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	<title>Fraud Case &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Fraud Case &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>भोपाल फर्जी IAS मामला: तृप्ति सिंह ने बैतूल की दो युवतियों से ऐंठे 2-2 लाख रुपए, IAS बनाने का दिया था झांसा</title>
		<link>https://swarajvani.com/bhopal-fake-ias-scam-married-into-a-builders-family-tripti-singh-rajputs-double-life-exposed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 07:45:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल फर्जी IAS मामला: तृप्ति सिंह ने बैतूल की दो युवतियों से ऐंठे 2-2 लाख रुपए, IAS बनाने का दिया था झांसा मध्य प्रदेश में खुद को IAS अधिकारी बताकर ... <a title="भोपाल फर्जी IAS मामला: तृप्ति सिंह ने बैतूल की दो युवतियों से ऐंठे 2-2 लाख रुपए, IAS बनाने का दिया था झांसा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bhopal-fake-ias-scam-married-into-a-builders-family-tripti-singh-rajputs-double-life-exposed/" aria-label="Read more about भोपाल फर्जी IAS मामला: तृप्ति सिंह ने बैतूल की दो युवतियों से ऐंठे 2-2 लाख रुपए, IAS बनाने का दिया था झांसा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>भोपाल फर्जी IAS मामला: तृप्ति सिंह ने बैतूल की दो युवतियों से ऐंठे 2-2 लाख रुपए, IAS बनाने का दिया था झांसा</strong></h1>
<p>मध्य प्रदेश में खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को ठगने के मामले में पुलिस जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह राजपूत है, जिस पर बैतूल की दो युवतियों को IAS बनवाने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठने का आरोप है।</p>
<h2><strong>IAS बनवाने के नाम पर लाखों की ठगी</strong></h2>
<p>पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तृप्ति सिंह राजपूत ने खुद को प्रशासनिक अकादमी की शिक्षिका और सिविल सर्विस कोचिंग देने वाली बताकर लोगों का भरोसा जीता था। इसी झांसे में आकर बैतूल की दो युवतियों ने उस पर भरोसा किया। आरोप है कि तृप्ति ने दोनों युवतियों से IAS बनवाने और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली, जिसके बाद ठगी का यह मामला सामने आया।</p>
<h2><strong>तृप्ति और उसके साथी को पुलिस रिमांड पर भेजा गया</strong></h2>
<p>मामले की जांच कर रही बागसेवनिया पुलिस ने तृप्ति सिंह राजपूत और उसके एक साथी सुधांशु को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब दोनों से गहन पूछताछ कर पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है। बताया जा रहा है कि तृप्ति को उसके भोपाल स्थित बागमुगलिया इलाके के घर से गिरफ्तार किया गया था।</p>
<h2><strong>लखनऊ से एक और आरोपी गिरफ्तार</strong></h2>
<p>जांच के दौरान इस ठगी नेटवर्क से जुड़े एक और आरोपी प्रखर उर्फ सोनू को अशोकनगर पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रखर ने पीड़ितों को झांसा देने के लिए एक फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजा था। जांच में जब प्रखर का मोबाइल फोन खंगाला गया, तो उसमें तृप्ति के साथ हुई चैट भी सामने आई, जिससे दोनों के बीच सांठगांठ की पुष्टि हुई है। कोर्ट में पेश करने के बाद प्रखर को जेल भेज दिया गया है।</p>
<h2><strong>दो और आरोपियों की तलाश जारी</strong></h2>
<p>इस पूरे ठगी नेटवर्क में पुलिस को अभी दो और संदिग्धों की तलाश है, जिनके नाम तुनुज वैश्य और अंजली सिंह बताए जा रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तृप्ति ने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और उसका यह ठगी नेटवर्क वास्तव में कितना बड़ा है।</p>
<h2><strong>शादी के बाद सामने आई तृप्ति की असली पहचान</strong></h2>
<p>जांच के दौरान तृप्ति की निजी जिंदगी से जुड़े कई तथ्य भी सामने आए हैं। पता चला है कि उसकी शादी एक बड़े बिल्डर के बेटे से हुई थी। आरोप है कि शादी के समय बिल्डर परिवार को यह बताया गया था कि तृप्ति प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका के तौर पर काम करती है। हालांकि बाद में उसकी असली पहचान और पृष्ठभूमि सामने आने पर ससुराल पक्ष के साथ विवाद शुरू हो गया।</p>
<h2><strong>पति से अलगाव और मामले की परतें खुलनी शुरू</strong></h2>
<p>बताया जा रहा है कि जब तृप्ति की सच्चाई सामने आई, तो ससुराल वालों के साथ उसका विवाद बढ़ता गया। आरोप है कि इस दौरान तृप्ति ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी भी दी थी, और आखिरकार वह अपने पति से अलग हो गई। अब पुलिस इस पूरे प्रकरण की कड़ियां जोड़ते हुए यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति किन-किन लोगों के संपर्क में रही और उसके संभावित शिकार कौन-कौन हो सकते हैं।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>₹2 करोड़ ठगी केस में बड़ी कामयाबी, सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी को SP ने किया सम्मानित</title>
		<link>https://swarajvani.com/sarangpur-thana-prabhari-rahul-raghuvanshi-fraud-case/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Aug 2026 10:59:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Sarangpur]]></category>
		<category><![CDATA[2 Crore Fraud Case]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Tolani]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud Case]]></category>
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		<category><![CDATA[Swaraj Vani]]></category>
