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	<title>Indore Municipal Corporation &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Indore Municipal Corporation &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>इंदौर के 22 जोन में जलसंकट की आहट, 361 ट्यूबवेल बंद; 200 नए खोदने की तैयारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/water-crisis-looms-in-22-indore-zones-as-361-tube-wells-remain-shut-200-new-wells/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Oct 2026 07:24:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Groundwater]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
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		<category><![CDATA[Indore Water Crisis]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर के 22 जोन में जलसंकट की आहट, 361 ट्यूबवेल बंद; 200 नए खोदने की तैयारी सामान्य से 14 इंच कम बारिश के बाद भूजल को लेकर बढ़ी चिंता, नगर ... <a title="इंदौर के 22 जोन में जलसंकट की आहट, 361 ट्यूबवेल बंद; 200 नए खोदने की तैयारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/water-crisis-looms-in-22-indore-zones-as-361-tube-wells-remain-shut-200-new-wells/" aria-label="Read more about इंदौर के 22 जोन में जलसंकट की आहट, 361 ट्यूबवेल बंद; 200 नए खोदने की तैयारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर के 22 जोन में जलसंकट की आहट, 361 ट्यूबवेल बंद; 200 नए खोदने की तैयारी</strong></h1>
<h2><strong>सामान्य से 14 इंच कम बारिश के बाद भूजल को लेकर बढ़ी चिंता, नगर निगम ने 100 ट्यूबवेल के लिए बुलाए टेंडर</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> गर्मी शुरू होने से पहले ही शहर में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। नगर निगम की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में कुल 6,040 ट्यूबवेल हैं, जिनमें से 361 फिलहाल बंद हो चुके हैं। शहर की जरूरतों को देखते हुए करीब 200 नए ट्यूबवेल खोदने की आवश्यकता बताई गई है। इनमें से 100 ट्यूबवेल के लिए नगर निगम ने टेंडर आमंत्रित किए हैं।</p>
<p>शहर के 22 जोन में पानी की समस्या सामने आई है। कुछ इलाकों में लोग अभी से टैंकर बुलवाकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। कम बारिश और बंद जलस्रोतों के कारण आने वाले महीनों में जलप्रदाय बनाए रखना नगर निगम के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में नए ट्यूबवेल की खुदाई के साथ-साथ मौजूदा जलस्रोतों को चालू रखने पर भी ध्यान देना होगा।</p>
<h3><strong>शहर में 361 ट्यूबवेल बंद</strong></h3>
<p>नगर निगम के सर्वे में शहर के ट्यूबवेलों की स्थिति का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 6,040 ट्यूबवेल में से 361 बंद हैं। इनके बंद होने से संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय जलस्रोतों की संख्या कम हुई है। जिन इलाकों में ट्यूबवेलों पर निर्भरता अधिक है, वहां जलप्रदाय पर दबाव बढ़ सकता है।</p>
<p>बंद ट्यूबवेलों को फिर से चालू करने की संभावना और उनकी स्थिति की जांच भी जरूरी होगी। यदि किसी ट्यूबवेल की मरम्मत से उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है, तो इससे नए जलस्रोतों पर निर्भरता कम हो सकती है। वहीं, जिन स्रोतों को चालू करना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत पड़ेगी।</p>
<h3><strong>22 जोन में सामने आई पानी की समस्या</strong></h3>
<p>शहर के 22 जोन में जलसंकट से जुड़ी शिकायतें या परेशानी सामने आने की बात रिपोर्ट में बताई गई है। कई क्षेत्रों में लोग टैंकरों के जरिए पानी मंगवा रहे हैं। यह स्थिति संकेत देती है कि स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता सभी जगह समान नहीं है और कुछ इलाकों में लोगों को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।</p>
<p>गर्मी के दौरान पानी की मांग बढ़ने पर ऐसी परेशानी और गंभीर हो सकती है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत का आकलन कर वहां जलप्रदाय की योजना बनाना जरूरी होगा। टैंकरों से पानी पहुंचाना तत्काल राहत दे सकता है, लेकिन नियमित और पर्याप्त जलप्रदाय के लिए जलस्रोतों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता बनी रहेगी।</p>
<h3><strong>सामान्य से करीब 14 इंच कम बारिश</strong></h3>
<p>इस बार इंदौर में सामान्य से करीब 14 इंच कम बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। कम बारिश का असर भूजल स्तर और ट्यूबवेलों की उपलब्धता पर पड़ सकता है। ऐसे में नए ट्यूबवेल खोदने की योजना के साथ यह भी देखना होगा कि संबंधित क्षेत्रों में भूजल कितना उपलब्ध है और नया स्रोत कितने समय तक पानी दे सकेगा।</p>
<p>कम बारिश के बाद जलस्रोतों पर दबाव बढ़ने की आशंका के चलते पानी का उपयोग संभलकर करने की जरूरत भी सामने आती है। नगर निगम के सामने एक ओर प्रभावित इलाकों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना होगा।</p>
<h3><strong>100 ट्यूबवेल के लिए टेंडर आमंत्रित</strong></h3>
<p>शहर की जरूरतों को देखते हुए करीब 200 नए ट्यूबवेल खोदने की आवश्यकता बताई गई है। पहले चरण में 100 ट्यूबवेल के लिए टेंडर बुलाए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और काम शुरू होने के बाद नए जलस्रोत विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा। शेष 100 ट्यूबवेल को लेकर आगे की योजना भी शहर की जरूरत, क्षेत्रवार स्थिति और उपलब्ध भूजल के आकलन पर निर्भर करेगी।</p>
<p>नए ट्यूबवेल खोदने के साथ बंद ट्यूबवेलों की स्थिति की समीक्षा करना भी महत्वपूर्ण रहेगा। इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में मरम्मत, नए स्रोत या टैंकरों के जरिए आपूर्ति की जरूरत है। स्थानीय जलप्रदाय की निगरानी और समय पर शिकायतों का निराकरण भी नागरिकों को राहत देने में सहायक हो सकता है।</p>
<h3><strong>जलप्रदाय बनाए रखना निगम के सामने चुनौती</strong></h3>
<p>आने वाले समय में शहर की जरूरत पूरी करने के लिए नगर निगम को नए और पुराने जलस्रोतों के बीच संतुलन बनाना होगा। 200 नए ट्यूबवेल की आवश्यकता का आकलन और 100 के लिए टेंडर प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, कम बारिश को देखते हुए भूजल की उपलब्धता पर नजर रखना भी जरूरी होगा।</p>
<p>शहर के जिन इलाकों में लोग अभी टैंकरों से पानी मंगवा रहे हैं, वहां नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता रहेगी। गर्मी से पहले जलस्रोतों की स्थिति, ट्यूबवेलों की कार्यक्षमता और क्षेत्रवार मांग की समीक्षा से नगर निगम को आगामी जलप्रबंधन की तैयारी करने में मदद मिल सकती है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>Indore में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-civic-body-seeks-cm-mohan-yadav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 11:44:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[1700 families]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Indore housing project]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Pushyamitra Bhargava]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग नैनोद, छोटा बांगड़दा और भूरी टेकरी की पुरानी इमारतें तोड़कर पीपीपी मॉडल पर ... <a title="Indore में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-civic-body-seeks-cm-mohan-yadav/" aria-label="Read more about Indore में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2><strong>Indore </strong><strong>में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग</strong></h2>
