत्थर सदियों से टिके हैं, जबकि जनता की समस्याएँ हर बरसात में नए सिरे से सिर उठाती हैं। नवरात्र में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा हो रही है। इन नौ देवियों को जनता की नौ बुनियादी अपेक्षाओं से जोड़ें, तो एक सीधा सवाल उभरता है: आश्वासन से आगे काम कब दिखेगा?</p>
<h2><strong>पानी और शिक्षा: बुनियादी जरूरतें</strong></h2>
<p><strong>पानी (माँ शैलपुत्री):</strong> चंदेरी बावड़ियों और तालाबों की विरासत वाला नगर है, इसलिए यहाँ जल प्रबंधन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। समस्या आने पर कोई पुरानी सरकार को दोष देता है, कोई भविष्य की योजना गिनाता है, और जनता खाली बर्तन लेकर निकल जाती है। उसे बैठकों की संख्या नहीं, यह जानना है कि घर में पानी कितने दिन और कितने समय आएगा।</p>
<p><strong>शिक्षा (माँ ब्रह्मचारिणी):</strong> मंचों पर डिजिटल इंडिया की बातें खूब होती हैं, पर असली परीक्षा कक्षा में है। शिक्षक पर्याप्त हैं या नहीं, पुस्तकालय और प्रयोगशाला हैं या नहीं, गरीब विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिल रहा है या नहीं, इसका सार्वजनिक आकलन होना चाहिए। देश का भविष्य भाषणों में नहीं, कक्षाओं में बनता है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-367297 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-225x300.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 15 at 4.33.26 am 1" width="225" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-225x300.jpeg 225w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-768x1024.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-1152x1536.jpeg 1152w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 225px) 100vw, 225px" /></p>
<h2><strong>सुरक्षा और स्वास्थ्य: नागरिक की सुविधा</strong></h2>
<p><strong>महिला सुरक्षा (माँ चंद्रघंटा):</strong> नारी सम्मान का अर्थ केवल उत्सवों में सम्मान नहीं है। बेटी सुरक्षित स्कूल जा सके, महिला निर्भय होकर बाजार पहुँचे और शिकायत पर समय से कार्रवाई हो, यही कसौटी है। सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी और शिकायतों की सुनवाई जरूरी है।</p>
<p><strong>अस्पताल (माँ कूष्मांडा):</strong> बीमार को डॉक्टर, दवा और जाँच चाहिए, उद्घाटन समारोह नहीं। सितंबर 2026 में अस्पताल मार्ग पर जलभराव, गंदे पानी और गड्ढों की खबर आई थी। अस्पताल पहुँचने के लिए सड़क की परीक्षा पास करनी पड़े, तो विकास की भी स्वास्थ्य-जाँच जरूरी है।</p>
<p><strong>बच्चों का पोषण (माँ स्कंदमाता):</strong> योजनाओं की सफलता फाइल में नहीं, थाली में दिखनी चाहिए। आंगनवाड़ी केंद्र नियमित चल रहे हैं या नहीं और सहायता जरूरतमंद परिवारों तक पहुँच रही है या नहीं, इसका पारदर्शी आकलन होना चाहिए।</p>
<h2><strong>रोजगार और नशा: युवाओं का भविष्य</strong></h2>
<p><strong>रोजगार (माँ कात्यायनी):</strong> चंदेरी की साड़ी की पहचान दूर तक है, पर सवाल है कि कारीगरों और युवाओं की आमदनी उतनी बढ़ी या नहीं। पर्यटक का खर्च स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुँचे, इसके लिए पर्यटन, हस्तशिल्प, कौशल प्रशिक्षण और छोटे उद्यमों को साथ बढ़ावा देना होगा।</p>
<p><strong>नशा (माँ कालरात्रि):</strong> नशा केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है। शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है, पर युवाओं को खेल मैदान, पुस्तकालय, प्रशिक्षण और परामर्श जैसे अवसर भी चाहिए। केवल &#8220;गलत रास्ते पर मत जाओ&#8221; कहना काफी नहीं।</p>
<h2><strong>सफाई और सुशासन: जलभराव से जवाबदेही तक</strong></h2>
<p><strong>सफाई और जलनिकासी (माँ महागौरी):</strong> सितंबर 2026 में भारी बारिश के बाद सदर बाजार में पानी भरा और दुकानों में घुस गया। बारिश प्रकृति का काम है, पर निकासी की व्यवस्था नगर प्रबंधन का। बार-बार जलभराव वाले स्थानों पर अस्थायी सफाई नहीं, तकनीकी सर्वेक्षण और स्थायी समाधान चाहिए। जनता निरीक्षण की तस्वीर नहीं, समाधान की तस्वीर चाहती है।</p>
