<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>KAMAL NATH &#8211; Swaraj Vani</title>
	<atom:link href="https://swarajvani.com/tag/kamal-nath/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<description>From politics and jobs to culture and community stories, we deliver timely, unbiased updates that matter.</description>
	<lastBuildDate>Wed, 06 May 2026 07:46:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/07/cropped-स्वराज-वाणी-1-32x32.png</url>
	<title>KAMAL NATH &#8211; Swaraj Vani</title>
	<link>https://swarajvani.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>राज्यसभा चुनाव से पहले Congress अलर्ट मोड में, कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की रणनीतिक बैठक; जीतू पटवारी करेंगे विधायकों की निगरानी</title>
		<link>https://swarajvani.com/congress-on-alert-ahead-of-rajya-sabha-polls-in-mp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 07:46:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CONGRESS]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Digvijaya Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Jitu Patwari]]></category>
		<category><![CDATA[KAMAL NATH]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha Election 2026]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=321696</guid>

					<description><![CDATA[राज्यसभा चुनाव से पहले Congress अलर्ट मोड में, कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की रणनीतिक बैठक;  मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। जैसे-जैसे ... <a title="राज्यसभा चुनाव से पहले Congress अलर्ट मोड में, कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की रणनीतिक बैठक; जीतू पटवारी करेंगे विधायकों की निगरानी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/congress-on-alert-ahead-of-rajya-sabha-polls-in-mp/" aria-label="Read more about राज्यसभा चुनाव से पहले Congress अलर्ट मोड में, कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की रणनीतिक बैठक; जीतू पटवारी करेंगे विधायकों की निगरानी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>राज्यसभा चुनाव से पहले Congress अलर्ट मोड में, कमल नाथ-दिग्विजय सिंह की रणनीतिक बैठक; </strong></h1>
<p>मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सियासी दलों की गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) इस समय पूरी तरह सतर्क मोड में नजर आ रही है। पार्टी ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोकने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।</p>
<p>यह चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं और विधानसभा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।</p>
<h2><strong>दिल्ली में हुई रणनीतिक बैठक, वरिष्ठ नेता रहे मौजूद</strong></h2>
<p>राज्यसभा चुनाव को लेकर हाल ही में दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में Congress के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए।</p>
<p>बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करना था। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी और हर विधायक पर नजर रखी जाएगी।</p>
<p>वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस चुनाव में एक-एक वोट बेहद महत्वपूर्ण है और किसी भी तरह की चूक का परिणाम पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।</p>
<h2><strong>जीतू पटवारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी</strong></h2>
<p>कांग्रेस नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सभी विधायकों से नियमित संवाद रखें और यह सुनिश्चित करें कि सभी सदस्य मतदान के समय पार्टी लाइन का पालन करें।</p>
<p>जीतू पटवारी को यह भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे किसी भी तरह की असंतुष्टि या अंदरूनी मतभेद को समय रहते दूर करें ताकि चुनाव में पार्टी की एकजुटता बनी रहे।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती और इसलिए विधायकों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।</p>
<h3><strong>विधानसभा का गणित Congress के लिए चुनौतीपूर्ण</strong></h3>
<p>मध्य प्रदेश विधानसभा का मौजूदा गणित कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास पहले 64 विधायक थे, लेकिन मौजूदा समय में यह संख्या घटकर लगभग 62 के आसपास रह गई है।</p>
<p>इस कमी के पीछे कई कारण हैं:</p>
<ul>