<p><strong>नैनोद, छोटा बांगड़दा और भूरी टेकरी की पुरानी इमारतें तोड़कर पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण; भवन बनने तक किराए के मकानों में शिफ्ट करने की योजना</strong></p>
<p><strong>Indore ।</strong> शहर में जर्जर सरकारी आवासों में रह रहे परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत नैनोद, छोटा बांगड़दा और भूरी टेकरी स्थित पुरानी बहुमंजिला इमारतों को तोड़कर उनके स्थान पर नई 10 मंजिला इमारतें बनाने का प्रस्ताव है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस योजना को मंजूरी देने का आग्रह किया है। प्रस्ताव के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में शिफ्ट किया जाएगा और किराया सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है।</p>
<h2><strong>2014-15 में बनी इमारतें हुईं जर्जर </strong></h2>
<p>केंद्र सरकार की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना के तहत इंदौर के नैनोद, बांगड़दा और भूरी टेकरी में गरीब परिवारों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए गए थे। इन भवनों में झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों के साथ सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित परिवारों को भी बसाया गया था।</p>
<p>ये इमारतें वर्ष 2014-15 में बनकर तैयार हुई थीं। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सामने आई समस्याओं के कारण अब नगर निगम ने इनके स्थान पर नए भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। निगम का मानना है कि नए निर्माण से परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।</p>
<h2><strong>नैनोद और बांगड़दा में 970, भूरी टेकरी में 800 परिवार</strong></h2>
<p>महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर जर्जर भवनों को तोड़कर नए भवन बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा है।</p>
<p>प्रस्ताव से संबंधित जानकारी के अनुसार, नैनोद और बांगड़दा की इमारतों में करीब 970 परिवार तथा भूरी टेकरी की इमारत में लगभग 800 परिवार निवास कर रहे हैं। इस प्रकार तीनों स्थानों पर करीब 1,700 परिवारों के व्यवस्थापन की योजना बनाई गई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में अलग-अलग स्थानों के परिवारों की संख्या का कुल योग इससे अधिक बैठता है, इसलिए अंतिम संख्या का सत्यापन आवश्यक होगा।</p>
<h2><strong>पीपीपी मॉडल पर बनेंगी नई इमारतें</strong></h2>
<p>नगर निगम की योजना के अनुसार, पुरानी इमारतों को हटाकर निजी क्षेत्र की सहभागिता से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर नए भवन बनाए जाएंगे। वर्तमान में इन स्थानों पर भूतल के अलावा तीन मंजिल तक की इमारतें हैं। प्रस्तावित योजना में कम से कम 10 मंजिला भवन बनाने की तैयारी है।</p>
<p>महापौर परिषद भूरी टेकरी में पीपीपी मॉडल पर नया भवन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर राज्य सरकार को भेज चुकी है। इस प्रस्ताव पर अभी सरकार की स्वीकृति मिलना बाकी है। नैनोद और छोटा बांगड़दा के लिए भी इसी तरह के प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाने की योजना है।</p>
<h2><strong>निर्माण पर 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान</strong></h2>
<p>नगर निगम के आकलन के अनुसार, नैनोद में नए भवन के निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये और भूरी टेकरी में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस तरह इन दोनों स्थानों के लिए कुल अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये बताई गई है।</p>
<p>निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। उनके किराए का भुगतान सरकारी स्तर पर किए जाने की भी योजना बनाई गई है। नए भवन तैयार होने के बाद पात्र परिवारों को फिर से आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।</p>
<h2><strong>सरकारी मंजूरी का इंतजार</strong></h2>
<p>इस योजना का उद्देश्य जर्जर आवासों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की मंजूरी, परिवारों के अस्थायी व्यवस्थापन और निर्माण की विस्तृत प्रक्रिया तय होना बाकी है। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा कि तीनों स्थानों पर निर्माण कार्य कब शुरू होगा और परिवारों को नए आवास कब तक मिल सकेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore में पार्किंग पर निगम की कमाई की तैयारी, पालिका प्लाजा के व्यापारियों में आक्रोश</title>
		<link>https://swarajvani.com/palika-plaza-parking-row-indore-traders/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 11:41:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Indore parking problem]]></category>
		<category><![CDATA[paid parking Indore]]></category>
		<category><![CDATA[Palika Plaza parking]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore में पार्किंग पर निगम की कमाई की तैयारी, पालिका प्लाजा के व्यापारियों में आक्रोश पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 की पार्किंग पांच साल के लिए ठेके पर देने की ... <a title="Indore में पार्किंग पर निगम की कमाई की तैयारी, पालिका प्लाजा के व्यापारियों में आक्रोश" class="read-more" href="https://swarajvani.com/palika-plaza-parking-row-indore-traders/" aria-label="Read more about Indore में पार्किंग पर निगम की कमाई की तैयारी, पालिका प्लाजा के व्यापारियों में आक्रोश">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>
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<h1><strong>Indore में पार्किंग पर निगम की कमाई की तैयारी, पालिका प्लाजा के व्यापारियों में आक्रोश</strong></h1>
<p><strong>पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 की पार्किंग पांच साल के लिए ठेके पर देने की तैयारी, चौथी बार जारी हुए टेंडर; व्यापारियों ने महापौर और आयुक्त से की शिकायत </strong></p>
<p><strong>Indore ।</strong> शहर में यातायात जाम और पार्किंग की समस्या से नागरिकों को राहत नहीं मिल पा रही है। दूसरी ओर नगर निगम की कई बहुमंजिला पार्किंग इमारतों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में निगम द्वारा पांच पार्किंग स्थलों को पांच साल के लिए ठेके पर देने की प्रक्रिया ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इनमें एमटीएच कंपाउंड स्थित पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 की बेसमेंट तथा सतह पर बनी पार्किंग भी शामिल है। यहां दुकान और कार्यालय संचालित करने वाले व्यापारियों ने प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध करते हुए सवाल उठाया है कि क्या उन्हें अपनी ही दुकान या दफ्तर आने के लिए वाहन पार्किंग का शुल्क चुकाना पड़ेगा?</p>
<h2><strong>पांच पार्किंग स्थलों के लिए चौथी बार टेंडर</strong></h2>
<p>नगर निगम ने हाल ही में पांच पार्किंग स्थलों को पांच साल के लिए ठेके पर देने के उद्देश्य से ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए हैं। इनमें योजना क्रमांक 54 में रघुनाथ पेट्रोल पंप के पास स्थित मल्टीस्टोरी पार्किंग, फॉर्च्यून लैंड होटल के पास की पार्किंग, बजाजखाना तथा पालिका प्लाजा फेज-1 और फेज-2 की पार्किंग शामिल हैं। इन स्थलों के लिए चौथी बार टेंडर जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>पालिका प्लाजा की दोनों इमारतें एमटीएच कंपाउंड में आमने-सामने स्थित हैं। यहां नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के साथ एक सरकारी लाइब्रेरी भी संचालित होती है। परिसर में बेसमेंट और सतह पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। व्यापारियों का कहना है कि इस सुविधा का उद्देश्य परिसर में आने वाले लोगों को सहूलियत देना होना चाहिए, न कि उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा करना।</p>