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					<description><![CDATA[10 राज्यों में करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर और 300 CCTV फुटेज की जांच। अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ... <a title="₹2 करोड़ ठगी केस में बड़ी कामयाबी, सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी को SP ने किया सम्मानित" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sarangpur-thana-prabhari-rahul-raghuvanshi-fraud-case/" aria-label="Read more about ₹2 करोड़ ठगी केस में बड़ी कामयाबी, सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी को SP ने किया सम्मानित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>10 राज्यों में करीब 30 हजार किलोमीटर का सफर और 300 CCTV फुटेज की जांच। अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी को एसपी अमित तोलानी ने सम्मानित किया।</p>
<p>सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी की बड़ी कामयाबी: ₹2 करोड़ ठगी केस में अहम भूमिका, SP ने किया सम्मानित</p>
<p>रिपोर्टर – [रिपोर्टर का नाम]</p>
<p>सारंगपुर। सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने पैसे दोगुना करने का लालच देकर 2 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पर्दाफाश में अहम भूमिका निभाई। कठिन और पेचीदा जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एसपी अमित तोलानी ने उन्हें विशेष रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।</p>
<p>सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने जांच में निभाई अहम भूमिका</p>
<p>जिले में ठगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एक व्यापक जांच अभियान शुरू किया था। थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी और उनकी टीम ने भोपाल, मुंबई और नासिक में लगातार 15 दिनों तक डेरा डालकर करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।</p>
<p>शातिर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 10 राज्यों में लगभग 30 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। पुलिस की कड़ी मेहनत के दम पर गिरोह के शनि उर्फ शमी मंडल को भोपाल के जहांगीराबाद से थाना प्रभारी रघुवंशी ने दबोचा। पूछताछ के बाद मुस्तकीम मंडल सहित कुल 14 आरोपितों को दबोचने में सफलता मिली।</p>
<p>₹30 लाख नकद और स्कॉर्पियो जब्त</p>
<p>कार्रवाई के दौरान सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपितों के कब्जे से 30 लाख रुपये नकद और अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की। वहीं दूसरे अपराधियों से मिलाकर कुल 1 करोड़ रुपये नकदी जब्त की गई।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण मामले में पुलिस ने समूचे गिरोह के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई में कुल मिलाकर 2 करोड़ 92 हजार 91 हजार रुपये का माल व नकदी बरामद की है।</p>
<p>एसपी अमित तोलानी ने की कार्यशैली की सराहना</p>
<p>इतने बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को बेनकाब करने और 15 दिनों तक दूसरे राज्यों में रहकर बारीकी से साक्ष्य जुटाने के लिए एसपी अमित तोलानी ने सारंगपुर थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी की कार्यशैली की जमकर सराहना की और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Indore Crime Branch की बड़ी कार्रवाई: 1.20 करोड़ की फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश, दिल्ली से दो डायरेक्टर गिरफ्तार</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-crime-branch-busts-1-20-crore-franchise/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jun 2026 10:07:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[crime branch]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Arrest]]></category>
		<category><![CDATA[Financial Fraud]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore Crime Branch की बड़ी कार्रवाई: 1.20 करोड़ की फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश,  वेलनेस सेंटर के नाम पर बड़ा फ्रॉड उजागर इंदौर। मध्यप्रदेश की Indore Crime Branch ने एक बड़े ... <a title="Indore Crime Branch की बड़ी कार्रवाई: 1.20 करोड़ की फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश, दिल्ली से दो डायरेक्टर गिरफ्तार" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-crime-branch-busts-1-20-crore-franchise/" aria-label="Read more about Indore Crime Branch की बड़ी कार्रवाई: 1.20 करोड़ की फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश, दिल्ली से दो डायरेक्टर गिरफ्तार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-turn-id-container="d5cc9bdc-9fb5-440d-9e2b-2235f8a5c9d6" data-is-intersecting="true"><strong><span style="font-family: inherit; font-size: 35px; font-style: inherit;">Indore Crime Branch की बड़ी कार्रवाई: 1.20 करोड़ की फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश, </span></strong></h1>
<div class="" data-turn-id-container="request-WEB:b465fb09-a6db-46ee-b638-93be1b1b6a2c-58" data-is-intersecting="true">
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<h3 data-section-id="16d63pq" data-start="124" data-end="169">वेलनेस सेंटर के नाम पर बड़ा फ्रॉड उजागर</h3>
