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	<title>Maa Durga &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Maa Durga &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 08:58:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Silwani]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Darshan]]></category>
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					<description><![CDATA[Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सजी आकर्षक झांकियां, हवन-पूजन और महाआरती ... <a title="Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/silwani-witnesses-massive-devotee-turnout-for-maa/" aria-label="Read more about Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Silwani में नवरात्रि के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन</strong></h1>
<p><strong>नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सजी आकर्षक झांकियां, हवन-पूजन और महाआरती के साथ संपन्न हुए धार्मिक आयोजन</strong></p>
<p><strong>Silwani।</strong> शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर सिलवानी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मां शक्ति की आराधना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। नवरात्रि के अंतिम दिन माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नगर में स्थापित विभिन्न झांकियों पर सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर तक जारी रहा। हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।</p>
<p>नवरात्रि के दौरान नगर में जगह-जगह आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। माता रानी के भव्य दरबारों को विशेष रूप से सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। अंतिम दिन होने के कारण दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा। माता रानी के जयकारों से पूजा पंडाल गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्तिभाव से आराधना करते नजर आए।</p>
<h2><strong>आकर्षक झांकियों पर हुआ हवन-पूजन</strong></h2>
<p>सिलवानी नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार नवरात्रि के अवसर पर बड़ी और आकर्षक झांकियों का निर्माण किया गया था। इन झांकियों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के अंतिम दिन विभिन्न झांकियों पर हवन-पूजन और आरती के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक आयोजनों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। झांकियों पर उमड़ी भीड़ से नगर का माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन समितियों की ओर से माता रानी की आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।</p>
<h2><strong>बजरंग चौराहे पर रामलीला का मंचन</strong></h2>
<p>नवरात्रि के अवसर पर सिलवानी के बजरंग चौराहे पर महावीर कीर्तन मंडल द्वारा वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए रामलीला और नाटक मंचन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक प्रसंगों से परिचित कराया।</p>
<p>रामलीला के मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा। स्थानीय कलाकारों की सहभागिता से आयोजन में विशेष उत्साह देखने को मिला।</p>
<h2><strong>ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा नवरात्रि का उत्साह</strong></h2>
<p>सिलवानी नगर के साथ आसपास के गांवों में भी नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने माता रानी की झांकियां सजाकर पूजा-अर्चना की। विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>नवरात्रि के अंतिम दिन हवन-पूजन और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की उपासना की। भक्तों ने माता के दर्शन कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व के दौरान नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।</p>
<h2><strong>श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुए आयोजन</strong></h2>
<p>नवरात्रि के अंतिम दिन सिलवानी में माता रानी के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने पर्व के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया। आकर्षक झांकियों, हवन-पूजन, आरती और रामलीला के आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ नवरात्रि पर्व मनाया और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>सिलवानी संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना।</strong></p>
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		<title>Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु</title>
		<link>https://swarajvani.com/mahidpur-road-turns-devotional-as-devote/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 08:33:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Mahidpur]]></category>
		<category><![CDATA[Dandiya Raas]]></category>
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		<category><![CDATA[Navratri Celebrations]]></category>
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					<description><![CDATA[Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु डांडिया और गरबा रास से भक्तिमय हुआ माहौल, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा; हजारों श्रद्धालुओं के ... <a title="Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mahidpur-road-turns-devotional-as-devote/" aria-label="Read more about Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Mahidpur रोड में नवरात्रि की धूम, मां अंबे की आराधना में लीन श्रद्धालु</strong></h1>
<p><strong>डांडिया और गरबा रास से भक्तिमय हुआ माहौल, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा; हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद </strong></p>
<p><strong>Mahidpur रोड।</strong> नगर में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मां अंबे की आराधना में श्रद्धालु पूरी तरह लीन नजर आ रहे हैं। नगर के विभिन्न स्थानों पर माता रानी के आकर्षक दरबार सजाए गए हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, वहीं शाम होते ही भक्ति और उत्सव का माहौल और भी मनमोहक हो जाता है।</p>
<p>नवरात्रि के अवसर पर नगर में जगह-जगह धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। माता रानी के जयकारों और भजनों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु परिवार सहित माता के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पूरे नगर में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।</p>