<h2><strong>अपनी दुकान पर आने के लिए भी देना होगा शुल्क?</strong></h2>
<p>पालिका प्लाजा के व्यापारियों का तर्क है कि किसी भी व्यावसायिक इमारत में दुकान या कार्यालय संचालित करने वाले व्यक्ति को अपने वाहन की पार्किंग के लिए अलग से रोजाना शुल्क चुकाने की व्यवस्था उचित नहीं है। उनके अनुसार, यहां आने वाले ग्राहकों को भी सुविधाजनक पार्किंग मिलनी चाहिए, ताकि बाजार में खरीदारी और अन्य कामों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न हो।</p>
<p>व्यापारियों का कहना है कि यदि पार्किंग ठेके पर दे दी जाती है और वाहन खड़ा करने के लिए शुल्क लिया जाता है, तो उन्हें रोजाना अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। इससे व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी असर पड़ सकता है। वे पहले भी इस प्रस्ताव का विरोध कर चुके हैं और इस संबंध में महापौर तथा नगर निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं।</p>
<h2><strong>पार्किंग व्यवस्था पर यातायात विभाग की राय</strong></h2>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यातायात विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी परिसर में दुकान और कार्यालय चलाने वाले व्यापारियों को पार्किंग की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि नियमित रूप से आने वाले व्यापारियों से हर दिन पार्किंग शुल्क वसूलना व्यावहारिक नहीं होगा। व्यापारियों का भी कहना है कि पार्किंग नीति बनाते समय परिसर के नियमित उपयोगकर्ताओं और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>पुरानी व्यवस्था और अवैध वसूली की शिकायतें</strong></h2>
<p>शहर में पहले नगर निगम के कई पार्किंग स्टैंड ठेके पर संचालित होते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्थानों पर अवैध वसूली और दबंगई की शिकायतें सामने आने के बाद ठेका व्यवस्था बंद कर निःशुल्क पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, आरोप है कि कुछ निःशुल्क पार्किंग स्थलों पर भी लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे में नई ठेका व्यवस्था लागू करने से पहले निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>पार्किंग समस्या का समाधान कब?</strong></h2>
<p>इंदौर में वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है। एक ओर बहुमंजिला पार्किंग भवनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर व्यावसायिक परिसरों में आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध कराना भी जरूरी है।</p>
<p>पालिका प्लाजा के व्यापारियों की मांग है कि पार्किंग स्थलों को ठेके पर देने से पहले उनकी आपत्तियों पर विचार किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे नियमित उपयोगकर्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम व्यापारियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित टेंडर प्रक्रिया में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।</p>
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</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंदौर में 1200 एमएम की नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज, 20 टंकियों से प्रभावित रही जलापूर्ति</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-water-supply-affected-after-leak-in-1200-mm-narmada-pipeline-20-water-tanks/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Oct 2026 11:11:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Indore]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Narmada Pipeline Leak]]></category>
		<category><![CDATA[Rajendra Nagar]]></category>
		<category><![CDATA[Water Shortage]]></category>
		<category><![CDATA[Water Supply]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर में 1200 एमएम की नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज, 20 टंकियों से प्रभावित रही जलापूर्ति राजेंद्र नगर मेन रोड पर मरम्मत के लिए बंद करने पड़े पंप, कुछ इलाकों में ... <a title="इंदौर में 1200 एमएम की नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज, 20 टंकियों से प्रभावित रही जलापूर्ति" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-water-supply-affected-after-leak-in-1200-mm-narmada-pipeline-20-water-tanks/" aria-label="Read more about इंदौर में 1200 एमएम की नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज, 20 टंकियों से प्रभावित रही जलापूर्ति">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर में 1200 एमएम की नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज, 20 टंकियों से प्रभावित रही जलापूर्ति</strong></h1>
<h2><strong>राजेंद्र नगर मेन रोड पर मरम्मत के लिए बंद करने पड़े पंप, कुछ इलाकों में कम दबाव से मिला पानी</strong></h2>
<p>इंदौर में राजेंद्र नगर मेन रोड पर नर्मदा जलप्रदाय परियोजना की 1200 एमएम व्यास वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण शहर की जलापूर्ति प्रभावित हुई। लीकेज सुधारने के लिए सोमवार दोपहर नर्मदा जलप्रदाय परियोजना के पहले और दूसरे चरण के पंप बंद रखने पड़े। मरम्मत पूरी होने के बाद रात करीब 10 बजे पंप दोबारा चालू किए गए। हालांकि, पंप बंद रहने की अवधि के कारण मंगलवार सुबह शहर की 20 पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाईं। इससे उनसे जुड़े इलाकों में पानी की मात्रा और दबाव प्रभावित हुआ।</p>
<h3><strong>सोमवार दोपहर शुरू हुआ मरम्मत कार्य</strong></h3>
<p>नगर निगम के जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 3:50 बजे राजेंद्र नगर मेन रोड पर पीएससी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन में लीकेज सुधारने का काम शुरू किया गया था। मरम्मत के दौरान नर्मदा जलप्रदाय परियोजना के पहले और दूसरे चरण के सभी पंप बंद रखे गए। काम पूरा होने के बाद रात करीब 10 बजे पंप फिर से शुरू कर दिए गए।</p>
<p>पंप बंद रहने से जलाशयों और टंकियों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। रात में पंप चालू होने के बावजूद मंगलवार सुबह तक सभी टंकियों को पूरी क्षमता से भरने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इसी वजह से कुछ क्षेत्रों में नल से पानी कम दबाव के साथ आने या निर्धारित मात्रा से कम मिलने की स्थिति बनी।</p>
<h3><strong>इन 20 टंकियों से जुड़े क्षेत्रों पर असर</strong></h3>
<p>नगर निगम की जानकारी के अनुसार अन्नपूर्णा, स्कीम नंबर 103, छत्रीबाग, राजमोहल्ला, द्रविड़ नगर, लोकमान्य नगर, महाराणा, नरवल, अगरबत्ती, कुशवाह मोहल्ला, टिगरिया, बाणगंगा, सुभाष चौक, सदर बाजार, जिंसी हाट, मल्हार आश्रम, गांधी हॉल, भक्त प्रहलाद नगर, एमओजी लाइन और जय हिंद नगर की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाईं।</p>
<p>इन टंकियों से जुड़े मोहल्लों में पानी की नियमित आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। कुछ जगहों पर कम दबाव से पानी आने और कुछ इलाकों में जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध न होने की स्थिति बनी। आपूर्ति का असर क्षेत्र में टंकी में उपलब्ध पानी और स्थानीय वितरण व्यवस्था पर निर्भर रहा।</p>
<h3><strong>पंप फिर शुरू, नागरिकों से पानी बचाने की अपील</strong></h3>