<p data-start="171" data-end="528">इंदौर। मध्यप्रदेश की Indore Crime Branch ने एक बड़े फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है, जिसमें वेलनेस सेंटर खोलने के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने नई दिल्ली से कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस गिरोह से जुड़े दो डॉक्टर अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।</p>
<h2 data-section-id="wfcbnj" data-start="535" data-end="564"><strong>शिकायत से शुरू हुई जांच</strong></h2>
<p data-start="566" data-end="856">यह पूरा मामला तब सामने आया जब रितु मेहता नाम की महिला ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि “डॉ. हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड” नामक कंपनी के संचालकों ने उन्हें वेलनेस सेंटर की फ्रेंचाइज़ी देने का झांसा दिया और बड़ी राशि निवेश करवाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p data-start="858" data-end="1068">शिकायतकर्ता के अनुसार, कंपनी के डायरेक्टरों ने आकर्षक मुनाफे और ब्रांड सपोर्ट का वादा कर उनसे करीब 1.20 करोड़ रुपये की राशि ले ली, लेकिन बाद में न तो कोई फ्रेंचाइज़ी उपलब्ध कराई गई और न ही पैसा वापस किया गया।</p>
<h2 data-section-id="1ppu8xb" data-start="1075" data-end="1113"><strong>Indore Crime Branch ने दर्ज किया मामला</strong></h2>
<p data-start="1115" data-end="1343">शिकायत मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने तुरंत मामला दर्ज किया और एक विशेष जांच टीम का गठन किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें कई लोगों को इसी तरह झांसे में लेकर पैसे वसूले गए थे।</p>
<p data-start="1345" data-end="1456">पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और दिल्ली में दबिश देने की योजना बनाई।</p>
<h3 data-section-id="14sqh74" data-start="1463" data-end="1507"><strong>दिल्ली में दबिश देकर दो आरोपी गिरफ्तार</strong></h3>
<p data-start="1509" data-end="1700">जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम नई दिल्ली पहुंची और वहां आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कंपनी के दो डायरेक्टर देबदुलाल बनर्जी और राहुल सावेल को गिरफ्तार कर लिया गया।</p>
<p data-start="1702" data-end="1928">दोनों आरोपियों पर आरोप है कि वे लंबे समय से लोगों को वेलनेस सेंटर फ्रेंचाइज़ी देने के नाम पर झांसा देकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।</p>
<h3 data-section-id="93lsdo" data-start="1935" data-end="1964"><strong>ठगी का तरीका और नेटवर्क</strong></h3>
<p data-start="1966" data-end="2159">प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपियों द्वारा लोगों को आकर्षक बिजनेस मॉडल, ब्रांड सपोर्ट और हाई रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया जाता था।</p>
<p data-start="2161" data-end="2372">निवेश लेने के बाद या तो काम शुरू नहीं किया जाता था या फिर पीड़ितों को लंबे समय तक टालमटोल किया जाता था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क से और भी कई लोग जुड़े हो सकते हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं।</p>
<h3 data-section-id="12nluqk" data-start="2379" data-end="2411"><strong>फरार डॉक्टरों की तलाश जारी</strong></h3>
<p data-start="2413" data-end="2602">इस मामले में दो डॉक्टरों की भूमिका भी सामने आई है, जो अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि ये दोनों आरोपी इस पूरे फ्रेंचाइज़ी मॉडल और निवेश प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे थे।</p>
<p data-start="2604" data-end="2735">क्राइम ब्रांच की टीमें उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<h3 data-section-id="wciwyq" data-start="2742" data-end="2782"><strong>पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे</strong></h3>
<p data-start="2784" data-end="2992">पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के दौरान ठगी के पूरे नेटवर्क, निवेशकों की संख्या और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।</p>
<p data-start="2994" data-end="3114">अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल एक शहर तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसका दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है।</p>
<h3 data-section-id="1359cc0" data-start="3121" data-end="3148"><strong>पुलिस की सख्त चेतावनी</strong></h3>
<p>क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश या फ्रेंचाइज़ी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह से जांच-पड़ताल अवश्य करें। पुलिस ने कहा है कि किसी भी कंपनी के झूठे वादों, आकर्षक ऑफर्स और असामान्य रूप से अधिक रिटर्न के लालच में बिल्कुल भी न आएं, क्योंकि ऐसे प्रलोभन अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, हाल के समय में फ्रेंचाइज़ी और निवेश के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई लोग जल्दी लाभ कमाने की उम्मीद में बिना सत्यापन किए बड़ी रकम निवेश कर देते हैं, जिसका परिणाम बाद में भारी आर्थिक नुकसान के रूप में सामने आता है।</p>
<p>पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी की पृष्ठभूमि, कानूनी दस्तावेज, रजिस्ट्रेशन और पिछले रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों या वित्तीय सलाहकारों से राय लेने की सलाह दी गई है।</p>
<p>अधिकारियों ने यह भी कहा कि जागरूकता ही ऐसे साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।</p>