<h2><strong>महाआरती के बाद डांडिया और गरबा रास की धूम</strong></h2>
<p>विशेष नवदुर्गा उत्सव समिति के प्रांगण में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। महाआरती के पश्चात पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित महिलाएं और युवतियां डांडिया एवं गरबा रास के माध्यम से मां अंबे की आराधना कर रही हैं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालु जब गरबा की लय पर थिरकते हैं, तो पूरा परिसर उत्सवमय हो उठता है।</p>
<p>धार्मिक भजनों और माता रानी के गीतों की मधुर धुन पर श्रद्धालु उत्साहपूर्वक गरबा और डांडिया में भाग ले रहे हैं। इस दौरान भक्ति के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक भी देखने को मिल रही है। आयोजन में महिलाओं और युवतियों की विशेष भागीदारी दिखाई दे रही है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से मां अंबे की आराधना कर नवरात्रि पर्व की खुशियां मना रहे हैं।</p>
<p>समिति के प्रांगण में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भक्तों की सहभागिता लगातार बनी हुई है। महाआरती के दौरान श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। नवरात्रि के इन आयोजनों ने नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-368061 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-300x135.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 19 at 1.28.38 am 1" width="300" height="135" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-300x135.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-1024x461.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1-768x346.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-19-at-1.28.38-am-1.jpeg 1152w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><strong>20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारे का आयोजन</strong></h2>
<p>नवरात्रि पर्व के अवसर पर सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति और नगरवासियों के सहयोग से 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होकर भोजन महाप्रसादी ग्रहण करेंगे।</p>
<p>नगर के सामाजिक कार्यकर्ता सचिन भंडारी ने बताया कि सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति एवं नगरवासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष धार्मिक भावना के साथ भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मां अंबे की आराधना के साथ सेवा और सहयोग की भावना से जोड़ना है।</p>
<p>भंडारे में शामिल होने वाले श्रद्धालु माता रानी की पूजा-अर्चना के बाद भोजन महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति और नगरवासी सहयोग कर रहे हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह भंडारा धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनेगा।</p>
<h2><strong>श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील</strong></h2>
<p>सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों और श्रद्धालुओं से 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे आयोजित विशाल भंडारे में शामिल होने की अपील की है। समिति की ओर से सभी भक्तों को आयोजन में पहुंचकर मां अंबे का आशीर्वाद प्राप्त करने और भोजन महाप्रसादी ग्रहण कर धर्मलाभ लेने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>नवरात्रि के दौरान महिदपुर रोड में भक्ति, उत्साह और उल्लास का वातावरण बना हुआ है। डांडिया-गरबा रास, महाआरती और आगामी विशाल भंडारे जैसे आयोजन नगरवासियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह पर्व मां दुर्गा की उपासना के साथ सामाजिक सहभागिता और सेवा का अवसर भी बन रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने की मां दुर्गा की भव्य स्थापना, भक्तिमय हुआ माहौल</title>
		<link>https://swarajvani.com/jaithari-swastik-navdurga-utsav-samiti-maa-durga-sthapana-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 16:20:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Anuppur]]></category>
		<category><![CDATA[Anuppur News]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Jaithari News]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
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		<category><![CDATA[Navratri 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Swastik Navdurga Utsav Samiti]]></category>
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					<description><![CDATA[अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने नवरात्रि पर्व पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की। श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्तिमय वातावरण। जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव ... <a title="जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने की मां दुर्गा की भव्य स्थापना, भक्तिमय हुआ माहौल" class="read-more" href="https://swarajvani.com/jaithari-swastik-navdurga-utsav-samiti-maa-durga-sthapana-2026/" aria-label="Read more about जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने की मां दुर्गा की भव्य स्थापना, भक्तिमय हुआ माहौल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने नवरात्रि पर्व पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की। श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्तिमय वातावरण।</p>
<p>जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति ने की मां दुर्गा की स्थापना, भक्तिमय हुआ वातावरण</p>
<p>जनपद पंचायत जैतहरी में नवरात्रि पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह, विधि-विधान से हो रही मां दुर्गा की पूजा-अर्चना</p>
<p>दैनिक स्वराज वाणी | जैतहरी, अनूपपुर</p>
<p>जैतहरी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जनपद पंचायत जैतहरी में स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। माता रानी की स्थापना के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।</p>
<p>स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों द्वारा मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। समिति का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश देना है।</p>
<p>मां दुर्गा की आराधना में लीन श्रद्धालु</p>