<li>एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो चुकी है</li>
<li>एक विधायक के मतदान पर न्यायिक रोक लगी हुई है</li>
<li>एक अन्य विधायक पर दलबदल से जुड़ा मामला लंबित है</li>
</ul>
<p>इन परिस्थितियों के चलते कांग्रेस की वास्तविक ताकत अपेक्षाकृत कमजोर हो गई है, जिससे राज्यसभा चुनाव में उसका गणित बिगड़ सकता है।</p>
<h3><strong>क्रॉस वोटिंग का डर क्यों बढ़ा?</strong></h3>
<p>कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय क्रॉस वोटिंग यानी पार्टी के खिलाफ वोटिंग है। हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव के दौरान इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जहां विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।</p>
<p>इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। पार्टी को डर है कि अगर कुछ विधायक अनुपस्थित रहते हैं या क्रॉस वोटिंग करते हैं, तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ सकता है।</p>
<p>इसलिए विधायकों की निगरानी और संपर्क बनाए रखने के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<h3><strong>तीन राज्यसभा सीटों पर मुकाबला</strong></h3>
<p>मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें 21 जून 2026 को खाली हो रही हैं। इन सीटों के लिए चुनाव मई के अंतिम सप्ताह में घोषित होने की संभावना है।</p>
<p>वर्तमान राजनीतिक स्थिति के अनुसार:</p>
<ul>
<li>दो सीटें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है</li>
<li>एक सीट कांग्रेस को मिलने की संभावना जताई जा रही है</li>
</ul>
<p>हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो मुकाबला और भी जटिल हो सकता है और कांग्रेस की स्थिति कमजोर पड़ सकती है।</p>
<h4><strong>भोपाल में होगी अहम बैठक</strong></h4>
<p>चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद कांग्रेस सभी विधायकों को भोपाल बुलाने की योजना बना रही है। इस बैठक में विधायकों को मतदान प्रक्रिया, पार्टी अनुशासन और रणनीति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे।</p>
<p>इस दौरान विधायकों को यह समझाया जाएगा कि किसी भी तरह की लापरवाही या गैरहाजिरी पार्टी के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकती है।</p>
<p>इसके अलावा पार्टी यह भी सुनिश्चित करेगी कि मतदान के दिन सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करें और किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित न हों।</p>
<h4><strong>संगठनात्मक एकजुटता पर जोर</strong></h4>
<p>कांग्रेस का पूरा फोकस इस समय संगठनात्मक एकजुटता पर है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि चुनाव जीतने के लिए केवल संख्याबल ही नहीं, बल्कि अनुशासन और एकजुटता भी बेहद जरूरी है।</p>
<p>इसी कारण पार्टी ने अपने सभी बड़े नेताओं को सक्रिय कर दिया है ताकि विधायकों के साथ लगातार संवाद बना रहे और किसी भी तरह की नाराजगी या असंतोष को समय रहते दूर किया जा सके।</p>
<h4><strong>राजनीतिक माहौल में बढ़ती गर्माहट</strong></h4>
<p>जैसे-जैसे राज्यसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे मध्य प्रदेश का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होता जा रहा है। दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।</p>
<p>भाजपा जहां अपने मजबूत संख्या बल पर भरोसा कर रही है, वहीं कांग्रेस सीमित विधायकों के बावजूद एक सीट को सुरक्षित करने की कोशिश में जुटी है।</p>
<h4><strong>विश्लेषण: कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह चुनाव</strong></h4>
<p>राज्यसभा चुनाव केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक ताकत का भी प्रदर्शन होता है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि:</p>
<ul>
<li>यह पार्टी की आंतरिक एकजुटता को दर्शाएगा</li>
<li>भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर असर डालेगा</li>
<li>संगठन की मजबूती का परीक्षण होगा</li>
</ul>
<p>अगर कांग्रेस इस चुनाव में अपनी एक सीट सुरक्षित रखने में सफल होती है, तो यह उसके लिए मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम होगा।</p>
<h2><strong>निष्कर्ष</strong></h2>
<p>मध्य प्रदेश में होने वाला राज्यसभा चुनाव कांग्रेस के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है। सीमित विधायकों की संख्या, क्रॉस वोटिंग का खतरा और भाजपा की मजबूत स्थिति ने मुकाबले को और कठिन बना दिया है।</p>
<p>कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी जैसे वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता से पार्टी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। विधायकों की निगरानी और लगातार संपर्क बनाए रखने की रणनीति इस चुनाव में कांग्रेस के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।</p>