<p>लीकेज सुधारने के बाद पंप दोबारा चालू कर दिए गए, लेकिन टंकियों में पानी भरने और सामान्य आपूर्ति बहाल होने में समय लगा। नगर निगम ने नागरिकों से पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार करने और अनावश्यक रूप से पानी नहीं बहाने की अपील की। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घरों में उपलब्ध पानी का सावधानी से उपयोग करने की सलाह दी गई।</p>
<p>शहर की जलप्रदाय व्यवस्था नर्मदा परियोजना के पंपों, मुख्य पाइपलाइन और पानी की टंकियों के जरिए संचालित होती है। मुख्य लाइन में मरम्मत के लिए पंप बंद होने पर टंकियों को भरने की प्रक्रिया रुक जाती है। ऐसे में मरम्मत पूरी होने के बाद भी अगली जलापूर्ति पर असर पड़ सकता है, जब तक टंकियों में पर्याप्त पानी जमा न हो जाए।</p>
<p>राजेंद्र नगर मेन रोड पर हुई मरम्मत के बाद पंप शुरू कर दिए गए थे। इसके बावजूद पंप बंद रहने के दौरान प्रभावित हुई टंकियों के कारण मंगलवार की सुबह कई क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और दबाव सामान्य से कम रहने की संभावना रही।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-re-2-road-removal-drive-resumes-to-clear-obstructing-structures/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Oct 2026 10:01:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Bengali Square]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Pipliyahana]]></category>
		<category><![CDATA[Removal Drive]]></category>
		<category><![CDATA[Road]]></category>
		<category><![CDATA[Road Construction]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला इंदौर। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 रोड के अधूरे हिस्से का ... <a title="इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-re-2-road-removal-drive-resumes-to-clear-obstructing-structures/" aria-label="Read more about इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर में RE-2 रोड पर फिर रिमूवल कार्रवाई, 130 बाधक निर्माण हटाने के लिए पहुँचा निगम अमला</strong></h1>
<p><strong>इंदौर।</strong> बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को फिर रिमूवल कार्रवाई शुरू की। सड़क निर्माण में बाधक बचे लगभग 130 मकानों और अन्य निर्माणों को हटाने के लिए टीम मौके पर पहुँची। पिछली कार्रवाई के दौरान हुए पथराव को देखते हुए इस बार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में निगम का अमला निर्माण हटाने में जुटा रहा।</p>
<h2><strong>अधूरे सड़क मार्ग की बाधाएँ हटाने पर जोर</strong></h2>
<p>RE-2 यानी रिंग रोड ईस्ट-2 परियोजना के इस हिस्से में बाधक निर्माण होने के कारण सड़क का काम पूरा नहीं हो पाया था। प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य इन निर्माणों को हटाकर सड़क निर्माण के लिए जगह उपलब्ध कराना है।</p>
<p>बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर हिस्सा अधूरा होने की जानकारी पहले सामने आई थी। इसी हिस्से के आसपास बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर में छह अक्टूबर को भी कार्रवाई की गई थी।</p>
<h2><strong>निगमायुक्त और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद</strong></h2>
<p>कार्रवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल मौके पर पहुँचे। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर और एसडीएम घनश्याम धनगर की मौजूदगी में भी टीम ने काम किया। पुलिस बल की तैनाती के साथ अधिकारियों ने कार्रवाई की निगरानी की।</p>
<p>वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क के लिए चिह्नित बाधक हिस्सों को हटाया गया। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के समय प्रकाशित जानकारी और बाद की रिपोर्टों में काम की स्थिति अलग-अलग बताई गई है। शुरुआती रिपोर्ट में निर्माण हटाने का काम जारी था, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में बचे 130 निर्माण हटा दिए जाने की जानकारी दी गई।</p>
<h2><strong>मशीनों और श्रमिकों के साथ पहुँची टीम</strong></h2>
<p>प्रकाशित जानकारी के अनुसार, निगम का रिमूवल अमला आठ जेसीबी और सौ से अधिक श्रमिकों के साथ मौके पर पहुँचा। मकानों में रहने वाले लोगों को गृहस्थी का सामान निकालने के लिए समय दिए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।</p>
<p>शुक्रवार की कार्रवाई में शिव नगर के बाधक निर्माण हटाए गए। सड़क परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी निर्माण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। अब शेष बाधाएँ हटने के बाद संबंधित हिस्से में सड़क निर्माण आगे बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>पिछली घटना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा</strong></h2>
<p>छह अक्टूबर की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया था। इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव होने की घटना सामने आई थी। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए भीड़ को हटाया।</p>
<p>इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार की कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और कार्रवाई के दौरान दोबारा विवाद की स्थिति से बचना था। शुक्रवार के अभियान में नई पथराव की घटना की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है।</p>
<h2><strong>प्रभावित परिवारों के आवास पर निगमायुक्त का बयान</strong></h2>
<p>निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सड़क निर्माण से प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार, इसके बावजूद पुराने मकान खाली नहीं किए गए थे, जिन्हें अब हटाया गया है।</p>
<p>यह आवास उपलब्ध कराने की स्थिति पर निगमायुक्त का बयान है। उपलब्ध खबर में प्रत्येक प्रभावित परिवार के आवंटन और कब्जे का अलग विवरण शामिल नहीं है।</p>
<h2><strong>सड़क निर्माण की अगली प्रगति पर नजर</strong></h2>
<p>बाधक निर्माण हटने के बाद अब सड़क के अधूरे हिस्से का काम महत्वपूर्ण होगा। स्थानीय आवागमन में सुधार की वास्तविक स्थिति निर्माण पूरा होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इस हिस्से के निर्माण की अंतिम समय-सीमा नहीं बताई गई है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजबाड़ा के पास बैंक भवन के जर्जर छज्जे हटाए, समयसीमा में काम नहीं होने पर नगर निगम की कार्रवाई</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-municipal-corporation-removes-unsafe-building-overhangs-near/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 11:14:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Bank Building]]></category>
		<category><![CDATA[Dilapidated Overhangs]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Municipal Action]]></category>
		<category><![CDATA[Public Safety]]></category>
		<category><![CDATA[Rajwada]]></category>
		<category><![CDATA[re News]]></category>
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					<description><![CDATA[राजबाड़ा के पास बैंक भवन के जर्जर छज्जे हटाए, समयसीमा में काम नहीं होने पर नगर निगम की कार्रवाई इंदौर। राजबाड़ा के पास स्थित बैंक की इमारत के बाहर निकले ... <a title="राजबाड़ा के पास बैंक भवन के जर्जर छज्जे हटाए, समयसीमा में काम नहीं होने पर नगर निगम की कार्रवाई" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-municipal-corporation-removes-unsafe-building-overhangs-near/" aria-label="Read more about राजबाड़ा के पास बैंक भवन के जर्जर छज्जे हटाए, समयसीमा में काम नहीं होने पर नगर निगम की कार्रवाई">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>राजबाड़ा के पास बैंक भवन के जर्जर छज्जे हटाए, समयसीमा में काम नहीं होने पर नगर निगम की कार्रवाई</strong></h1>