<p>नवरात्रि पर्व के दौरान मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था विशेष रूप से देखने को मिलती है। स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में माता रानी की आराधना को विशेष महत्व दिया जा रहा है। श्रद्धालु मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और क्षेत्र की उन्नति की कामना कर रहे हैं।</p>
<p>समिति के सदस्यों का कहना है कि मां दुर्गा शक्ति, साहस, करुणा और विश्वास की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से भक्तों को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।</p>
<p>धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास</p>
<p>स्वास्तिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा लगातार मां दुर्गा की स्थापना करना धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।</p>
<p>समिति ने मां दुर्गा के भक्तों से श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना में सहभागी बनने तथा क्षेत्र में शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखने का आह्वान किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में अर्गला स्तोत्र के पाठ का महत्व, जानें पूजा का पारंपरिक क्रम</title>
		<link>https://swarajvani.com/shardiya-navratri-2026-significance-and-traditional-recitation-order-of-the-argala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 13:26:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[religious]]></category>
		<category><![CDATA[Argala Stotram]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Saptashati]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Shardiya Navratri 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में अर्गला स्तोत्र के पाठ का महत्व, जानें पूजा का पारंपरिक क्रम धर्म डेस्क। शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के लिए व्रत और पूजा ... <a title="Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में अर्गला स्तोत्र के पाठ का महत्व, जानें पूजा का पारंपरिक क्रम" class="read-more" href="https://swarajvani.com/shardiya-navratri-2026-significance-and-traditional-recitation-order-of-the-argala/" aria-label="Read more about Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में अर्गला स्तोत्र के पाठ का महत्व, जानें पूजा का पारंपरिक क्रम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में अर्गला स्तोत्र के पाठ का महत्व, जानें पूजा का पारंपरिक क्रम</strong></h1>
<p><strong>धर्म डेस्क।</strong> शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के लिए व्रत और पूजा के साथ भक्त विभिन्न मंत्रों और स्तोत्रों का पाठ करते हैं। इन्हीं में अर्गला स्तोत्र को दुर्गा सप्तशती के महत्वपूर्ण अंगों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और एकाग्रता से इसका पाठ करने पर भक्त मां से शक्ति, विजय, यश और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। नवरात्रि 11 से 19 अक्टूबर तक मनाई जा रही है।</p>
<h2><strong>दुर्गा सप्तशती का महत्वपूर्ण अंग</strong></h2>
<p>अर्गला स्तोत्र देवी माहात्म्य या दुर्गा सप्तशती की पाठ परंपरा से जुड़ा स्तोत्र है। इसके श्लोकों में देवी के विभिन्न स्वरूपों और उनकी विजय का स्मरण करते हुए उनसे कृपा की प्रार्थना की जाती है। स्तोत्र में भक्त देवी से जीवन में शुभता, साहस और सफलता देने तथा शत्रुता और बाधाओं को दूर करने की विनती करते हैं। यह धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़ा पाठ है; इसके फल को भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार देखते हैं।</p>
<p>अर्गला स्तोत्र को कई पाठ-पुस्तकों में दुर्गा सप्तशती के मुख्य अध्यायों से पहले पढ़े जाने वाले अंगों में शामिल किया गया है। प्रचलित क्रम में पहले देवी कवच, फिर अर्गला स्तोत्र और उसके बाद कीलक स्तोत्र का पाठ किया जाता है। इसके बाद दुर्गा सप्तशती के अध्याय पढ़े जाते हैं। हालांकि, अलग-अलग परंपराओं और पाठ-विधियों में क्रम के कुछ अंतर मिल सकते हैं। इसलिए संपूर्ण पाठ करने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा या गुरु के निर्देशों का पालन कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>नवरात्रि में कैसे करें पाठ?</strong></h2>
<p>भक्त नवरात्रि में सुबह या शाम की पूजा के समय अर्गला स्तोत्र का पाठ कर सकते हैं। पूजा-स्थल को स्वच्छ कर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजन और ध्यान करके स्तोत्र का पाठ करें। यदि दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ किया जा रहा हो, तो उसके साथ प्रचलित पाठ-विधि और क्रम का ध्यान रखा जाता है।</p>
<p>संस्कृत पाठ में उच्चारण और श्लोकों के क्रम को लेकर संदेह हो, तो किसी विश्वसनीय पाठ-पुस्तक, जानकार पुरोहित या गुरु से मार्गदर्शन लिया जा सकता है। पाठ करते समय जल्दबाजी के बजाय शांत मन और एकाग्रता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। जो श्रद्धालु पूरा स्तोत्र नहीं पढ़ पाते, वे अपनी क्षमता और समय के अनुसार पूजा कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>स्तोत्र में देवी से की जाती है प्रार्थना</strong></h2>
<p>अर्गला स्तोत्र के भाव में भक्त देवी से सौंदर्य, विजय, यश और विरोध से रक्षा की याचना करते हैं। यहां विजय को केवल बाहरी सफलता तक सीमित न मानकर आत्मबल और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति के रूप में भी देखा जाता है। भक्त प्रार्थना करते हैं कि मां उनके जीवन से नकारात्मकता और बाधाएं दूर करें तथा उन्हें धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। यह व्याख्या धार्मिक परंपरा पर आधारित है।</p>
<p>नवरात्रि आत्मचिंतन, साधना और भक्ति का पर्व है। ऐसे में स्तोत्र-पाठ के साथ संयम, सद्भाव और सेवा जैसे व्यवहारों को अपनाने का संकल्प भी लिया जा सकता है। भक्तों के लिए अर्गला स्तोत्र मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनसे आशीर्वाद की कामना करने का एक पारंपरिक माध्यम है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वर्षों से निरंतर मां दुर्गा का उत्सव मना रही शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर</title>
		<link>https://swarajvani.com/committee-in-singhpur-continues-its-navratri-celebration-for-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 13:15:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Satna]]></category>
		<category><![CDATA[Devotees]]></category>