<h3 data-section-id="sisdxw" data-start="3490" data-end="3504"><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p data-start="3506" data-end="3705">इंदौर में सामने आया यह फ्रेंचाइज़ी धोखाधड़ी मामला एक बड़े संगठित वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है। क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच अभी जारी है।</p>
<p data-start="3707" data-end="3816" data-is-last-node="" data-is-only-node="">पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा जल्द किया जाएगा।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</section>
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			</item>
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		<title>Bhopal निशातपुरा में 85.74 लाख की ठगी, डामर व्यापारी से एडवांस लेकर मुंबई कंपनी ने माल नहीं दिया, केस दर्ज।</title>
		<link>https://swarajvani.com/cheated-in-major-advance-payment-scam-in-bhopal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 08:52:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[Asphalt Trader]]></category>
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		<category><![CDATA[Nishatpura Police Station]]></category>
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					<description><![CDATA[राजधानी में 85.74 लाख की बड़ी ठगी: डामर व्यापारी से एडवांस लेकर कंपनी फरार, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस राजधानी Bhopal में एक बड़े आर्थिक घोटाले का मामला सामने ... <a title="Bhopal निशातपुरा में 85.74 लाख की ठगी, डामर व्यापारी से एडवांस लेकर मुंबई कंपनी ने माल नहीं दिया, केस दर्ज।" class="read-more" href="https://swarajvani.com/cheated-in-major-advance-payment-scam-in-bhopal/" aria-label="Read more about Bhopal निशातपुरा में 85.74 लाख की ठगी, डामर व्यापारी से एडवांस लेकर मुंबई कंपनी ने माल नहीं दिया, केस दर्ज।">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="" data-turn-id-container="558e3d58-5db7-4a0e-ac4b-7da7a1083617" data-is-intersecting="true">
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<h1 data-section-id="1t24hkh" data-start="0" data-end="103"><strong>राजधानी में 85.74 लाख की बड़ी ठगी: डामर व्यापारी से एडवांस लेकर कंपनी फरार, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस</strong></h1>
<p data-start="105" data-end="435">राजधानी Bhopal में एक बड़े आर्थिक घोटाले का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारिक जगत में हलचल मचा दी है। मामला निशातपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां एक डामर व्यापारी के साथ 85.74 लाख रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप सामने आया है। आरोप है कि मुंबई की एक कंपनी ने एडवांस भुगतान लेने के बावजूद न तो माल की आपूर्ति की और न ही रकम वापस लौटाई।</p>
<p data-start="437" data-end="659">पुलिस ने लंबे समय तक चली जांच के बाद कंपनी के तीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। यह प्रकरण व्यापारिक विश्वास के दुरुपयोग और बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है।</p>
<h2 data-section-id="1bhrcgt" data-start="666" data-end="715"><strong>डामर व्यापारी से जुड़े पूरे मामले की पृष्ठभूमि</strong></h2>
<p data-start="717" data-end="1004">मामले के अनुसार संजीव नगर स्थित क्लासिक अपार्टमेंट निवासी निखिल गुप्ता डामर (बिटुमिन) के बड़े व्यापारी हैं। उनका व्यवसाय अलग-अलग राज्यों से कच्चा डामर खरीदकर स्थानीय स्तर पर आपूर्ति करने का है। वे लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न कंपनियों के साथ व्यापारिक संबंध रखते हैं।</p>
<p data-start="1006" data-end="1270">वर्ष 2023 में निखिल गुप्ता ने मुंबई की एक थोक डामर कंपनी से व्यापारिक अनुबंध किया था। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंध सामान्य और विश्वासपूर्ण बताए गए। इसी भरोसे के आधार पर व्यापारी ने कंपनी के साथ बड़ा सौदा किया और एडवांस भुगतान करने का निर्णय लिया।</p>
<h2 data-section-id="ja3mul" data-start="1277" data-end="1321"><strong>85.74 लाख रुपये का एडवांस भुगतान कैसे हुआ</strong></h2>
<p data-start="1323" data-end="1535">व्यापारी के अनुसार, कंपनी के प्रतिनिधियों पंकज पटेल, अमीषा और दिनेश नागाजीभाई के साथ बातचीत के बाद सौदा तय हुआ। कंपनी ने माल आपूर्ति का आश्वासन दिया और भरोसा दिलाया कि निर्धारित समय पर डामर की सप्लाई कर दी जाएगी।</p>
<p data-start="1537" data-end="1757">इसी भरोसे के आधार पर व्यापारी ने ऑनलाइन माध्यम से कुल 85.74 लाख रुपये कंपनी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह राशि चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग ट्रांजैक्शन में भेजी गई, ताकि व्यापारिक प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।</p>
<p data-start="1759" data-end="1831">शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बदलने लगी।</p>
<h2 data-section-id="17vjbyl" data-start="1838" data-end="1874"><strong>भुगतान के बाद भी नहीं हुई डिलीवरी</strong></h2>
<p data-start="1876" data-end="2082">राशि मिलने के बाद कंपनी की ओर से डामर की आपूर्ति नहीं की गई। व्यापारी ने जब संपर्क किया तो उन्हें बार-बार यह आश्वासन दिया गया कि जल्द ही माल भेज दिया जाएगा। कई बार नई तारीखें दी गईं, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई।</p>