<p>अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस अपनी एक संभावित सीट को बचाने में सफल होती है या फिर राजनीतिक समीकरण कुछ और ही परिणाम लेकर आते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Kamal Nath ने रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल अफरा-तफरी पर सरकार को घेरा, पूछा “कब तक रहेंगे ऐसे हालात”</title>
		<link>https://swarajvani.com/kamal-nath-criticizes-government-over-lpg-shortage/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:43:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[KAMAL NATH]]></category>
		<category><![CDATA[LPG shortage]]></category>
		<category><![CDATA[MP Gas Supply]]></category>
		<category><![CDATA[MP Government]]></category>
		<category><![CDATA[Petrol crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Petrol-Diesel Limitation]]></category>
		<category><![CDATA[Ujjwala Yojana]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=314443</guid>

					<description><![CDATA[रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल को लेकर अफरा-तफरी पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी ... <a title="Kamal Nath ने रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल अफरा-तफरी पर सरकार को घेरा, पूछा “कब तक रहेंगे ऐसे हालात”" class="read-more" href="https://swarajvani.com/kamal-nath-criticizes-government-over-lpg-shortage/" aria-label="Read more about Kamal Nath ने रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल अफरा-तफरी पर सरकार को घेरा, पूछा “कब तक रहेंगे ऐसे हालात”">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल को लेकर अफरा-तफरी पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा</strong></h1>
<p>भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Kamal Nath ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक शहर की नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही, कमजोर प्रबंधन और गलत नीतियों का परिणाम है।</p>
<p>कमलनाथ ने कहा, “सरकार हर मंच पर दावा करती है कि व्यवस्था मजबूत है, लेकिन जमीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है। आम आदमी अपनी रसोई चलाने के लिए लाइन में खड़ा है, अपनी गाड़ी चलाने के लिए घंटों भटक रहा है। सवाल यह है कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई?”</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। उनका कहना है कि सरकार का काम संकट को टालना नहीं बल्कि पहले से तैयारी करना होता है।</p>
<h2><strong>रसोई गैस की किल्लत: उज्ज्वला योजना पर सवाल</strong></h2>
<p>Kamal Nath ने <strong>प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना</strong> पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “उज्ज्वला योजना के नाम पर लाखों कनेक्शन दिए गए, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो गैस ही उपलब्ध नहीं हुई। क्या सिर्फ कनेक्शन देना ही सरकार का काम था, या उसकी निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करना भी जिम्मेदारी थी?”</p>
<p>उन्होंने बताया कि अब गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए आम लोगों को 35 से 45 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कमलनाथ ने कहा कि यह स्थिति 21वीं सदी के भारत के लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है और यह किसी संकटग्रस्त देश की तस्वीर की तरह लग रही है।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि रसोई गैस की कमी के कारण महिलाएं और परिवार अपने घर का खाना बनाने में बाधाओं का सामना कर रहे हैं। छोटे व्यवसाय और होटल भी इस संकट से प्रभावित हो रहे हैं। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।</p>
<h3><strong>पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी</strong></h3>
<p>कमलनाथ ने पेट्रोल और डीजल की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि कहीं पेट्रोल खत्म हो रहा है, कहीं लिमिट लगाई जा रही है और कुछ जगह प्रीमियम पेट्रोल थमाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिस्टम पूरी तरह चरमरा चुका है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है।</p>
