इस नवरात्रि माँ की सच्ची भक्ति वही, जो हर नारी का करे सम्मान: पूनम रमेश गांधी
“माँ दुर्गा केवल मंदिरों में नहीं, हर उस स्त्री में बसती हैं जो अपमान सहकर भी परिवार के लिए हँसती है”
राजस्थान, 9 अक्टूबर। नवरात्रि के पावन अवसर पर पूनम रमेश गांधी (राजस्थान) ने नारी सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि माता रानी की सेवा-पूजा का अधिकार उसी को है, जो हर स्त्री को इज्जत और सम्मान दे सके।
हर स्त्री में देखें माँ का रूप
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्त्री को खिलौना नहीं, बल्कि जीती-जागती भावना समझे और उसकी हँसी के पीछे छिपे दर्द को भी महसूस करे, वही सच्चा भक्त है। माँ, बहन और बेटी ही नहीं, हर स्त्री में माँ का रूप देखना चाहिए और उसकी इज्जत को अपनी इज्जत से बढ़कर मानना चाहिए।
नारी का अपमान, तो कैसी भक्ति?
पूनम गांधी ने कहा कि माँ दुर्गा स्वयं भी एक नारी हैं, ऐसे में नारी का अपमान करके की गई भक्ति का कोई अर्थ नहीं रह जाता। माथे पर तिलक लगाकर और हाथों में पूजा की थाली लेकर भी यदि कोई स्त्री का सम्मान नहीं कर सकता, तो उसे माँ को पुकारने का अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, माँ के चरणों में सच्चे मन से वही शीश झुका सकता है, जिसके व्यवहार से किसी नारी की आँख नम न हो।
नवरात्रि पर यह एक बात जरूर याद रखें
उन्होंने अपील की कि मंदिर में माँ की मूर्ति सजाने से पहले अपने मन में नारी के प्रति सम्मान रखें। माँ दुर्गा केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि हर उस स्त्री में बसती हैं, जो अपमान सहकर भी अपने परिवार के लिए मुस्कुराती है।
जय माता दी!