<p><strong>सुशासन (माँ सिद्धिदात्री):</strong> चुनाव में जनता मालिक होती है, उसके बाद फरियादी क्यों बन जाती है? प्रमुख कार्यों की सूची, बजट, शुरुआत और समाप्ति की तारीख और जिम्मेदार विभाग सार्वजनिक होने चाहिए। काम समय पर हो तो श्रेय मिले, देरी हो तो कारण बताए जाएँ।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-367298 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-300x135.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 15 at 4.33.26 am" width="300" height="135" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-300x135.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1024x461.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-768x346.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><strong>जनप्रतिनिधियों से पाँच सीधे सवाल</strong></h2>
<p>ये सवाल किसी दल के विरोध में नहीं, जवाबदेही की भावना से हैं:</p>
<ol>
<li>क्या सभी वार्डों में पेयजल, सड़क, नाली, सफाई और स्ट्रीट लाइट का सार्वजनिक सर्वेक्षण हुआ है?</li>
<li>सदर बाजार और अस्पताल मार्ग के जलभराव के लिए क्या समयबद्ध कार्ययोजना है?</li>
<li>पर्यटन और साड़ी उद्योग से युवाओं, कारीगरों और महिलाओं को रोजगार देने के लिए क्या ठोस कदम उठे हैं?</li>
<li>स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा और पोषण योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुँच रहा है या नहीं, इसकी सार्वजनिक समीक्षा कैसे होती है?</li>
<li>नगरपालिका के कार्यों, बजट और प्रगति की जानकारी नागरिकों को आसानी से क्यों न मिले?</li>
</ol>
<h2><strong>अंतिम बात: आस्था के साथ जवाबदेही</strong></h2>
<p>समस्याएँ एक दिन में नहीं बनीं, न एक दिन में सुलझेंगी, और इसमें पूर्ववर्ती तथा वर्तमान दोनों व्यवस्थाओं की भूमिका है। पर पुरानी समस्या का हवाला देकर वर्तमान जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। राजनीति का उद्देश्य आरोप नहीं, प्रतिस्पर्धा के जरिए बेहतर काम होना चाहिए। व्यंग्य का मकसद भी केवल हँसाना नहीं, सोचने पर विवश करना है।</p>
<p>इसलिए चंदेरी की जनता का सवाल सीधा है: ढोलिया गेट, राजघाट रोड और बाजार से दिल्ली दरवाजे का पानी कब निकलेगा, अस्पताल का रास्ता कब सुधरेगा, और आम आदमी को अपने काम के लिए कितनी बार दफ्तर जाना पड़ेगा? इनका उत्तर नारों में नहीं, काम में दिखना चाहिए।</p>
<p>माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि आस्था की ज्योति जलती रहे और जनसेवा का संकल्प कागजों से निकलकर धरातल पर दिखे। <strong>जय माता दी!</strong></p>
<p><strong><em>डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217;, राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक चिंतक एवं पत्रकार</em></strong></p>
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		<title>नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़</title>
		<link>https://swarajvani.com/navratri-rush-at-belgaon-wali-mata-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 11:30:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bamhori]]></category>
		<category><![CDATA[Bamori News]]></category>
		<category><![CDATA[Belgaon Mata Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Belgaon Wali Mata Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Celebrations]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Festival]]></category>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़  संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु, कच्चे रास्ते के कारण दर्शनार्थियों को हो ... <a title="नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़" class="read-more" href="https://swarajvani.com/navratri-rush-at-belgaon-wali-mata-temple/" aria-label="Read more about नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़ </strong></h1>
<p><strong>संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु, कच्चे रास्ते के कारण दर्शनार्थियों को हो रही परेशानी</strong></p>
<p><strong>बम्होरी।</strong> नवरात्रि पर्व के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध बेलगांव वाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्राकृतिक जंगलों की हरियाली के बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित माता रानी का यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के पहले दिन से ही यहां आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।</p>