<p data-start="2084" data-end="2230">व्यापारी के अनुसार यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही। करीब तीन वर्षों तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा, जबकि वास्तविक माल कभी भेजा ही नहीं गया।</p>
<p data-start="2232" data-end="2315">इस दौरान व्यापारी का आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता गया और व्यवसाय पर भी असर पड़ने लगा।</p>
<h2 data-section-id="11kugkq" data-start="2322" data-end="2360"><strong>भरोसे का टूटना और धोखाधड़ी का एहसास</strong></h2>
<p data-start="2362" data-end="2547">करीब डेढ़ वर्ष पहले व्यापारी को यह संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब उन्होंने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया।</p>
<p data-start="2549" data-end="2782">इसके बाद उन्होंने सभी बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, ईमेल संवाद और अन्य दस्तावेजों को एकत्र किया और जांच-पड़ताल की। प्रारंभिक विश्लेषण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि माल की आपूर्ति न करने और रकम वापस न करने की कोई वास्तविक मंशा कंपनी की नहीं थी।</p>
<p data-start="2784" data-end="2841">इसके बाद व्यापारी ने पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया।</p>
<h2 data-section-id="1sqglya" data-start="2848" data-end="2894"><strong>निशातपुरा थाने में शिकायत और जांच की शुरुआत</strong></h2>
<p data-start="2896" data-end="3016">व्यापारी ने मामले की शिकायत निशातपुरा थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की।</p>
<p data-start="3018" data-end="3236">जांच के दौरान पुलिस ने बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, भुगतान की पुष्टि, और संबंधित कंपनी के दस्तावेजों की जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि किस प्रकार व्यापारिक अनुबंध के नाम पर भुगतान लिया गया और बाद में आपूर्ति नहीं की गई।</p>
<h2 data-section-id="1g38h1j" data-start="3243" data-end="3274"><strong>पुलिस जांच में सामने आए तथ्य</strong></h2>
<p data-start="3276" data-end="3454">प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि भुगतान के बाद भी लंबे समय तक माल की आपूर्ति नहीं की गई। कंपनी की ओर से लगातार टालमटोल की नीति अपनाई गई और व्यापारी को केवल आश्वासन दिए जाते रहे।</p>
<p data-start="3456" data-end="3629">जांच में यह भी संकेत मिला कि यह मामला केवल सामान्य व्यापारिक विवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित वित्तीय धोखाधड़ी का हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।</p>
<h2 data-section-id="12xv73i" data-start="3636" data-end="3671"><strong>तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज</strong></h2>
<p data-start="3673" data-end="3854">सभी तथ्यों की जांच के बाद निशातपुरा थाना पुलिस ने शनिवार देर रात तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया। इनमें कंपनी के तीन पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।</p>
<p data-start="3856" data-end="4028">फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों और लेन-देन की पूरी श्रृंखला की गहराई से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।</p>
<h2 data-section-id="15u0j1j" data-start="4035" data-end="4070"><strong>व्यापारिक जगत में चिंता का माहौल</strong></h2>
<p data-start="4072" data-end="4232">इस घटना के सामने आने के बाद व्यापारिक समुदाय में चिंता का माहौल है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि बड़े लेन-देन में भरोसे के साथ-साथ कानूनी सुरक्षा भी जरूरी है।</p>
<p data-start="4234" data-end="4376">विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में दस्तावेजों का उचित सत्यापन, अनुबंध की कानूनी मजबूती और भुगतान से पहले पूरी जांच आवश्यक होती है।</p>
<h2 data-section-id="x3prh0" data-start="4383" data-end="4427"><strong>ऑनलाइन लेन-देन और बढ़ते धोखाधड़ी के मामले</strong></h2>
<p data-start="4429" data-end="4584">आज के समय में अधिकांश व्यापार ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं। ऐसे में बैंक ट्रांसफर और डिजिटल भुगतान आसान तो हुए हैं, लेकिन धोखाधड़ी की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।</p>
<p data-start="4586" data-end="4710">इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या व्यापारिक विश्वास पर्याप्त है या मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता अधिक है।</p>
<h2 data-section-id="rd0354" data-start="4717" data-end="4744"><strong>पुलिस की आगे की कार्रवाई</strong></h2>
<p data-start="4746" data-end="4902">पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ की संभावना है। बैंक खातों की ट्रेसिंग और फंड मूवमेंट का विश्लेषण भी किया जा रहा है।</p>
<p data-start="4904" data-end="5065">यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह एक संगठित आर्थिक अपराध है।</p>
<h2 data-section-id="1v76e4o" data-start="5072" data-end="5117"><strong>निष्कर्ष: भरोसे के दुरुपयोग का गंभीर मामला</strong></h2>