		<category><![CDATA[ghpur]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Celebration]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Event]]></category>
		<category><![CDATA[Shiv Durga Utsav Committee]]></category>
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					<description><![CDATA[वर्षों से निरंतर मां दुर्गा का उत्सव मना रही शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर संवाददाता:  अमन त्रिपाठी &#124; सिंहपुर सिंहपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सिंहपुर में मां दुर्गा ... <a title="वर्षों से निरंतर मां दुर्गा का उत्सव मना रही शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर" class="read-more" href="https://swarajvani.com/committee-in-singhpur-continues-its-navratri-celebration-for-years/" aria-label="Read more about वर्षों से निरंतर मां दुर्गा का उत्सव मना रही शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>वर्षों से निरंतर मां दुर्गा का उत्सव मना रही शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता:  अमन त्रिपाठी | सिंहपुर</strong></p>
<p>सिंहपुर। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सिंहपुर में मां दुर्गा की आराधना को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर कई वर्षों से लगातार मां दुर्गा का उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित कर रही है। समिति के सदस्य हर वर्ष धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए मां की पूजा-अर्चना करते हैं। नवरात्र के दिनों में पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों के चलते क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहता है।</p>
<h2><strong>वर्षों से निभा रहे धार्मिक परंपरा</strong></h2>
<p>शिव दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित इस उत्सव में स्थानीय श्रद्धालु बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। समिति के सदस्यों के सहयोग से वर्षों से चली आ रही यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।</p>
<p>समिति का यह आयोजन क्षेत्र के लोगों को एक साथ जोड़ने का अवसर भी देता है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सामूहिक सहभागिता से उत्सव का माहौल और भक्तिमय बनता है। वर्षों से इस परंपरा के जारी रहने में समिति सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही है।</p>
<h2><strong>पूजा-पाठ से बना भक्तिमय वातावरण</strong></h2>
<p>नवरात्र के पावन दिनों में मां दुर्गा की पूजा और आराधना को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में भागीदारी के साथ भक्त मां के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।</p>
<p>समिति के सदस्य प्रतिवर्ष इस उत्सव के आयोजन में सहयोग करते हैं और धार्मिक परंपराओं को निभाते हैं। आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं की भागीदारी इसे सामूहिक आस्था का स्वरूप देती है। नवरात्र के दौरान सिंहपुर में मां दुर्गा की आराधना और भक्ति का माहौल बना हुआ है।</p>
<h2><strong>आस्था और सहभागिता का प्रतीक बना आयोजन</strong></h2>
<p>शिव दुर्गा उत्सव समिति सिंहपुर का यह आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक भी बना हुआ है। वर्षों से श्रद्धा के साथ मनाए जा रहे इस उत्सव के माध्यम से समिति के सदस्य मां दुर्गा की आराधना की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।</p>
<p>नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। समिति की निरंतरता और स्थानीय लोगों की भागीदारी से उत्सव की परंपरा कायम है। शारदीय नवरात्र के दौरान सिंहपुर में मां दुर्गा के प्रति भक्ति और आस्था का वातावरण बना हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नागौद के हरदुआ मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में भक्तिमय वातावरण</title>
		<link>https://swarajvani.com/maa-durga-idol-installed-at-akhand-jyoti-navdurga-samiti-in/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 12:44:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[nagda]]></category>
		<category><![CDATA[#Nagod]]></category>
		<category><![CDATA[Akhand Jyoti Navdurga Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Idol Installation]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
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					<description><![CDATA[नागौद के हरदुआ मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में भक्तिमय वातावरण पंडित ऋतुराज शास्त्री के मार्गदर्शन में हुई पूजा-अर्चना, विंध्य प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष ... <a title="नागौद के हरदुआ मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में भक्तिमय वातावरण" class="read-more" href="https://swarajvani.com/maa-durga-idol-installed-at-akhand-jyoti-navdurga-samiti-in/" aria-label="Read more about नागौद के हरदुआ मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में भक्तिमय वातावरण">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नागौद के हरदुआ मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित, अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में भक्तिमय वातावरण</strong></h1>
<h3><strong>पंडित ऋतुराज शास्त्री के मार्गदर्शन में हुई पूजा-अर्चना, विंध्य प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष अमन त्रिपाठी ने लिया आशीर्वाद</strong></h3>
<p><strong>नागौद।</strong> शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नगर के हरदुआ मोहल्ला स्थित अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। पंडित ऋतुराज शास्त्री के मार्गदर्शन में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न हुई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। नवरात्रि को लेकर क्षेत्र के भक्तों में उत्साह दिखाई दे रहा है।</p>
<p>इस धार्मिक आयोजन में विंध्य प्रेस क्लब सतना के जिलाध्यक्ष अमन त्रिपाठी ने भी सहभागिता की। उन्होंने पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। प्रतिमा स्थापना के बाद समिति परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई स्थापना</strong></h3>
<p>अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में प्रतिमा स्थापना की धार्मिक प्रक्रिया पंडित ऋतुराज शास्त्री के मार्गदर्शन में पूरी की गई। इस दौरान विधि-विधान के अनुसार पूजा की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां दुर्गा की आराधना करते हुए श्रद्धालुओं ने आयोजन में अपनी आस्था व्यक्त की। स्थापना के साथ समिति परिसर में नवरात्रि की पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया है।</p>