<p>पूर्व सीएम ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और लंबी लाइनें आम बात हो गई हैं। लोगों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है और कई बार उन्हें अपने वाहन के लिए आवश्यक ईंधन भी नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल रही है।</p>
<h3><strong>सरकार से सवाल और जवाबदेही की मांग</strong></h3>
<p>कमलनाथ ने सरकार से कई सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि जब आम जनता परेशान है तो जिम्मेदार लोग कहां हैं? क्या उन्हें सिर्फ चुनाव के समय ही जनता याद आती है? उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि जनता सवाल पूछे कि क्यों बार-बार ऐसी स्थिति बनती है, क्यों हर बार आम आदमी ही इसकी कीमत चुकाता है और आखिर कब तक यह हालात रहेंगे।</p>
<p>उन्होंने यह भी चेताया कि इस तरह की अफरा-तफरी केवल जनता के लिए मुश्किलें नहीं बढ़ाती बल्कि सरकार की विश्वसनीयता और विश्वास को भी कमजोर करती है।</p>
<h3><strong>प्रशासनिक विफलता या नीति की कमजोरी?</strong></h3>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई गैस और पेट्रोल की इस स्थिति के पीछे सिर्फ आपूर्ति की कमी नहीं बल्कि नीति और प्रबंधन की कमज़ोरी भी है। उद्योग विशेषज्ञ <strong>डॉ. रवि मेहता</strong> के अनुसार, “एलपीजी और ईंधन की आपूर्ति में व्यवस्थित लॉजिस्टिक्स और समय पर वितरण का अभाव है। केंद्र और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी क्षेत्र में अचानक संकट न पैदा हो।”</p>
<p>विशेषज्ञों ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन गैस आपूर्ति की निगरानी, स्टॉक प्रबंधन और वितरण नेटवर्क को कमजोर रखा गया। इसी कारण कई शहरों में सिलेंडर की लंबी लाइनें बन रही हैं।</p>
<h3><strong>आम जनता की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p>भोपाल के नागरिकों ने भी अपनी परेशानी साझा की। <strong>राधा शुक्ला</strong>, एक गृहिणी, ने कहा, “हम लाइन में घंटों खड़े रहते हैं और कभी-कभी हमें सिलेंडर नहीं मिलता। इससे हमारे रोजमर्रा के काम बाधित हो रहे हैं।”</p>
<p>वहीं, <strong>अनिल वर्मा</strong>, एक वाहन चालक, ने पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी की स्थिति को लेकर कहा, “लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं, कहीं पेट्रोल खत्म तो कहीं लिमिट लगाई गई। सिस्टम पूरी तरह विफल है। सरकार को जल्दी से जल्दी समाधान निकालना होगा।”</p>
<h3><strong>व्यापारी और व्यवसाय प्रभावित</strong></h3>
<p>छोटे व्यवसाय और होटल उद्योग भी इस संकट से प्रभावित हुए हैं। रसोई गैस की कमी और पेट्रोल-डीजल की अनियमितता के कारण दैनिक संचालन बाधित हो रहा है। <strong>एक होटल व्यवसायी</strong>, रोहित अग्रवाल ने कहा, “हमारे पास खाना बनाने के लिए सिलेंडर की कमी हो रही है। यदि यह समस्या बनी रही तो व्यवसाय प्रभावित होगा और कर्मचारियों की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।”</p>
<h3><strong>समाधान और संभावित कदम</strong></h3>
<p>विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सरकार को तुरंत आपूर्ति चेन का ऑडिट करना चाहिए। एलपीजी सिलेंडर और ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक्स, वितरण और स्टॉक प्रबंधन की समीक्षा आवश्यक है।</p>
<p>कमलनाथ ने भी यह स्पष्ट किया कि सरकार को केवल दिखावे के लिए दावा नहीं करना चाहिए, बल्कि वास्तविक तैयारी करनी होगी। उनके अनुसार, “आपदा और संकट प्रबंधन के लिए सरकार को लंबी अवधि की योजना बनानी होगी। जनता को बार-बार परेशान नहीं होना चाहिए।”</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>मध्यप्रदेश में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की समस्या केवल प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि यह सरकारी नीतियों और उनके कार्यान्वयन में कमी का परिणाम है। पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath  ने इस मुद्दे को उठाते हुए जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाया है और उनसे जवाबदेही की मांग की है।</p>
<p>हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह राजनीतिक और सामाजिक दोनों रूप से बड़ा मुद्दा बन सकता है। आम नागरिकों की परेशानियों को देखते हुए विशेषज्ञ और नेता दोनों ही इसे गंभीर समस्या मान रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>MP कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर घमासान, दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से पहले तेज हुई दावेदारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/mp-congress-faces-intense-competition/</link>