<p data-start="5119" data-end="5351">यह पूरा मामला केवल एक व्यापारिक विवाद नहीं, बल्कि भरोसे के दुरुपयोग और संभावित सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी का उदाहरण प्रतीत होता है। व्यापारी द्वारा दिए गए 85.74 लाख रुपये की राशि और लंबे समय तक डिलीवरी न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p data-start="5353" data-end="5461">निशातपुरा थाना द्वारा दर्ज की गई एफआईआर अब इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p data-start="5463" data-end="5601" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह घटना व्यापारिक समुदाय के लिए एक चेतावनी भी है कि बड़े लेन-देन में केवल भरोसा नहीं, बल्कि कानूनी सुरक्षा और पूरी जांच-परख बेहद जरूरी है।</p>
</div>
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		<title>Indore : दोस्ती का भरोसा बना ठगी का कारण, हर्षित को ऑनलाइन और नकद पैसे देना पड़ा</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-police-warns-citizens-about-extortion/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 11:22:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[BanGanga Police]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud Case]]></category>
		<category><![CDATA[Suicide Threat]]></category>
		<category><![CDATA[आत्महत्या का डर]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[ठगी का मामला]]></category>
		<category><![CDATA[बाणगंगा पुलिस]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore में दोस्त ने पुलिस का डर दिखाकर ठगी की, लाखों रुपए और ज्वेलरी ऐंठी Indore के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आत्महत्या के ... <a title="Indore : दोस्ती का भरोसा बना ठगी का कारण, हर्षित को ऑनलाइन और नकद पैसे देना पड़ा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-police-warns-citizens-about-extortion/" aria-label="Read more about Indore : दोस्ती का भरोसा बना ठगी का कारण, हर्षित को ऑनलाइन और नकद पैसे देना पड़ा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore में दोस्त ने पुलिस का डर दिखाकर ठगी की, लाखों रुपए और ज्वेलरी ऐंठी</strong></h1>
<p>Indore के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के केस में फंसने का डर दिखाकर एक युवक ने अपने दोस्त से लाखों रुपए और कीमती जेवरात ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस ने ठगी करने वाले युवक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।</p>
<h2><strong>घटना का प्रारंभ</strong></h2>
<p>पुलिस के अनुसार, हर्षित पिता श्यामलाल कुशवाह निवासी कुशवाह श्रीनगर ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका मित्र आदित्य परिहार पैसों की तंगी में था। इस दौरान आदित्य ने अपना लैपटॉप 30,000 रुपए में गिरवी रखा, जो विनायक नामक तीसरे व्यक्ति के माध्यम से रखा गया था।</p>
<p>कुछ समय बाद दुखद घटना घटी, जब आदित्य ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हर्षित के लिए मानसिक रूप से बेहद परेशान करने वाली साबित हुई।</p>
<h3><strong>डर दिखाकर की गई ठगी</strong></h3>
<p>आदित्य की मौत के कुछ दिनों बाद, विनायक ने हर्षित से फोन पर संपर्क किया। उसने दावा किया कि आदित्य की आत्महत्या के मामले में हर्षित का नाम भी पुलिस केस में आ सकता है। विनायक ने हर्षित को डराने और पुलिस का हवाला देकर कहा कि यदि उसने पैसे और जेवरात नहीं दिए, तो उसका नाम भी इस मामले में फंसा रहेगा।</p>
<p>डर के कारण हर्षित ने विनायक को ऑनलाइन 2,30,000 रुपए और नकद 50,000 रुपए दे दिए। इसके अलावा उसने सोने और चांदी के जेवर भी सौंप दिए।</p>
<h3><strong>पुलिस ने दर्ज किया मामला</strong></h3>
<p>हर्षित की शिकायत के बाद बाणगंगा पुलिस ने विनायक के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला डर दिखाकर किसी से पैसे और जेवरात ऐंठने का स्पष्ट उदाहरण है।</p>
<p>पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह के अपराध में आरोपी को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। मामले की जांच अभी चल रही है और सभी संबंधित दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और लेन-देन के सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।</p>
<h3><strong>कानूनी दृष्टिकोण</strong></h3>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति से डर दिखाकर पैसा या संपत्ति लेना <strong>कानूनी अपराध</strong> है। भारतीय दंड संहिता (IPC) में इस तरह की ठगी को गंभीर अपराध माना जाता है।</p>
<p>विभिन्न धाराओं के तहत, ठगी करने वाले को जेल की सजा, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला युवाओं के लिए चेतावनी भी है कि दोस्तों या परिचितों के दबाव में आने से पहले कानूनी मदद लें।</p>
<h3><strong>अपराध की मनोवैज्ञानिक रणनीति</strong></h3>
<p>इस मामले में विनायक ने जिस रणनीति का इस्तेमाल किया, वह डर और मानसिक दबाव पर आधारित थी। उसने हर्षित को यह विश्वास दिलाया कि उसका नाम पुलिस केस में फंस सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे मामलों में आमतौर पर आरोपी मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को निशाना बनाते हैं और उनकी चिंता का फायदा उठाते हैं।</p>
<p>इस प्रकार की ठगी अक्सर इसलिए सफल होती है क्योंकि पीड़ित डर के कारण तुरंत पुलिस या परिवार को नहीं बताता।</p>
<h3><strong>समाज और दोस्ती में भरोसे का खतरा</strong></h3>
<p>यह मामला यह भी उजागर करता है कि कभी-कभी दोस्ती और परिचित का भरोसा भी धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।</p>