<p>प्रतिमा स्थापना नवरात्रि के आयोजन का महत्वपूर्ण अवसर होती है। श्रद्धालु इस अवसर को माता की उपासना से जोड़कर देखते हैं। हरदुआ मोहल्ले में भी प्रतिमा स्थापना के दौरान यही श्रद्धाभाव दिखाई दिया। पूजा में सम्मिलित लोगों ने मां दुर्गा के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त की। धार्मिक विधियों के साथ संपन्न हुए इस आयोजन से क्षेत्र में नवरात्रि का उत्साह और बढ़ा है।</p>
<h3><strong>अमन त्रिपाठी ने पूजा कर प्राप्त किया आशीर्वाद</strong></h3>
<p>प्रतिमा स्थापना के अवसर पर विंध्य प्रेस क्लब सतना के जिलाध्यक्ष अमन त्रिपाठी ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में उनकी सहभागिता धार्मिक उपासना के रूप में रही। पंडित ऋतुराज शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न पूजा के दौरान अन्य श्रद्धालु भी मां दुर्गा की आराधना से जुड़े।</p>
<p>ऐसे धार्मिक अवसरों पर सामूहिक सहभागिता का विशेष महत्व रहता है। अलग-अलग कार्यक्षेत्रों से जुड़े लोग एक स्थान पर आकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। अखण्ड ज्योति नवदुर्गा समिति में प्रतिमा स्थापना का आयोजन भी श्रद्धालुओं को माता की पूजा के लिए एक साथ जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।</p>
<h3><strong>दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु</strong></h3>
<p>मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होने के बाद समिति परिसर में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। नवरात्रि के प्रति भक्तों का उत्साह उनकी सहभागिता में दिखाई दे रहा है। माता के सामने प्रार्थना करते हुए श्रद्धालु अपने परिवार के कल्याण की कामना कर रहे हैं। क्षेत्र की खुशहाली भी उनकी प्रार्थनाओं का हिस्सा है।</p>
<p>हरदुआ मोहल्ले में यह आयोजन स्थानीय श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा है। समिति परिसर में माता की उपासना के लिए पहुंचने वाले भक्त अपने श्रद्धाभाव के साथ पूजा कर रहे हैं। प्रतिमा स्थापना से लेकर दर्शन और आराधना तक, आयोजन में मां दुर्गा के प्रति भक्ति प्रमुख रूप से दिखाई दे रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पड़ाना गांधी चौक पर मां आशापुरी मंच में हुई मां दुर्गा प्रतिमा की घट स्थापना</title>
		<link>https://swarajvani.com/maa-durga-idol-installed-at-maa-ashapuri-stage-in/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Oct 2026 11:44:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Padana]]></category>
		<category><![CDATA[ana]]></category>
		<category><![CDATA[Ghatasthapana]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Ashapuri]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
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					<description><![CDATA[पड़ाना गांधी चौक पर मां आशापुरी मंच में हुई मां दुर्गा प्रतिमा की घट स्थापना डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला चल समारोह, भजनों पर झूमते हुए पंडाल पहुंचे श्रद्धालु ... <a title="पड़ाना गांधी चौक पर मां आशापुरी मंच में हुई मां दुर्गा प्रतिमा की घट स्थापना" class="read-more" href="https://swarajvani.com/maa-durga-idol-installed-at-maa-ashapuri-stage-in/" aria-label="Read more about पड़ाना गांधी चौक पर मां आशापुरी मंच में हुई मां दुर्गा प्रतिमा की घट स्थापना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>पड़ाना गांधी चौक पर मां आशापुरी मंच में हुई मां दुर्गा प्रतिमा की घट स्थापना</strong></h1>
<h2><strong>डीजे और ढोल-नगाड़ों के साथ निकला चल समारोह, भजनों पर झूमते हुए पंडाल पहुंचे श्रद्धालु</strong></h2>
<p><strong>पड़ाना।</strong> शारदीय नवरात्र महोत्सव नगर और आसपास के क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जा रहा है। रविवार को आशापुरी मित्र मंडल की ओर से मां दुर्गा की विशाल प्रतिमा का चल समारोह निकाला गया। तलेन-आसारेटा रोड से शुरू हुए इस समारोह में प्रतिमा को ट्रैक्टर पर विराजित किया गया। डीजे, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालु धार्मिक भजनों पर झूमते हुए आगे बढ़े।</p>
<p>चल समारोह नगर के नाना गोया और सदर बाजार से होते हुए गांधी चौक तथा बस स्टैंड स्थित मां आशापुरी पंडाल पहुंचा। रास्तेभर भक्तिमय माहौल बना रहा। भजनों की धुन और ढोल-नगाड़ों की आवाज के साथ श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। ट्रैक्टर पर सजी मां दुर्गा की प्रतिमा चल समारोह का मुख्य आकर्षण रही। आतिशबाजी के बीच नगर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा के बाद प्रतिमा को पंडाल में स्थापित किया गया।</p>
<h3><strong>विधि-विधान से हुई प्रतिमा स्थापना</strong></h3>
<p>रविवार रात करीब 8 बजे बस स्टैंड स्थित मां आशापुरी मंच पर पंडित गौरव शर्मा ने विधि-विधान के साथ मां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना कराई। पूजा-अर्चना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधियां संपन्न हुईं। भूपेंद्र परमार, राजेंद्र परमार, मंडल के मंत्री और सदस्यों ने पूजा में भाग लेकर घट स्थापना की। इसके साथ ही पंडाल में नवरात्र महोत्सव की धार्मिक गतिविधियों की शुरुआत हुई।</p>
<p>आशापुरी मित्र मंडल के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने प्रतिमा स्थापना के अवसर पर मां दुर्गा की आराधना की। पूजा के बाद भक्तों ने माता के जयकारे लगाए। नवरात्र के पहले दिन से ही नगर में धार्मिक उत्साह दिखाई दे रहा है। मंदिरों और पंडालों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।</p>
<h3><strong>भजनों के साथ निकली यात्रा</strong></h3>
<p>चल समारोह में शामिल श्रद्धालु धार्मिक भजनों पर थिरकते हुए आगे बढ़े। डीजे के साथ ढोल-नगाड़ों की संगत ने यात्रा को उत्सवमय बनाया। तलेन-आसारेटा रोड से निकली यह यात्रा नाना गोया और सदर बाजार से गुजरकर गांधी चौक पहुंची। इसके बाद प्रतिमा को बस स्टैंड स्थित मां आशापुरी पंडाल में लाया गया। आयोजन के दौरान भक्तों ने पूरे मार्ग में माता के जयकारे लगाए और नवरात्र की शुभकामनाएं साझा कीं।</p>
<p>मां दुर्गा की प्रतिमा को पंडाल तक लाने और स्थापना की तैयारियों में आशापुरी मित्र मंडल के सदस्यों ने सहभागिता की। पंडित गौरव शर्मा के मार्गदर्शन में पूजा की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रतिमा स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।</p>