					<comments>https://swarajvani.com/mp-congress-faces-intense-competition/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:06:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[MADHAY PRADESH NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Digvijaya Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Jitu Patwari]]></category>
		<category><![CDATA[KAMAL NATH]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh Politics]]></category>
		<category><![CDATA[MP Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha Election]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=301965</guid>

					<description><![CDATA[MP कांग्रेस में ‘एक सीट–कई दावेदार’, राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज MP की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ... <a title="MP कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर घमासान, दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से पहले तेज हुई दावेदारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mp-congress-faces-intense-competition/" aria-label="Read more about MP कांग्रेस में राज्यसभा को लेकर घमासान, दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से पहले तेज हुई दावेदारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="301" data-end="382"><strong data-start="301" data-end="380">MP कांग्रेस में ‘एक सीट–कई दावेदार’, राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज</strong></h1>
<p>MP की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी में यह हलचल उस समय और बढ़ गई, जब वरिष्ठ नेता और वर्तमान राज्यसभा सांसद <strong>दिग्विजय सिंह</strong> का कार्यकाल समाप्त होने में अब कुछ ही समय शेष रह गया है। दिलचस्प बात यह है कि कार्यकाल खत्म होने से पहले ही कांग्रेस में संभावित दावेदारों की लंबी कतार लग गई है, जिससे पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।</p>
<h2><strong>9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है दिग्विजय सिंह का कार्यकाल</strong></h2>
<p>Congress के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल <strong>9 अप्रैल</strong> को समाप्त हो रहा है। वे अब तक दो बार मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वे दोबारा राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं और प्रदेश की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं।</p>
<p>दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि कांग्रेस को मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए नया चेहरा चुनना होगा। इसी कारण पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों की चर्चा तेज हो गई है।</p>
<h3><strong>Congress के पास एक, बीजेपी के पास दो सीटें</strong></h3>
<p>वर्तमान राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो मध्य प्रदेश से राज्यसभा की कुल तीन सीटों पर चुनाव होना है। इनमें से <strong>एक सीट कांग्रेस के पास</strong> है, जबकि <strong>दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP)</strong> का पलड़ा भारी माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह एकमात्र सीट बेहद अहम हो जाती है।</p>
<p>इसी वजह से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस सीट को पाने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। भोपाल से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक बैठकों और रणनीति चर्चाओं का दौर जारी है।</p>
<h4><strong>इन नेताओं के नाम सबसे आगे</strong></h4>
<p>Congress के जिन नेताओं के नाम राज्यसभा की दौड़ में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें कई बड़े और अनुभवी चेहरे शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>कमलनाथ</strong> – पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में गिने जाते हैं</li>
<li><strong>जीतू पटवारी</strong> – वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, संगठन में मजबूत पकड़</li>
<li><strong>कमलेश्वर पटेल</strong> – पूर्व मंत्री और आदिवासी चेहरे के रूप में पहचान</li>
<li><strong>मीनाक्षी नटराजन</strong> – पूर्व सांसद और संगठनात्मक अनुभव वाली नेता</li>
<li><strong>अरुण यादव</strong> – पूर्व केंद्रीय मंत्री और मजबूत ओबीसी नेता</li>
</ul>
<p>इन सभी नामों को लेकर कांग्रेस के अंदरूनी हलकों में गंभीर चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर फैसला करेगा।</p>
<h5><strong>अनुसूचित जाति वर्ग से उम्मीदवार की मांग तेज</strong></h5>