<p>हर्षित और आदित्य के बीच दोस्ती रही होगी, लेकिन विनायक ने इस भरोसे का फायदा उठाया। यह स्थिति समाज में युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।</p>
<p>ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि हर्षित ने तुरंत पुलिस से संपर्क न किया होता, तो यह ठगी और बड़ी हो सकती थी।</p>
<h3><strong>पुलिस की चेतावनी और सुझाव</strong></h3>
<p>बाणगंगा पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के दबाव में आने पर तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि डर दिखाकर किसी से संपत्ति या पैसा ऐंठना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराना और कानूनी मदद लेना आवश्यक है।</p>
<p>पुलिस ने यह भी सुझाव दिया कि कभी भी फोन या संदेश के जरिए डराने वाले व्यक्ति को अकेले जवाब न दें और सभी संवाद का रिकॉर्ड रखें।</p>
<h3><strong>डिजिटल लेन-देन और सावधानी</strong></h3>
<p>आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन पैसे और बैंक ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसी का फायदा अपराधी भी उठाते हैं।</p>
<p>इस मामले में हर्षित ने विनायक को ऑनलाइन 2,30,000 रुपए भेजे। ऐसे मामलों में हमेशा बैंक से संबंधित मदद, लेन-देन का रिकॉर्ड और पुलिस को सूचना देना जरूरी है।</p>
<p>विशेषज्ञ कहते हैं कि डिजिटल माध्यम से हुई ठगी में सबूत आसानी से संग्रहीत किए जा सकते हैं, जिससे आरोपी को पकड़ना आसान होता है।</p>
<h3><strong>समाज में जागरूकता की जरूरत</strong></h3>
<p>इंदौर में हुई यह घटना समाज में जागरूकता की आवश्यकता को स्पष्ट करती है। युवाओं और परिवारों को बताया जाना चाहिए कि किसी भी दोस्त या परिचित के दबाव में आने पर तुरंत कानूनी सहायता लें।</p>
<p>साथ ही, डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन फाइनेंस में सतर्क रहने की आवश्यकता है।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>इंदौर का यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि दोस्ती या परिचित का भरोसा भी धोखाधड़ी का कारण बन सकता है। डर और मानसिक दबाव के जरिए की गई ठगी गंभीर अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया ही पीड़ितों को न्याय दिला सकती है। ऐसे मामलों में सतर्कता, जागरूकता और कानूनी सहायता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।</p>
<p>हर्षित और आदित्य का मामला समाज को यह संदेश देता है कि किसी भी दबाव में आने से पहले सुरक्षित मार्ग चुनना और कानून का सहारा लेना जरूरी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>DSP कल्पना वर्मा केस में नया मोड़: दीपक टंडन पर कोरबा कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट</title>
		<link>https://swarajvani.com/dsp-kalpana-verma/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 10:00:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Chhattisgarh News]]></category>
		<category><![CDATA[ChhattisgarhNews]]></category>
		<category><![CDATA[Arrest Warrant]]></category>
		<category><![CDATA[Chhattisgarh]]></category>
		<category><![CDATA[Deepak Tandon]]></category>
		<category><![CDATA[DSP Kalpana Verma]]></category>
		<category><![CDATA[Financial Fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Fraud Case]]></category>
		<category><![CDATA[Korba Court]]></category>
		<category><![CDATA[Viral Chats]]></category>
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					<description><![CDATA[DSP कल्पना वर्मा केस में नया मोड़: दीपक टंडन पर कोरबा कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट छत्तीसगढ़ में DSP कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद ने एक बार फिर सुर्खियां ... <a title="DSP कल्पना वर्मा केस में नया मोड़: दीपक टंडन पर कोरबा कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/dsp-kalpana-verma/" aria-label="Read more about DSP कल्पना वर्मा केस में नया मोड़: दीपक टंडन पर कोरबा कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="0" data-end="94"><strong data-start="0" data-end="92">DSP कल्पना वर्मा केस में नया मोड़: दीपक टंडन पर कोरबा कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट</strong></p>
<p data-start="0" data-end="94"><strong>छत्तीसगढ़</strong> में DSP कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। कोरबा कोर्ट ने कारोबारी दीपक टंडन उर्फ अंबेडकर टंडन के खिलाफ 28 लाख रुपये के कथित फ्रॉड मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कटघोरा (JMFC Katghora) की कु. रंजू वैष्णव ने वारंट जारी करते हुए आरोपी को 12 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है।</p>
<p data-start="467" data-end="895"><strong data-start="467" data-end="504">28 लाख की आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप</strong><br data-start="504" data-end="507" />मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपक टंडन पर 28 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप है। यही वही कारोबारी हैं जिन्होंने हाल ही में DSP कल्पना वर्मा पर 2 करोड़ रुपये, महंगे हीरे-सोने के गिफ्ट और प्यार में विश्वास जताकर ठगी करने जैसे आरोप लगाए थे। इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। वायरल हुई WhatsApp चैट्स और कथित वीडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।</p>