<h3><strong>नगर में बना भक्तिमय माहौल</strong></h3>
<p>शारदीय नवरात्र के अवसर पर पड़ाना सहित आसपास के इलाकों में भी उत्साह का माहौल है। नगर में निकले चल समारोह और पंडाल में प्रतिमा स्थापना के साथ नवरात्र महोत्सव ने गति पकड़ ली है। धार्मिक भजनों, जयकारों और पूजा-अर्चना से गांधी चौक तथा बस स्टैंड क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।</p>
<p>आशापुरी मित्र मंडल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिमा स्थापना के दौरान मंडल के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने पंडाल पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा की। नवरात्र के दौरान नगर में धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा। प्रतिमा स्थापना के साथ ही पंडाल में मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक महोत्सव में भाग लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, 9 दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प</title>
		<link>https://swarajvani.com/sharadiya-navratri-worship-of-maa-durga-awakens/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Oct 2026 09:39:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[religious]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Nari Shakti Vandan Adhiniyam]]></category>
		<category><![CDATA[Savitri Thakur]]></category>
		<category><![CDATA[Sharadiya Navratri 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Women Empowerment]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=365958</guid>

					<description><![CDATA[शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, नौ दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प: सावित्री ठाकुर केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार-महू ... <a title="शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, 9 दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sharadiya-navratri-worship-of-maa-durga-awakens/" aria-label="Read more about शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, 9 दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 dir="ltr"><strong>शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, नौ दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प: सावित्री ठाकुर</strong></h2>
<p dir="ltr"><strong>केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर का आलेख, बोलीं— &#8220;शक्ति का वास्तविक अर्थ सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए उसका उपयोग है&#8221;</strong></p>
<p dir="ltr"><strong><em>(लेखिका: सावित्री ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं सांसद, धार-महू लोकसभा क्षेत्र)</em></strong></p>
<p dir="ltr">भारतीय संस्कृति में शारदीय नवरात्रि शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन पर्व है। माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, धैर्य, करुणा और आत्मविश्वास अपनाने की प्रेरणा देती है। ये नौ दिन केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर की शक्ति को पहचानने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का समय भी हैं।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>नवरात्रि के नौ दिन, नौ संदेश</strong></h3>
<p dir="ltr">नवरात्रि का प्रत्येक दिन एक विशेष संदेश लेकर आता है:</p>
<ul dir="ltr">
<li><strong>माँ शैलपुत्री:</strong> दृढ़ संकल्प</li>
<li><strong>माँ ब्रह्मचारिणी:</strong> तपस्या और अनुशासन</li>
<li><strong>माँ चंद्रघंटा:</strong> साहस</li>
<li><strong>माँ कूष्मांडा:</strong> सृजनशीलता</li>
<li><strong>माँ स्कंदमाता:</strong> वात्सल्य</li>
<li><strong>माँ कात्यायनी:</strong> अन्याय के विरुद्ध संघर्ष</li>
<li><strong>माँ कालरात्रि:</strong> निर्भयता</li>
<li><strong>माँ महागौरी:</strong> पवित्रता</li>
<li><strong>माँ सिद्धिदात्री:</strong> साधना की पूर्णता</li>
</ul>
<p dir="ltr">व्रत, ध्यान, मंत्र-जप और सेवा के माध्यम से हम मन को एकाग्र कर सकते हैं और जीवन में सकारात्मकता तथा अनुशासन ला सकते हैं। सच्ची साधना वही है, जो विचारों को शुद्ध करे, व्यवहार में संवेदनशीलता लाए और दूसरों के कल्याण के लिए प्रेरित करे।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>माँ की आराधना और नारी शक्ति का सम्मान</strong></h3>
<p dir="ltr">भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। माँ दुर्गा का स्वरूप याद दिलाता है कि नारी में ममता और करुणा के साथ साहस, नेतृत्व और संघर्ष की अद्भुत क्षमता भी है। आज महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, उद्यमिता, कृषि और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।</p>
<p dir="ltr">नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान केवल देवी की पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हर बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके निर्णयों का सम्मान करने और भेदभाव से मुक्त वातावरण देने के प्रयास ही माँ की आराधना को वास्तविक अर्थ देते हैं।</p>
<p dir="ltr">जब एक महिला शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिला सशक्तीकरण केवल महिलाओं के विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी सम्मान से राष्ट्र निर्माण तक</strong></h3>
<p dir="ltr">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और अवसरों से परिपूर्ण वातावरण तैयार करना है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे विषय सामूहिक प्रयासों की प्राथमिकता हैं।</p>
<p dir="ltr">सावित्री ठाकुर ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को राष्ट्र के विकास का अभिन्न अंग बनाने के लिए अनेक पहल की गई हैं। सरकार की सोच महिलाओं को केवल विकास का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्वकर्ता बनाने की है।</p>
<ul dir="ltr">
<li><strong>नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023:</strong> लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय-निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।</li>
<li><strong>बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान:</strong> बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन।</li>