<p>राज्यसभा सीट को लेकर Congress में अब सामाजिक संतुलन की मांग भी उठने लगी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के <strong>अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार</strong> ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस बार राज्यसभा के लिए अनुसूचित जाति वर्ग से उम्मीदवार को मौका दिया जाए।</p>
<p>इस मांग के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि प्रदेश में दलित मतदाता कांग्रेस का मजबूत आधार रहे हैं, लेकिन उन्हें उच्च सदन में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। ऐसे में राज्यसभा सीट के जरिए इस वर्ग को प्रतिनिधित्व देना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम हो सकता है।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/mp-cabinet-approves-fourth-pay-commission/?"><strong>Read Also: MP Cabinet बैठक: 1 लाख शिक्षकों का वेतन बढ़ा, स्पेस टेक नीति को मिली मंजूरी</strong></a></p>
<h6><strong>दिग्विजय सिंह का पुराना बयान फिर चर्चा में</strong></h6>
<p>दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह ने यह बयान दिया था कि अगर दलित वर्ग से मुख्यमंत्री बनता है, तो उन्हें बेहद खुशी होगी। उनके इस बयान के बाद अनुसूचित जाति वर्ग से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को और बल मिला है।</p>
<p>हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दलित वर्ग से कौन-कौन से नेता इस रेस में औपचारिक रूप से सामने आएंगे।</p>
<pre><strong>Congress ने खींचतान के आरोपों को नकारा</strong></pre>
<p>राज्यसभा टिकट को लेकर कांग्रेस में कथित गुटबाजी और खींचतान के आरोपों पर पार्टी के <strong>मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक</strong> ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी तरह की अंदरूनी लड़ाई नहीं है और यह पूरी तरह से अफवाह है।</p>
<p>उनका कहना है कि राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान द्वारा लिया जाएगा और सभी नेता पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे।</p>
<pre><strong>बीजेपी का कांग्रेस पर हमला</strong></pre>
<p>वहीं, भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस आज भी गुटों और खेमों में बंटी हुई है और एक सीट के लिए कई नेता आपस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।</p>
<p>भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की यही आंतरिक कलह उसकी कमजोरी है और इसी वजह से पार्टी निर्णायक फैसले लेने में असमर्थ रहती है।</p>
<pre><strong>राजनीतिक विश्लेषकों की राय</strong></pre>
<p>वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार <strong>संजीव आचार्य</strong> का मानना है कि कांग्रेस की स्थिति इस समय “<strong>एक अनार, सौ बीमार</strong>” जैसी हो गई है। उनके अनुसार, राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए कई दावेदारों का सामने आना इस बात का संकेत है कि पार्टी में महत्वाकांक्षा चरम पर है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस समय रहते संतुलित फैसला नहीं लेती, तो इसका असर पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर पड़ सकता है।</p>
<pre><strong>आने वाले दिनों में और तेज होगी सियासत</strong></pre>
<p>कुल मिलाकर, दिग्विजय सिंह के कार्यकाल की समाप्ति नजदीक आते ही MP Congress में राज्यसभा को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। टिकट किसे मिलेगा, यह तो पार्टी आलाकमान तय करेगा, लेकिन इतना साफ है कि यह फैसला कांग्रेस की भविष्य की रणनीति और नेतृत्व संतुलन के लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाला है।</p>
<p>आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की पूरी संभावना है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://swarajvani.com/mp-congress-faces-intense-competition/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>1</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लाड़ली लक्ष्मी योजना पर कमलनाथ ने उठाए कई सवाल बोले — “17 साल बाद भी बेटियों की शिक्षा में सुधार क्यों नहीं?</title>
		<link>https://swarajvani.com/kamalnath-question-on-ladli-lakshmi-yojna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Dec 2025 11:22:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[KAMAL NATH]]></category>
		<category><![CDATA[LADLI LAXMI YOJANA]]></category>
		<category><![CDATA[MP]]></category>
		<category><![CDATA[MP Politics]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://swarajvani.com/?p=293844</guid>

