नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़
संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु, कच्चे रास्ते के कारण दर्शनार्थियों को हो रही परेशानी
बम्होरी। नवरात्रि पर्व के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध बेलगांव वाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्राकृतिक जंगलों की हरियाली के बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित माता रानी का यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के पहले दिन से ही यहां आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बेलगांव वाली माता को संतान प्राप्ति वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु माता के दरबार में पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट अर्पित करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना माता रानी के दरबार में स्वीकार होती है।
कुंडाली से निकलती है भव्य चुनरी यात्रा
नवरात्रि के दौरान बेलगांव वाली माता मंदिर में चुनरी चढ़ाने की विशेष परंपरा है। हर वर्ष ग्राम कुंडाली से बेलगांव तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में आसपास के गांवों से महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।
श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चुनरी अर्पित करते हैं। इस दौरान माता रानी को हलवे का भोग भी लगाया जाता है। चुनरी यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता और आपसी जुड़ाव का भी प्रतीक बनी हुई है।

कच्चा रास्ता बना श्रद्धालुओं की परेशानी
एक ओर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग अब भी कच्चा होने के कारण परेशानी का कारण बना हुआ है। बेलगांव तक पक्की सड़क नहीं होने से दर्शन के लिए आने वाले लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान में रास्ते पर पत्थर के टुकड़े डाले गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकालने में परेशानी होती है। ऊबड़-खाबड़ मार्ग के कारण वाहन फिसलने और गिरने का खतरा भी बना रहता है। विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, तब यह समस्या और अधिक महसूस होती है।
ग्रामीणों ने की पक्की सड़क निर्माण की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग से संबंधित अनुमति और अन्य कारणों के चलते सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी दर्शन के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर मार्ग निर्माण की बाधाओं को दूर करने और बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा बेहतर होने से नवरात्रि के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