<li><strong>मिशन शक्ति:</strong> महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण पर केंद्रित।</li>
<li><strong>मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0:</strong> मातृ एवं बाल पोषण को मजबूती।</li>
<li><strong>प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना:</strong> पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr"><strong>नवरात्रि पर लें नारी सम्मान और सेवा का संकल्प</strong></h3>
<p dir="ltr">शारदीय नवरात्रि सिखाती है कि शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल सामर्थ्य नहीं, बल्कि उसका उपयोग सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए करना है। इस अवसर पर सभी यह संकल्प लें कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देंगे, महिलाओं के योगदान का सम्मान करेंगे और जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं की सहायता के लिए आगे आएँगे।</p>
<p dir="ltr">उन्होंने कहा कि इन नौ दिनों की साधना को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाएँ। हमारी आस्था आत्मबल बने, भक्ति सेवा का मार्ग प्रशस्त करे और हमारे संकल्प महिला सशक्तीकरण तथा बाल कल्याण को नई दिशा दें।</p>
<p dir="ltr">माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से हर परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आए, हर महिला को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की शक्ति मिले और हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सके। सभी मिलकर ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें, जहाँ नारी का सम्मान हो, बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो और समान अवसर हर व्यक्ति तक पहुँचें।</p>
<p dir="ltr">आप सभी को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ। <strong>जय माता दी!</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी</title>
		<link>https://swarajvani.com/this-navratri-true-devotion-means-respecting-every/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 13:01:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[religious]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Nari Samman]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Poonam Ramesh Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan News]]></category>
		<category><![CDATA[Women Respect]]></category>
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					<description><![CDATA[इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी &#8220;माँ दुर्गा केवल मंदिरों में नहीं, हर उस स्त्री में बसती हैं जो अपमान ... <a title="इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/this-navratri-true-devotion-means-respecting-every/" aria-label="Read more about इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 dir="ltr"><strong>इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी</strong></h1>
<p dir="ltr"><strong>&#8220;माँ दुर्गा केवल मंदिरों में नहीं, हर उस स्त्री में बसती हैं जो अपमान सहकर भी परिवार के लिए हँसती है&#8221;</strong></p>
<p dir="ltr"><strong>राजस्थान, 9 अक्टूबर।</strong> नवरात्रि के पावन अवसर पर पूनम रमेश गांधी (राजस्थान) ने नारी सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि माता रानी की सेवा-पूजा का अधिकार उसी को है, जो हर स्त्री को इज्जत और सम्मान दे सके।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>हर स्त्री में देखें माँ का रूप</strong></h3>
<p dir="ltr">उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्त्री को खिलौना नहीं, बल्कि जीती-जागती भावना समझे और उसकी हँसी के पीछे छिपे दर्द को भी महसूस करे, वही सच्चा भक्त है। माँ, बहन और बेटी ही नहीं, हर स्त्री में माँ का रूप देखना चाहिए और उसकी इज्जत को अपनी इज्जत से बढ़कर मानना चाहिए।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>नारी का अपमान, तो कैसी भक्ति?</strong></h3>
<p dir="ltr">पूनम गांधी ने कहा कि माँ दुर्गा स्वयं भी एक नारी हैं, ऐसे में नारी का अपमान करके की गई भक्ति का कोई अर्थ नहीं रह जाता। माथे पर तिलक लगाकर और हाथों में पूजा की थाली लेकर भी यदि कोई स्त्री का सम्मान नहीं कर सकता, तो उसे माँ को पुकारने का अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, माँ के चरणों में सच्चे मन से वही शीश झुका सकता है, जिसके व्यवहार से किसी नारी की आँख नम न हो।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>नवरात्रि पर यह एक बात जरूर याद रखें</strong></h3>
<p dir="ltr">उन्होंने अपील की कि मंदिर में माँ की मूर्ति सजाने से पहले अपने मन में नारी के प्रति सम्मान रखें। माँ दुर्गा केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि हर उस स्त्री में बसती हैं, जो अपमान सहकर भी अपने परिवार के लिए मुस्कुराती है।</p>
<p dir="ltr"><strong>जय माता दी!</strong></p>
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		<title>शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, 19 को अष्टमी-नवमी के अनुष्ठान और 20 को विजयादशमी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 Oct 2026 13:23:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Morena]]></category>
		<category><![CDATA[Ashtami Navami]]></category>
		<category><![CDATA[Dainik Swaraj Vani]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Ghatasthapana Muhurat]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Morena News]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Dates]]></category>
		<category><![CDATA[ratri 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Vijayadashami 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, 19 को अष्टमी-नवमी के अनुष्ठान और 20 को विजयादशमी संवाददाता:  मनोज जैन नायक मुरैना  मां दुर्गा की साधना और आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र ... <a title="शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, 19 को अष्टमी-नवमी के अनुष्ठान और 20 को विजयादशमी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/shardiya-navratri-2026-begins-october-11-ashtami-navami-rituals-on-october-19-dussehra-on-20/" aria-label="Read more about शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, 19 को अष्टमी-नवमी के अनुष्ठान और 20 को विजयादशमी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, 19 को अष्टमी-नवमी के अनुष्ठान और 20 को विजयादशमी</strong></h1>