<p><strong>इंदौर।</strong> राजबाड़ा के पास स्थित बैंक की इमारत के बाहर निकले छज्जों को हटाने के लिए नगर निगम की टीम ने गुरुवार दोपहर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने पोकलेन मशीन की मदद से छज्जे हटाए। इस दौरान संबंधित सड़क पर आवाजाही बंद रखी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैंक प्रबंधन निर्धारित समयसीमा में छज्जे हटाने का काम पूरा नहीं कर पा रहा था। इसके बाद नगर निगम ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की। मामला भवन के बाहर निकले कमजोर हिस्सों से संबंधित है।</p>
<h2><strong>पहली और दूसरी मंजिल के छज्जे हटाए</strong></h2>
<p>प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, निगम की कार्रवाई में बैंक भवन की पहली और दूसरी मंजिल के बाहर निकले छज्जे हटाए गए। जोन 12 के बिल्डिंग ऑफिसर राहुल रघुवंशी के मुताबिक, बारिश और समय के साथ ये हिस्से जर्जर हो गए थे। इनके प्लास्टर गिरने की जानकारी भी सामने आ चुकी थी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि बैंक प्रबंधन को नोटिस देकर खराब छज्जे हटाने के लिए कहा गया था। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने के कारण निगम की टीम ने इन्हें हटाया। उन्होंने भवन को पुराना, लेकिन रखरखाव वाला बताया और बाहरी छज्जों की खराब स्थिति का उल्लेख किया।</p>
<h2><strong>पहले भी गिर चुका था प्लास्टर</strong></h2>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि डोल ग्यारस के दौरान छज्जे से प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई थी। इसके बाद संबंधित हिस्से के पास बैरिकेडिंग की गई थी। दो दिन पहले लोहे का एक स्ट्रक्चर गिरने की जानकारी भी दी गई है।</p>
<p>इन घटनाओं में किसी व्यक्ति को चोट लगने की सूचना संबंधित रिपोर्ट में नहीं है। हालांकि, बाहर निकले हिस्सों की कमजोर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा का सवाल बना हुआ था। गुरुवार की कार्रवाई इसी पृष्ठभूमि में हुई, जब निगम ने मशीन की सहायता से छज्जे हटाने का काम किया।</p>
<h2><strong>कार्रवाई के दौरान रोकी गई आवाजाही</strong></h2>
<p>छज्जे हटाने के दौरान सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। मशीन से भवन का बाहरी हिस्सा हटाते समय नीचे मलबा गिर सकता है। ऐसे काम में संबंधित स्थान को खाली रखना आसपास से गुजरने वालों की सुरक्षा के लिए आवश्यक होता है।</p>
<p>उपलब्ध विवरण में सड़क बंद रहने की कुल अवधि नहीं बताई गई है। यातायात को किन वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया और आवाजाही किस समय दोबारा शुरू हुई, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है। इसलिए कार्रवाई के कारण पूरे राजबाड़ा क्षेत्र का यातायात बंद होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।</p>
<h2><strong>नोटिस के बाद समयसीमा में पूरा नहीं हुआ काम</strong></h2>
<p>नगर निगम अधिकारी के बयान में कार्रवाई का मुख्य कारण समयसीमा में छज्जे नहीं हटाया जाना बताया गया है। इस घटनाक्रम में पहले बैंक प्रबंधन को खराब हिस्से हटाने के निर्देश दिए गए और बाद में निगम की टीम ने मौके पर काम किया।</p>
<p>हालांकि, उपलब्ध खबर में नोटिस जारी होने की तारीख और उसमें दी गई अवधि का पूरा विवरण नहीं है। बैंक प्रबंधन निर्धारित समय में काम क्यों पूरा नहीं कर पाया, इस बारे में उसका विस्तृत पक्ष भी शामिल नहीं है। इसलिए देरी के कारणों को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।</p>
<h2><strong>छज्जे हटाने को पूरी इमारत गिराना न समझें</strong></h2>
<p>गुरुवार की कार्रवाई की जानकारी भवन के बाहर निकले छज्जों को हटाने से संबंधित है। उपलब्ध विवरण में पूरी बैंक इमारत तोड़े जाने का उल्लेख नहीं है। किसी भवन के कमजोर बाहरी हिस्से को हटाना और पूरी संरचना ध्वस्त करना अलग-अलग कार्रवाई होती हैं।</p>
<p>इसी तरह इस घटना को बिना आधार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कहना भी सही नहीं होगा। सामने आए अधिकारी के बयान में खराब छज्जों और सार्वजनिक सुरक्षा का संदर्भ दिया गया है। भवन के बाकी हिस्सों के संबंध में आगे क्या काम होगा, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।</p>
<h2><strong>पुराने भवनों के रखरखाव का सवाल</strong></h2>
<p>यह घटनाक्रम पुराने भवनों के बाहरी हिस्सों की नियमित जाँच और मरम्मत की जरूरत सामने लाता है। सड़क की ओर निकला कमजोर हिस्सा आसपास आने-जाने वालों के लिए जोखिम बन सकता है। ऐसी स्थिति में निरीक्षण, समय पर मरम्मत और निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण होता है।</p>
<p>राजबाड़ा के पास बैंक भवन के मामले में फिलहाल खराब छज्जे हटाए जाने की जानकारी है। आगे भवन की मरम्मत, बैंक संचालन पर असर अथवा अन्य हिस्सों की जाँच के बारे में आधिकारिक विवरण मिलने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। गुरुवार की कार्रवाई के दौरान संबंधित सड़क पर आवाजाही रोककर काम किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंदौर में RE-2 सड़क के बाधक निर्माण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, दो घायल और दो हिरासत में</title>
		<link>https://swarajvani.com/stone-pelting-during-re-2-road-demolition-drive-in-indore-two-injured-two/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Oct 2026 11:55:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Bicholi Kankad]]></category>
		<category><![CDATA[Demolition Drive]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police]]></category>
		<category><![CDATA[RE-2 Road]]></category>
		<category><![CDATA[Stone Pelting]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर में RE-2 सड़क के बाधक निर्माण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, दो घायल और दो हिरासत में इंदौर। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 सड़क के अधूरे हिस्से ... <a title="इंदौर में RE-2 सड़क के बाधक निर्माण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, दो घायल और दो हिरासत में" class="read-more" href="https://swarajvani.com/stone-pelting-during-re-2-road-demolition-drive-in-indore-two-injured-two/" aria-label="Read more about इंदौर में RE-2 सड़क के बाधक निर्माण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, दो घायल और दो हिरासत में">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर में RE-2 सड़क के बाधक निर्माण हटाने पहुंची टीम पर पथराव, दो घायल और दो हिरासत में</strong></h1>
<p><strong>इंदौर।</strong> बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच RE-2 सड़क के अधूरे हिस्से का काम पूरा कराने के लिए मंगलवार को बाधक निर्माण हटाने पहुंची नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ा। साझा समाचार के अनुसार, घटनाक्रम में दो लोग घायल हुए और दो लोगों को हिरासत में लिया गया।</p>
<p>नगर निगम और प्रशासन ने सुबह करीब 11 बजे कार्रवाई शुरू की थी। टीम जेसीबी, पोकलेन और पुलिस बल के साथ बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची। उद्देश्य सड़क के लगभग एक किलोमीटर लंबे अधूरे हिस्से में बाधक निर्माण हटाकर काम आगे बढ़ाना था। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने पर कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।</p>