<p>स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बेलगांव वाली माता को संतान प्राप्ति वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु माता के दरबार में पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट अर्पित करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना माता रानी के दरबार में स्वीकार होती है।</p>
<h2><strong>कुंडाली से निकलती है भव्य चुनरी यात्रा</strong></h2>
<p>नवरात्रि के दौरान बेलगांव वाली माता मंदिर में चुनरी चढ़ाने की विशेष परंपरा है। हर वर्ष ग्राम कुंडाली से बेलगांव तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में आसपास के गांवों से महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।</p>
<p>श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चुनरी अर्पित करते हैं। इस दौरान माता रानी को हलवे का भोग भी लगाया जाता है। चुनरी यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता और आपसी जुड़ाव का भी प्रतीक बनी हुई है।</p>
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<h2><strong>कच्चा रास्ता बना श्रद्धालुओं की परेशानी</strong></h2>
<p>एक ओर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग अब भी कच्चा होने के कारण परेशानी का कारण बना हुआ है। बेलगांव तक पक्की सड़क नहीं होने से दर्शन के लिए आने वाले लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>वर्तमान में रास्ते पर पत्थर के टुकड़े डाले गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकालने में परेशानी होती है। ऊबड़-खाबड़ मार्ग के कारण वाहन फिसलने और गिरने का खतरा भी बना रहता है। विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, तब यह समस्या और अधिक महसूस होती है।</p>
<h2><strong>ग्रामीणों ने की पक्की सड़क निर्माण की मांग</strong></h2>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग से संबंधित अनुमति और अन्य कारणों के चलते सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी दर्शन के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।</p>
<p>श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर मार्ग निर्माण की बाधाओं को दूर करने और बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा बेहतर होने से नवरात्रि के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।</p>
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		<title>मनावर में 11 अक्टूबर से शक्ति की आराधना, मंदिरों और गरबा पांडालों में तैयारियां तेज</title>
		<link>https://swarajvani.com/navratri-in-manawar-begin-october-11-temples-garba-pandals-and-balipur-dham-gear-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 10:38:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Manawar]]></category>
		<category><![CDATA[Balipur Dham]]></category>
		<category><![CDATA[Dhar News]]></category>
		<category><![CDATA[Garba Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Mangla Devi Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Celebrations]]></category>
		<category><![CDATA[News]]></category>
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					<description><![CDATA[मनावर में 11 अक्टूबर से शक्ति की आराधना, मंदिरों और गरबा पांडालों में तैयारियां तेज  संवाददाता:  कौशिक पंडित मनावर (धार)। शारदीय नवरात्रि का उल्लास नगर और आसपास के क्षेत्रों में ... <a title="मनावर में 11 अक्टूबर से शक्ति की आराधना, मंदिरों और गरबा पांडालों में तैयारियां तेज" class="read-more" href="https://swarajvani.com/navratri-in-manawar-begin-october-11-temples-garba-pandals-and-balipur-dham-gear-up/" aria-label="Read more about मनावर में 11 अक्टूबर से शक्ति की आराधना, मंदिरों और गरबा पांडालों में तैयारियां तेज">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>मनावर में 11 अक्टूबर से शक्ति की आराधना, मंदिरों और गरबा पांडालों में तैयारियां तेज</strong></h1>
<p><strong> संवाददाता:  कौशिक पंडित</strong></p>