<p><strong>संवाददाता:  मनोज जैन नायक</p>
<p>मुरैना </strong> मां दुर्गा की साधना और आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से प्रारंभ होगा। घटस्थापना के साथ श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करेंगे। नवरात्र के प्रमुख अनुष्ठानों के बाद 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस बार सप्तमी तिथि में वृद्धि तथा 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी के प्रमुख अनुष्ठानों का संयोग रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए घटस्थापना की तिथि, पूजा का क्रम और शुभ मुहूर्त विशेष महत्व रखेंगे।</p>
<h2><strong>उदया तिथि के अनुसार 11 अक्टूबर को होगी घटस्थापना</strong></h2>
<p>वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 11 अक्टूबर को नवरात्र का पहला दिन माना जाएगा। इसी दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना की जाएगी।</p>
<p>वर्ष में शारदीय और वासंतिक नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा की विशेष साधना की जाती है। शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु देवी के नौ स्वरूपों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। प्रत्येक स्वरूप की आराधना अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी है। इनमें स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, साहस, पारिवारिक कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति की कामना प्रमुख है।</p>
<h2><strong>हाथी की सवारी पर आगमन, घोड़े पर विदाई की मान्यता</strong></h2>
<p>डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार इस वर्ष रविवार से नवरात्र प्रारंभ होने के कारण धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी की सवारी पर होगा। वहीं विदाई घोड़े की सवारी पर मानी जाएगी।</p>
<p>धार्मिक परंपरा में हाथी पर देवी के आगमन को अच्छी वर्षा, बेहतर फसल और जनजीवन में सुख-समृद्धि का संकेत माना जाता है। देवी के आगमन और प्रस्थान की सवारी का उल्लेख नवरात्र से जुड़ी मान्यताओं में किया जाता है। श्रद्धालु इन परंपराओं के साथ मां दुर्गा की पूजा करते हैं।</p>
<h2><strong>पहले चार दिन शैलपुत्री से कूष्मांडा तक की आराधना</strong></h2>
<p><strong>11 अक्टूबर, रविवार—मां शैलपुत्री:</strong> प्रतिपदा पर घटस्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यता में इन्हें स्वास्थ्य, स्थिरता और सौभाग्य की देवी माना जाता है।</p>
<p><strong>12 अक्टूबर, सोमवार—मां ब्रह्मचारिणी:</strong> द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी की साधना होगी। देवी का यह स्वरूप तप और संयम से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति की भावना से इनकी आराधना करते हैं।</p>
<p><strong>13 अक्टूबर, मंगलवार—मां चंद्रघंटा:</strong> तृतीया पर मां चंद्रघंटा की पूजा होगी। इनकी आराधना साहस, शांति और भय से मुक्ति की कामना के साथ की जाती है।</p>
<p><strong>14 अक्टूबर, बुधवार—मां कूष्मांडा:</strong> चतुर्थी पर मां कूष्मांडा की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार देवी का यह स्वरूप आरोग्य, ऊर्जा और समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।</p>
<h2><strong>स्कंदमाता, कात्यायनी और कालरात्रि की होगी पूजा</strong></h2>
<p><strong><br />
<img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-364929 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aaaaaaaaaas-257x300.jpg" alt="aaaaaaaaaas" width="309" height="361" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aaaaaaaaaas-257x300.jpg 257w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/aaaaaaaaaas.jpg 651w" sizes="(max-width: 309px) 100vw, 309px" /></strong><strong style="font-size: inherit;">15 अक्टूबर, गुरुवार—मां स्कंदमाता:</strong><span style="font-size: inherit;"> पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की आराधना होगी। इनकी पूजा संतान सुख तथा परिवार के कल्याण की कामना से की जाती है।</span></p>
<p><strong>16 अक्टूबर, शुक्रवार—मां कात्यायनी:</strong> षष्ठी पर मां कात्यायनी की साधना होगी। देवी के इस स्वरूप को विवाह, दांपत्य सुख और मनोकामना पूर्ति से जोड़ा जाता है।</p>
<p><strong>17 अक्टूबर, शनिवार—मां कालरात्रि:</strong> बताए गए पूजा क्रम के अनुसार षष्ठी-सप्तमी के दौरान मां कालरात्रि की आराधना होगी। श्रद्धालु भय, बाधाओं और नकारात्मकता से रक्षा की भावना के साथ देवी की साधना करेंगे।</p>
<h2><strong>19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी के प्रमुख अनुष्ठान</strong></h2>
<p><strong>18 अक्टूबर, रविवार—मां महागौरी:</strong> सप्तमी पर मां महागौरी की पूजा होगी। देवी का यह स्वरूप शांति, पवित्रता और सुख प्रदान करने वाला माना जाता है। इस बार सप्तमी तिथि में वृद्धि होने से पूजा क्रम में यह विशेष स्थिति रहेगी।</p>
<p><strong>19 अक्टूबर, सोमवार—मां सिद्धिदात्री:</strong> अष्टमी-नवमी के संयोग में मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी। इनकी साधना सिद्धि, पूर्णता और आध्यात्मिक उन्नति की कामना से जुड़ी मानी जाती है। डॉ. जैन के अनुसार इसी दिन अष्टमी और नवमी के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।</p>
<p><strong>20 अक्टूबर, मंगलवार—विजयादशमी:</strong> दशमी तिथि पर विजयादशमी अर्थात दशहरा मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता में यह पर्व विजय तथा शुभ कार्यों में सफलता का प्रतीक माना जाता है।</p>
<h2><strong>घटस्थापना के लिए लाभ, अमृत और अभिजीत मुहूर्त</strong></h2>
<p>इंजीनियर हिमांशु जैन ने बताया कि 11 अक्टूबर को घटस्थापना के लिए चौघड़िया के अनुसार लाभ मुहूर्त सुबह <strong>9:14 बजे से 10:41 बजे तक</strong> रहेगा। इसके बाद अमृत मुहूर्त सुबह <strong>10:41 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक</strong> होगा।</p>
<p>वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह <strong>11:45 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक</strong> रहेगा। इसे घटस्थापना के लिए विशेष शुभ बताया गया है। इस प्रकार नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना के लिए लाभ, अमृत और अभिजीत मुहूर्त के समय उपलब्ध रहेंगे। घटस्थापना के साथ शुरू होने वाली देवी आराधना में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे।</p>
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