<h2><strong>एक किलोमीटर के अधूरे हिस्से में कार्रवाई</strong></h2>
<p>बंगाली चौराहा और पीपल्याहाना के बीच RE-2 सड़क का करीब एक किलोमीटर लंबा हिस्सा अधूरा है। इसी हिस्से का काम पूरा कराने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मंगलवार सुबह मौके पर पहुंची। निर्माण हटाने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें साथ लाई गई थीं।</p>
<p>कार्रवाई में नगर निगम की रिमूवल टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था। बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर में सड़क के रास्ते में आने वाले निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। उपलब्ध विवरण में बाधक मकानों और अन्य निर्माणों की कुल संख्या नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान कितने निर्माण हटाए जा सके।</p>
<h2><strong>विरोध के बाद टीम और पुलिस पर पथराव</strong></h2>
<p>कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया। इसके बाद नगर निगम की रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। निर्माण हटाने के लिए पहुंची टीम को इस स्थिति में विरोध और पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा।</p>
<p>पथराव किस स्थान से शुरू हुआ, इसमें कितने लोग शामिल थे और कितनी देर तक यह स्थिति बनी रही, इसका विस्तृत विवरण साझा सामग्री में नहीं है। समाचार के अनुसार, विरोध के बाद पथराव हुआ और पुलिस ने मौके पर लोगों को खदेड़ने की कार्रवाई की। पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान संबंधी जानकारी भी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।</p>
<h2><strong>पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से खदेड़ा</strong></h2>
<p>साझा समाचार में बताया गया है कि पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से मारकर लोगों को खदेड़ा और कुछ लोगों को घसीटा। निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए विरोध और पथराव के बाद पुलिस की यह कार्रवाई सामने आई।</p>
<p>हालांकि, पुलिस द्वारा बल प्रयोग की पूरी परिस्थितियों और घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध नहीं है। इसलिए किस व्यक्ति पर किस कारण कार्रवाई की गई, इसके बारे में अलग-अलग निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। मौके पर मौजूद लोगों और संबंधित अधिकारियों के बयान से इस हिस्से की अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकती है।</p>
<h2><strong>दो घायल, दो लोगों को हिरासत में लिया</strong></h2>
<p>खबर के अनुसार, घटनाक्रम में दो लोग घायल हुए हैं। दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। घायल व्यक्तियों के नाम, उनकी चोटों की गंभीरता और इलाज की जानकारी साझा विवरण में नहीं दी गई है।</p>
<p>इसी तरह हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं है। हिरासत में लिया जाना और गिरफ्तारी अलग प्रक्रियाएं हैं। फिलहाल समाचार में दो लोगों को हिरासत में लेने की सूचना है। किसी प्राथमिकी या गिरफ्तारी के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।</p>
<h2><strong>नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त मौजूदगी</strong></h2>
<p>बाधक निर्माण हटाने के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम एक साथ मौके पर पहुंची थी। मशीनों की मदद से निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस बल की मौजूदगी के बीच कुछ लोगों का विरोध सामने आया और उसके बाद पथराव हुआ।</p>
<p>इस घटनाक्रम के कारण सड़क निर्माण के लिए शुरू हुई कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रमुख विषय बन गई। हालांकि, पथराव के बाद निर्माण हटाने का काम जारी रहा या कुछ समय के लिए रोका गया, इसकी जानकारी साझा सामग्री में स्पष्ट नहीं है।</p>
<h2><strong>कार्रवाई की आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी</strong></h2>
<p>उपलब्ध समाचार में निर्माण हटाने से पहले दिए गए नोटिस, प्रभावित परिवारों के पक्ष अथवा किसी वैकल्पिक व्यवस्था का विवरण शामिल नहीं है। इसलिए विरोध के पीछे की पूरी वजह बताने के लिए संबंधित पक्षों की अतिरिक्त जानकारी आवश्यक है।</p>
<p>फिलहाल सामने आए विवरण के अनुसार, मंगलवार सुबह 11 बजे RE-2 सड़क के अधूरे हिस्से में बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। कुछ लोगों के विरोध के बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव किया गया। पुलिस ने लोगों को खदेड़ा और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। घटनाक्रम में दो लोगों के घायल होने की भी सूचना है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>छावनी चौराहे पर नगर निगम की कार्रवाई, मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए गए</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-municipal-corporation-removes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 07:57:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Chhawni]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Road Widening]]></category>
		<category><![CDATA[अतिक्रमण कार्रवाई]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर नगर निगम]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[मथुरावाला बिल्डिंग]]></category>
		<category><![CDATA[मास्टर प्लान]]></category>
		<category><![CDATA[रोड चौड़ीकरण]]></category>
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					<description><![CDATA[छावनी चौराहे पर नगर निगम की कार्रवाई, मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए गए  इंदौर। मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक मकानों और प्रतिष्ठानों ... <a title="छावनी चौराहे पर नगर निगम की कार्रवाई, मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए गए" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-municipal-corporation-removes/" aria-label="Read more about छावनी चौराहे पर नगर निगम की कार्रवाई, मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए गए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 dir="ltr"><strong>छावनी चौराहे पर नगर निगम की कार्रवाई, मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए गए </strong></h1>
<p dir="ltr"><strong>इंदौर।</strong> मास्टर प्लान के तहत रोड चौड़ीकरण में बाधक मकानों और प्रतिष्ठानों के हिस्से हटाने के लिए शुक्रवार सुबह नगर निगम का अमला एक बार फिर छावनी पहुंचा। छावनी चौराहे पर मथुरावाला प्रतिष्ठान की बिल्डिंग के हिस्से सहित अन्य मकानों के बाधक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई छावनी रोड के चौड़ीकरण कार्य को पूरा करने की दिशा में की गई है।</p>
<h2 dir="ltr"><strong>तीन पोकलेन और दो जेसीबी के साथ पहुंचा अमला</strong></h2>
<p dir="ltr">नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी शुक्रवार सुबह मशीनों के साथ छावनी चौराहे पहुंचे। निगम की टीम तीन पोकलेन और दो जेसीबी मशीनों के साथ आई थी। कार्रवाई की शुरुआत में टीम ने पहले मैन्युअली काम किया और इसके बाद मशीनों की मदद से रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्सों को तोड़ा गया।</p>
<p dir="ltr">कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। फिलहाल किसी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है।</p>
<h2 dir="ltr"><strong>पेंडिंग कार्रवाई पूरी करने पहुंचे</strong></h2>
