शारदीय नवरात्रि: माँ दुर्गा की आराधना से नारी शक्ति का जागरण, नौ दिन की साधना, आत्मबल और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प: सावित्री ठाकुर
केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर का आलेख, बोलीं— “शक्ति का वास्तविक अर्थ सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए उसका उपयोग है”
(लेखिका: सावित्री ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं सांसद, धार-महू लोकसभा क्षेत्र)
भारतीय संस्कृति में शारदीय नवरात्रि शक्ति, श्रद्धा, साधना और आत्मशुद्धि का पावन पर्व है। माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, धैर्य, करुणा और आत्मविश्वास अपनाने की प्रेरणा देती है। ये नौ दिन केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर की शक्ति को पहचानने और समाज के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का समय भी हैं।
नवरात्रि के नौ दिन, नौ संदेश
नवरात्रि का प्रत्येक दिन एक विशेष संदेश लेकर आता है:
- माँ शैलपुत्री: दृढ़ संकल्प
- माँ ब्रह्मचारिणी: तपस्या और अनुशासन
- माँ चंद्रघंटा: साहस
- माँ कूष्मांडा: सृजनशीलता
- माँ स्कंदमाता: वात्सल्य
- माँ कात्यायनी: अन्याय के विरुद्ध संघर्ष
- माँ कालरात्रि: निर्भयता
- माँ महागौरी: पवित्रता
- माँ सिद्धिदात्री: साधना की पूर्णता
व्रत, ध्यान, मंत्र-जप और सेवा के माध्यम से हम मन को एकाग्र कर सकते हैं और जीवन में सकारात्मकता तथा अनुशासन ला सकते हैं। सच्ची साधना वही है, जो विचारों को शुद्ध करे, व्यवहार में संवेदनशीलता लाए और दूसरों के कल्याण के लिए प्रेरित करे।
माँ की आराधना और नारी शक्ति का सम्मान
भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। माँ दुर्गा का स्वरूप याद दिलाता है कि नारी में ममता और करुणा के साथ साहस, नेतृत्व और संघर्ष की अद्भुत क्षमता भी है। आज महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, उद्यमिता, कृषि और राजनीति सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान केवल देवी की पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हर बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके निर्णयों का सम्मान करने और भेदभाव से मुक्त वातावरण देने के प्रयास ही माँ की आराधना को वास्तविक अर्थ देते हैं।
जब एक महिला शिक्षित और आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिला सशक्तीकरण केवल महिलाओं के विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी सम्मान से राष्ट्र निर्माण तक
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और अवसरों से परिपूर्ण वातावरण तैयार करना है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे विषय सामूहिक प्रयासों की प्राथमिकता हैं।
सावित्री ठाकुर ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को राष्ट्र के विकास का अभिन्न अंग बनाने के लिए अनेक पहल की गई हैं। सरकार की सोच महिलाओं को केवल विकास का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का नेतृत्वकर्ता बनाने की है।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और निर्णय-निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान: बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहन।
- मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और सशक्तीकरण पर केंद्रित।
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0: मातृ एवं बाल पोषण को मजबूती।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: पात्र गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता।
नवरात्रि पर लें नारी सम्मान और सेवा का संकल्प
शारदीय नवरात्रि सिखाती है कि शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल सामर्थ्य नहीं, बल्कि उसका उपयोग सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए करना है। इस अवसर पर सभी यह संकल्प लें कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देंगे, महिलाओं के योगदान का सम्मान करेंगे और जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं की सहायता के लिए आगे आएँगे।
उन्होंने कहा कि इन नौ दिनों की साधना को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाएँ। हमारी आस्था आत्मबल बने, भक्ति सेवा का मार्ग प्रशस्त करे और हमारे संकल्प महिला सशक्तीकरण तथा बाल कल्याण को नई दिशा दें।
माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से हर परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आए, हर महिला को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की शक्ति मिले और हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सके। सभी मिलकर ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें, जहाँ नारी का सम्मान हो, बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो और समान अवसर हर व्यक्ति तक पहुँचें।
आप सभी को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ। जय माता दी!
