Indore में 1700 परिवारों को मिलेंगे नए मकान, जर्जर सरकारी इमारतों की जगह बनेंगी 10 मंजिला बिल्डिंग
नैनोद, छोटा बांगड़दा और भूरी टेकरी की पुरानी इमारतें तोड़कर पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण; भवन बनने तक किराए के मकानों में शिफ्ट करने की योजना
Indore । शहर में जर्जर सरकारी आवासों में रह रहे परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत नैनोद, छोटा बांगड़दा और भूरी टेकरी स्थित पुरानी बहुमंजिला इमारतों को तोड़कर उनके स्थान पर नई 10 मंजिला इमारतें बनाने का प्रस्ताव है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस योजना को मंजूरी देने का आग्रह किया है। प्रस्ताव के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में शिफ्ट किया जाएगा और किराया सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है।
2014-15 में बनी इमारतें हुईं जर्जर
केंद्र सरकार की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना के तहत इंदौर के नैनोद, बांगड़दा और भूरी टेकरी में गरीब परिवारों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए गए थे। इन भवनों में झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों के साथ सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित परिवारों को भी बसाया गया था।
ये इमारतें वर्ष 2014-15 में बनकर तैयार हुई थीं। निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सामने आई समस्याओं के कारण अब नगर निगम ने इनके स्थान पर नए भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। निगम का मानना है कि नए निर्माण से परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
नैनोद और बांगड़दा में 970, भूरी टेकरी में 800 परिवार
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर जर्जर भवनों को तोड़कर नए भवन बनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी सौंपा है।
प्रस्ताव से संबंधित जानकारी के अनुसार, नैनोद और बांगड़दा की इमारतों में करीब 970 परिवार तथा भूरी टेकरी की इमारत में लगभग 800 परिवार निवास कर रहे हैं। इस प्रकार तीनों स्थानों पर करीब 1,700 परिवारों के व्यवस्थापन की योजना बनाई गई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में अलग-अलग स्थानों के परिवारों की संख्या का कुल योग इससे अधिक बैठता है, इसलिए अंतिम संख्या का सत्यापन आवश्यक होगा।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगी नई इमारतें
नगर निगम की योजना के अनुसार, पुरानी इमारतों को हटाकर निजी क्षेत्र की सहभागिता से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर नए भवन बनाए जाएंगे। वर्तमान में इन स्थानों पर भूतल के अलावा तीन मंजिल तक की इमारतें हैं। प्रस्तावित योजना में कम से कम 10 मंजिला भवन बनाने की तैयारी है।
महापौर परिषद भूरी टेकरी में पीपीपी मॉडल पर नया भवन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर राज्य सरकार को भेज चुकी है। इस प्रस्ताव पर अभी सरकार की स्वीकृति मिलना बाकी है। नैनोद और छोटा बांगड़दा के लिए भी इसी तरह के प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाने की योजना है।
निर्माण पर 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
नगर निगम के आकलन के अनुसार, नैनोद में नए भवन के निर्माण पर लगभग 400 करोड़ रुपये और भूरी टेकरी में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस तरह इन दोनों स्थानों के लिए कुल अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये बताई गई है।
निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित परिवारों को किराए के मकानों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। उनके किराए का भुगतान सरकारी स्तर पर किए जाने की भी योजना बनाई गई है। नए भवन तैयार होने के बाद पात्र परिवारों को फिर से आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
सरकारी मंजूरी का इंतजार
इस योजना का उद्देश्य जर्जर आवासों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। हालांकि, योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की मंजूरी, परिवारों के अस्थायी व्यवस्थापन और निर्माण की विस्तृत प्रक्रिया तय होना बाकी है। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा कि तीनों स्थानों पर निर्माण कार्य कब शुरू होगा और परिवारों को नए आवास कब तक मिल सकेंगे।