<p dir="ltr">नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर प्रखर सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान में शामिल छावनी रोड पर रोड चौड़ीकरण के लिए जिन बाधक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई लंबित थी, उसे शुक्रवार को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक मकान का छज्जा हटाया गया है, जबकि दूसरे मकानों के बाधक हिस्से भी हटाए गए हैं।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>मई में भी हुई थी कार्रवाई</strong></h3>
<p dir="ltr">इससे पहले नगर निगम ने मई में छावनी क्षेत्र में रोड चौड़ीकरण के लिए रिमूवल कार्रवाई की थी। इसके बाद रोड का काम शुरू हुआ था। उस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विरोध भी हुआ था। कांग्रेस ने विरोध में क्षेत्र में जन अधिकार यात्रा निकाली थी। शुक्रवार को निगम की टीम दूसरी बार यहां बाधक हिस्से हटाने पहुंची।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>पिछली कार्रवाई में घायल हुए थे डॉक्टर</strong></h3>
<p dir="ltr">पिछली कार्रवाई के दौरान मशीनों से काम करते समय बिजली के तार मशीन में उलझ गए थे। तार हटाने के लिए जेसीबी चालक ने जोर लगाया तो बिजली का खंभा उखड़कर होम्योपैथिक डॉक्टर कपिल दीक्षित के सिर पर गिर गया था। इस हादसे में डॉक्टर घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से ऐसी कार्रवाइयों में सुरक्षा इंतजामों की ओर भी लोगों का ध्यान गया था।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>सौ साल से ज्यादा पुराने हैं कई मकान</strong></h3>
<p dir="ltr">छावनी क्षेत्र में कई मकान और प्रतिष्ठान सौ साल से भी ज्यादा पुराने हैं। नगर निगम पहले भी यहां रोड चौड़ीकरण के लिए बाधक हिस्सों पर कार्रवाई कर चुका है। छावनी चौराहे पर जिस मथुरावाला बिल्डिंग पर शुक्रवार को कार्रवाई हुई, वह भी काफी पुरानी बताई जा रही है। बिल्डिंग में पांच फ्लोर और एक बेसमेंट है।</p>
<h3 dir="ltr"><strong>रोड चौड़ीकरण से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर</strong></h3>
<p dir="ltr">मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे रोड चौड़ीकरण का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना और क्षेत्र की सड़कों को आवश्यकतानुसार चौड़ा करना है। छावनी जैसे घने और पुराने बसाहट वाले क्षेत्र में जहां सड़कें संकरी हैं, वहां चौड़ीकरण से आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। निगम का कहना है कि लंबित कार्रवाई पूरी होने के बाद रोड का काम आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
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		<title>इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत</title>
		<link>https://swarajvani.com/ganesh-visarjan-in-indore-over-100-immersion-tanks-set-up-some-lack-water-or/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Sep 2026 11:04:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[dore Ganesh Visarjan]]></category>
		<category><![CDATA[Immersion Tanks]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Jawahar Tekri]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत दैनिक स्वराज वाणी &#124; इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं ... <a title="इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/ganesh-visarjan-in-indore-over-100-immersion-tanks-set-up-some-lack-water-or/" aria-label="Read more about इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर में गणेश विसर्जन के लिए 100 से अधिक स्थानों पर कुंड, कहीं पानी नहीं तो कहीं रिसाव की शिकायत</strong></h1>
<p><strong>दैनिक स्वराज वाणी | इंदौर।</strong> अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए इंदौर नगर निगम ने शहर में 100 से अधिक स्थानों पर कुंड और प्रतिमा एकत्रीकरण की व्यवस्था की है। शुक्रवार को कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में कमी सामने आई। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कुंडों में पानी नहीं था, जबकि कुछ प्लास्टिक के कुंडों से पानी रिस रहा था। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी और कई स्थानों पर कुंड बदलने का काम किया गया।</p>
<h2><strong>स्थानीय विसर्जन के लिए लगाए गए कुंड</strong></h2>
<p>नगर निगम अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े प्लास्टिक कुंड लगाता है, ताकि लोग घरों में स्थापित मिट्टी की छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अपने आसपास कर सकें। इसके लिए इस बार भी कुंडों के पास टेंट लगाए गए और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। शहर में एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर यह व्यवस्था की गई है।</p>
<p>श्रद्धालुओं के लिए कुंड तभी उपयोगी होगा, जब उसमें पर्याप्त पानी हो और वह सही हालत में हो। खाली कुंड देखकर पहुंचे लोगों को विसर्जन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, पानी रिसने वाले कुंड को बदलना या उसकी समस्या दूर करना जरूरी है। शुक्रवार को सामने आई शिकायतें इन्हीं बुनियादी इंतजामों से जुड़ी हैं।</p>
<h2><strong>कर्मचारियों ने अधिकारियों तक पहुंचाई शिकायत</strong></h2>
<p>अग्निबाण की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर तैनात निगम कर्मचारियों ने कुंडों में पानी न होने और फूटे कुंडों से पानी बहने की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद कई स्थानों पर लगाए गए कुंड बदले जा रहे थे। हालांकि, किन-किन केंद्रों पर समस्या आई और सभी जगह व्यवस्था कब तक ठीक हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है</p>
<p>विसर्जन के लिए बनाए गए केंद्रों पर लोगों का पहुंचना दिन भर जारी रह सकता है। इसलिए कुंड लगाना ही पर्याप्त नहीं है; उनमें पानी की उपलब्धता और कुंड की स्थिति पर लगातार नजर रखना भी जरूरी है। कर्मचारियों से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा कम की जा सकती है।</p>
<h2><strong>प्रतिमाएं एकत्र कर जवाहर टेकरी पहुंचाने की व्यवस्था</strong></h2>
<p>स्थानीय कुंडों के अलावा नगर निगम ने प्रतिमाएं एकत्र करने के लिए पंडाल भी बनाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों से प्रतिमाओं को जवाहर टेकरी तक ले जाने के लिए डंपर और अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई है। पहले प्रकाशित कार्यक्रम के मुताबिक, विभिन्न केंद्रों से एकत्र प्रतिमाओं का विसर्जन 25 और 26 सितंबर को धार रोड स्थित जवाहर टेकरी की खदान में किया जाना है।</p>
<p>इस व्यवस्था में दो अलग चरण हैं। छोटे स्थानीय कुंडों में श्रद्धालु स्वयं प्रतिमा विसर्जित कर सकते हैं। दूसरी ओर, एकत्रीकरण केंद्रों पर सौंपी गई प्रतिमाओं को निगम के वाहनों से निर्धारित विसर्जन स्थल तक पहुंचाया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए संबंधित केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों से यह जानकारी लेना उपयोगी रहेगा कि वहां कुंड में विसर्जन हो रहा है या प्रतिमा जमा की जा रही है।</p>
<h2><strong>तैयारी के बीच सामने आई व्यावहारिक समस्या</strong></h2>
<p>नगर निगम ने प्रतिमा एकत्रीकरण के लिए 100 से अधिक केंद्र बनाने की योजना पहले ही बताई थी। इसका उद्देश्य शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को पास में सुविधा देना और एकत्र प्रतिमाओं को तय स्थान पर पहुंचाना है। लेकिन शुक्रवार को कुंडों में पानी की कमी और रिसाव की शिकायत ने दिखाया कि प्रत्येक केंद्र पर व्यवस्था की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।</p>