					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार की प्रमुख लाड़ली लक्ष्मी योजना पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के ... <a title="लाड़ली लक्ष्मी योजना पर कमलनाथ ने उठाए कई सवाल बोले — “17 साल बाद भी बेटियों की शिक्षा में सुधार क्यों नहीं?" class="read-more" href="https://swarajvani.com/kamalnath-question-on-ladli-lakshmi-yojna/" aria-label="Read more about लाड़ली लक्ष्मी योजना पर कमलनाथ ने उठाए कई सवाल बोले — “17 साल बाद भी बेटियों की शिक्षा में सुधार क्यों नहीं?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मध्यप्रदेश</strong> के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य सरकार की प्रमुख लाड़ली लक्ष्मी योजना पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि योजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी सिर्फ 30% बेटियां ही बारहवीं कक्षा तक पहुंच पा रही हैं, जो बताता है कि लाभ सही जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा।</p>
<p>कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी, बेटियों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल जैसे बुनियादी मुद्दों की ओर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना को सिर्फ राजनीतिक प्रचार का जरिया बना दिया है।</p>
<p><em><strong>“सरकार चुनावी मोड में रहती है, जनता की सेवा पीछे छूट गई”</strong></em></p>
<p>कमलनाथ ने कहा कि सरकार का काम केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। लेकिन मध्यप्रदेश सरकार योजना की वास्तविक सफलता के बजाय सिर्फ उसके प्रचार पर ध्यान दे रही है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-293851 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/images-6-300x172.jpeg" alt="images 6" width="417" height="239" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/images-6-300x172.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/images-6.jpeg 625w" sizes="(max-width: 417px) 100vw, 417px" /></p>
<ul>
<li><strong>गौरतलब है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2007 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य—</strong></li>
<li>लिंगानुपात सुधारना</li>
<li>कन्या भ्रूण हत्या रोकना</li>
<li>बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना था।</li>
</ul>
<p>योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों के नाम से लगभग 1.43 लाख रुपये की राशि विभिन्न किस्तों में देती है।</p>
<p><strong>“17 साल बाद भी तस्वीर नहीं बदली— यह विफलता का संकेत”</strong></p>
<p>कमलनाथ ने कहा कि इतनी बड़ी वित्तीय निवेश के बावजूद शिक्षा के स्तर में सुधार न होना बेहद चिंताजनक है।<br />
उन्होंने कहा—</p>
<p><em><strong>“अगर सरकार की नीयत शिक्षा सुधार की होती, तो आज ज्यादातर बेटियां 12वीं तक पहुंच रही होतीं।”</strong></em></p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-293852 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/mpbreaking52830434-300x169.webp" alt="mpbreaking52830434" width="396" height="223" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/mpbreaking52830434-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/mpbreaking52830434.webp 400w" sizes="(max-width: 396px) 100vw, 396px" /></p>
<p>उनका कहना है कि सरकार ने पोस्टर–बैनर पर बेटियों की तस्वीरों से प्रचार तो खूब किया, लेकिन स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षकों की भर्ती, सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों को पूरी तरह अनदेखा कर दिया।</p>
<p><strong>“बेटियों को वादों की नहीं, अवसरों की जरूरत है”</strong></p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-293853 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot_20251201_095554_X_copy_645x1070-181x300-1.jpg" alt="Screenshot 20251201 095554 X copy 645x1070 181x300 1" width="181" height="300"></p>
<p>कमलनाथ ने जोर देकर कहा कि मध्यप्रदेश की बेटियों को राजनीतिक घोषणाओं की नहीं, बल्कि—</p>
<ul>
<li>अच्छी शिक्षा</li>
<li>सुरक्षित वातावरण</li>
<li>संसाधन</li>
<li>और बेहतर अवसर की जरूरत है।</li>
</ul>
<p><strong>उन्होंने कहा—</strong></p>
<p><strong><em>“बेटियां सिर्फ पोस्टर की तस्वीर नहीं हैं, वे इस राज्य की शक्ति हैं। उन्हें वास्तविक समर्थन मिलना चाहिए, न कि केवल चुनावी मंचों पर किए गए वादे।”</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