<p><strong>मनावर (धार)।</strong> शारदीय नवरात्रि का उल्लास नगर और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नौ दिवसीय शक्ति पर्व को लेकर देवी मंदिरों, गरबा पांडालों और घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। कहीं मंदिरों को सजाया जा रहा है तो कहीं गरबा आयोजन स्थलों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विद्युत रोशनी और आकर्षक सजावट के साथ माता की आराधना के लिए आस्था का दरबार तैयार हो रहा है। आयोजन समितियां भी विभिन्न व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटी हैं।</p>
<h3><strong>घट स्थापना के साथ शुरू होगी आराधना</strong></h3>
<p>नवरात्रि के प्रथम दिन घट स्थापना के साथ मां भगवती की पूजा शुरू होगी। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालु अपने घरों में घट स्थापना करेंगे। नौ दिनों तक उपवास, पूजा-पाठ, आरती और भजन-कीर्तन के माध्यम से माता की आराधना की जाएगी। देवी मंदिरों में भी विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान होंगे।</p>
<p>सुबह और शाम की आरती में श्रद्धालु शामिल होंगे। मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रहेगी। नवरात्रि को लेकर परिवारों में भी तैयारी शुरू हो चुकी है। घरों में पूजा स्थल तैयार किए जा रहे हैं और आराधना से जुड़ी सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।</p>
<h3><strong>देवी मंदिरों में होंगे विशेष अनुष्ठान</strong></h3>
<p>नगर के प्राचीन मंगला देवीजी मंदिर, चामुंडा देवीजी मंदिर, दुर्गा देवीजी मंदिर और गायत्री माताजी मंदिर में नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना होगी। संतोषी माताजी जागेश्वर मंदिर, शीतला माताजी मंदिर जूनी मनावर और अन्नपूर्णा देवीजी थानेश्वर मंदिर में भी धार्मिक आयोजन होंगे।</p>
<p>इसके साथ सात मात्रा देवीजी मानता गणेश मंदिर, हरसिद्धि माताजी मंदिर सिंघाना तथा बाकानेर के सात मात्रा देवीजी और चौसठ योगिनी देवीजी मंदिर में माता की आराधना की जाएगी। मंदिरों की सजावट और पूजन संबंधी तैयारियों से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बनने लगा है। नौ दिनों तक इन मंदिरों में आरती और अनुष्ठानों के माध्यम से शक्ति की उपासना होगी।</p>
<h3><strong>गरबा पांडालों में गूंजेंगी भक्ति की धुनें</strong></h3>
<p>नवरात्रि को लेकर नगर में विभिन्न स्थानों पर गरबा पांडाल तैयार किए जा रहे हैं। आयोजन स्थलों को आकर्षक सजावट और विद्युत रोशनी से सजाया जा रहा है। शाम के समय इन पांडालों में माता की भक्ति से जुड़े गीतों और संगीत पर गरबा प्रस्तुतियां होंगी।</p>
<p>बालक-बालिकाएं, युवक-युवतियां और महिलाएं पारंपरिक तथा गुजराती शैली में गरबा प्रस्तुत करेंगे। गरबा उत्सव को लेकर प्रतिभागियों में उत्साह है। पारंपरिक परिधानों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। आयोजन समितियां सजावट के साथ अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रही हैं। नवरात्रि की शामें भक्ति और गरबे के रंग से सजी नजर आएंगी।</p>
<h3><strong>बालीपुर धाम में आध्यात्मिक कार्यक्रम</strong></h3>
<p>ब्रह्मलीन गजानंद जी महाराज की तपोभूमि बालीपुर धाम में भी नवरात्रि पर्व धार्मिक वातावरण में मनाया जाएगा। पंडित योगेश जी महाराज एवं सुधाकर जी महाराज के सानिध्य में विविध धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।</p>
<p>नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बालीपुर धाम पहुंचने की उम्मीद है। धाम में होने वाले आयोजनों के माध्यम से भक्त माता की आराधना और आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल होंगे। मनावर के देवी मंदिरों से लेकर बालीपुर धाम तक शक्ति पर्व का उत्साह दिखाई देगा।</p>
<h3><strong>नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्सवी माहौल</strong></h3>
<p>नवरात्रि के आगमन से पहले नगर के बाजारों में भी रौनक दिखाई देने लगी है। मंदिरों की तैयारियां, गरबा पांडालों की सजावट और घरों में पूजन की व्यवस्था पर्व के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह दर्शा रही हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घट स्थापना और देवी आराधना की तैयारी की जा रही है।</p>
<p>11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नौ दिवसीय पर्व में मंदिरों की आरती, घरों की पूजा और गरबा पांडालों के आयोजन मनावर को भक्ति तथा उल्लास से भर देंगे। श्रद्धालु मां भगवती की उपासना के साथ शक्ति पर्व मनाएंगे।</p>
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