<p>इस समय प्राथमिक जरूरत प्रभावित कुंडों में पानी भरने, खराब कुंड बदलने और केंद्रों पर स्पष्ट जानकारी देने की है। जिन स्थानों पर समस्या ठीक कर दी गई है, वहां श्रद्धालु सामान्य रूप से विसर्जन कर सकेंगे। वहीं, किसी केंद्र पर दिक्कत बनी रहने की स्थिति में तैनात कर्मचारी लोगों को नजदीकी उपलब्ध व्यवस्था की जानकारी दे सकते हैं।</p>
<p>अनंत चतुर्दशी पर शहर में श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रतिमाओं का एकत्रीकरण साथ-साथ चल रहा है। ऐसे में निगम की तैयारियों का आकलन कुंडों की संख्या से ही नहीं, बल्कि उनके मौके पर उपयोगी होने से होगा। शुक्रवार को मिली शिकायतों के बाद संबंधित केंद्रों पर व्यवस्था कितनी जल्दी सुधरती है, इस पर श्रद्धालुओं की सुविधा निर्भर करेगी।</p>
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		<title>इंदौर के मोती तबेला में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए बना ढांचा हटाने पर विवाद, थाने पहुंचे रहवासी</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-dispute-ove-of-structure-built-for-shivaji-maharaj-statue-in-moti-tabela/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Sep 2026 07:13:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Municipal Corporation]]></category>
		<category><![CDATA[Local Residents Protest]]></category>
		<category><![CDATA[oti Tabela]]></category>
		<category><![CDATA[Pandharinath Police Station]]></category>
		<category><![CDATA[Shivaji Maharaj Statue]]></category>
		<category><![CDATA[Statue Structure Dispute]]></category>
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					<description><![CDATA[इंदौर के मोती तबेला में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए बना ढांचा हटाने पर विवाद, थाने पहुंचे रहवासी नगर निगम की कार्रवाई से नाराज लोगों ने अधिकारियों पर कार्रवाई ... <a title="इंदौर के मोती तबेला में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए बना ढांचा हटाने पर विवाद, थाने पहुंचे रहवासी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-dispute-ove-of-structure-built-for-shivaji-maharaj-statue-in-moti-tabela/" aria-label="Read more about इंदौर के मोती तबेला में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए बना ढांचा हटाने पर विवाद, थाने पहुंचे रहवासी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>इंदौर के मोती तबेला में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए बना ढांचा हटाने पर विवाद, थाने पहुंचे रहवासी</strong></h1>
<p><strong>नगर निगम की कार्रवाई से नाराज लोगों ने अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रतिमा स्थापना की अनुमति देने की मांग की</strong></p>
<p><strong>इंदौर, 25 सितंबर 2026।</strong> शहर के मोती तबेला इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के लिए तैयार किया जा रहा ढांचा नगर निगम द्वारा हटाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कार्रवाई से नाराज स्थानीय रहवासी, क्षेत्रीय पार्षद और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता गुरुवार रात पंढरीनाथ थाने पहुंचे। वहां उन्होंने विरोध जताते हुए कार्रवाई से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की।</p>
<p>प्रकाशित जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापना की तैयारी चल रही थी, वह शासकीय भूमि है। वहां प्रतिमा के लिए एक चबूतरा बनाया जा रहा था। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने निर्माणाधीन ढांचे को हटा दिया। इसके बाद इलाके में विरोध शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उनसे संवाद नहीं किया गया। हालांकि, नगर निगम ने किस आधार पर ढांचा हटाया और इस संबंध में पहले कोई नोटिस जारी हुआ था या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।</p>
<h2><strong>प्रतिमा स्थापना के लिए तैयार किया जा रहा था चबूतरा</strong></h2>
<p>मोती तबेला में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसी उद्देश्य से शासकीय भूमि पर चबूतरे का निर्माण शुरू किया गया था। निगम की टीम ने जिस ढांचे को हटाया, वह निर्माणाधीन चबूतरा था; उपलब्ध जानकारी में वहां प्रतिमा स्थापित हो जाने का उल्लेख नहीं है।</p>
<p>इलाके में प्रतिमा लगाने की योजना से जुड़े लोगों ने निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनके अनुसार, यदि स्थान या अनुमति को लेकर कोई आपत्ति थी, तो पहले बातचीत की जानी चाहिए थी। दूसरी ओर, सार्वजनिक जमीन पर स्थायी ढांचा बनाने के लिए अनुमति की स्थिति भी स्पष्ट होना जरूरी है। इस संबंध में स्वीकृति का कोई दस्तावेज अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।</p>
<h2><strong>पार्षद के साथ पंढरीनाथ थाने पहुंचे लोग</strong></h2>
<p>कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पंडित के साथ रहवासी और संगठनों के कार्यकर्ता एकत्रित हुए। वे जुलूस के रूप में पंढरीनाथ थाने पहुंचे और नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चबूतरा हटाने की कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्षद की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।</p>
<p>थाने पर पहुंचे लोगों को पुलिस ने समझाया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। फिलहाल शिकायत मिलने और किसी अधिकारी के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज होने के बीच अंतर है। उपलब्ध जानकारी में एफआईआर दर्ज होने या किसी अधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं है।</p>
<h2><strong>प्रदर्शनकारियों की क्या मांग है?</strong></h2>
<p>पार्षद और प्रदर्शनकारियों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, मोती तबेला में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के लिए विधिवत अनुमति दी जाए। दूसरी, निर्माणाधीन ढांचा हटाने के तरीके और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच हो। उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले उनसे कोई संवाद नहीं किया गया।</p>
<p>अब यह देखना होगा कि प्रतिमा स्थापना के लिए औपचारिक आवेदन किया गया था या नहीं और संबंधित भूमि के उपयोग के बारे में प्रशासन का क्या निर्णय है। यदि आवेदन लंबित है, तो उस पर निर्णय की स्थिति स्पष्ट करना भी विवाद सुलझाने में मदद कर सकता है। निगम की ओर से कार्रवाई का लिखित कारण सामने आने पर दोनों पक्षों की बात अधिक साफ हो सकेगी।</p>
<h2><strong>नगर निगम का पक्ष अभी स्पष्ट नहीं</strong></h2>
<p>इस मामले में नगर निगम की कार्रवाई तो सामने आई है, लेकिन ढांचा हटाने के कारण पर निगम का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि कार्रवाई किसी विशेष नियम के उल्लंघन, अनुमति न होने या किसी अन्य प्रशासनिक कारण से की गई। इसी तरह प्रदर्शनकारियों के ‘बिना पूर्व सूचना’ वाले आरोप की पुष्टि भी संबंधित नोटिस और रिकॉर्ड देखने के बाद ही हो सकेगी।</p>
<p>विवाद का केंद्र प्रतिमा स्थापना की इच्छा के साथ शासकीय भूमि पर निर्माण की अनुमति है। दोनों मुद्दों पर लिखित दस्तावेज और प्रशासनिक निर्णय सामने आने से आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। फिलहाल मोती तबेला के रहवासी अनुमति और निगम की कार्रवाई पर जवाब चाहते हैं, जबकि पुलिस को दी गई शिकायत पर आगे क्या कदम उठेगा, इसकी जानकारी आनी बाकी है।</p>
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