<p data-start="467" data-end="895"><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-296075 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/दो-साल-पूर्ण-सीएम-मोहन-यादव-आज-देंगे-सरकार-का-लेखा-जोखा-5-300x169.jpg" alt="दो साल पूर्ण सीएम मोहन यादव आज देंगे सरकार का लेखा जोखा 5" width="479" height="270" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/दो-साल-पूर्ण-सीएम-मोहन-यादव-आज-देंगे-सरकार-का-लेखा-जोखा-5-300x169.jpg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/दो-साल-पूर्ण-सीएम-मोहन-यादव-आज-देंगे-सरकार-का-लेखा-जोखा-5-1024x576.jpg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/दो-साल-पूर्ण-सीएम-मोहन-यादव-आज-देंगे-सरकार-का-लेखा-जोखा-5-768x432.jpg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/दो-साल-पूर्ण-सीएम-मोहन-यादव-आज-देंगे-सरकार-का-लेखा-जोखा-5.jpg 1280w" sizes="(max-width: 479px) 100vw, 479px" /></p>
<p data-start="897" data-end="1152"><strong data-start="897" data-end="925">कथित चैट और वीडियो वायरल</strong><br data-start="925" data-end="928" />दीपक टंडन ने कई मीडिया संस्थानों को WhatsApp चैट्स, फोटो और वीडियो भेजे हैं, जिनमें कथित रूप से DSP कल्पना वर्मा शामिल हैं। वायरल वीडियो में दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर बहस दिखाई गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।</p>
<p data-start="1154" data-end="1642"><strong data-start="1154" data-end="1182">DSP कल्पना वर्मा का बयान</strong><br data-start="1182" data-end="1185" />DSP कल्पना वर्मा ने इस पूरे मामले पर स्पष्ट किया कि विवाद उनके पिता हेमंत वर्मा और दीपक टंडन के बीच चल रहे व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि दीपक टंडन ने अपनी पत्नी बरखा टंडन का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया और मामला कोर्ट तक पहुंचा। DSP ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए जानबूझकर उनका नाम विवाद में जोड़ा जा रहा है और उनकी छवि को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मीडिया में वायरल हो रही चैट्स और फोटो को भ्रामक बताया।</p>
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		<title>जानिए क्यों इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मागि माफ़ी ?</title>
		<link>https://swarajvani.com/benjamin-netanyahu-pardon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Dec 2025 07:59:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[international news]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में चल रहे पांच साल के भ्रष्टाचार ट्रायल को समाप्त करने के लिए उन्होंने राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से माफी ... <a title="जानिए क्यों इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मागि माफ़ी ?" class="read-more" href="https://swarajvani.com/benjamin-netanyahu-pardon/" aria-label="Read more about जानिए क्यों इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मागि माफ़ी ?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="214" data-end="577"><strong>इज़राइल</strong> के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में चल रहे पांच साल के भ्रष्टाचार ट्रायल को समाप्त करने के लिए उन्होंने राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से माफी देने का अनुरोध किया है। नेतन्याहू का कहना है कि ऐसा करना ‘राष्ट्र के हित’ में होगा। यह कदम बेहद दुर्लभ माना जा रहा है, क्योंकि इज़राइल में दोष स्वीकार किए बिना माफी नहीं दी जाती।</p>
<p data-start="579" data-end="845">राष्ट्रपति हर्जोग के कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री के वकील की ओर से 111 पन्नों का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे न्याय मंत्रालय के क्षमादान विभाग और राष्ट्रपति के कानूनी सलाहकार समीक्षा करेंगे। राष्ट्रपति सभी राय मिलने के बाद जिम्मेदारी और ईमानदारी से फैसला लेंगे।<img decoding="async" class="size-medium wp-image-293758 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/1764507559970_benjamin_netanyahu_pardon-300x169.webp" alt="1764507559970 benjamin netanyahu pardon" width="300" height="169" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/1764507559970_benjamin_netanyahu_pardon-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/1764507559970_benjamin_netanyahu_pardon-1024x576.webp 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/1764507559970_benjamin_netanyahu_pardon-768x432.webp 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/1764507559970_benjamin_netanyahu_pardon.webp 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p data-start="847" data-end="1105">नेतन्याहू ने अपने टीवी बयान में कहा कि व्यक्तिगत रूप से वह अदालत में बेगुनाही साबित करना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय एकता और देश की स्थिरता के लिए ट्रायल समाप्त होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ट्रायल “हमारे समाज में दरारें गहरा रहा है और तनाव बढ़ा रहा है।”</p>
<p data-start="1107" data-end="1303">उनके वकीलों के अनुसार, आरोपों के सबूत अदालत में पेश किए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और राष्ट्रीय हित इसे रोकने की मांग करते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि इससे तनाव कम होगा और समाज में मेल-मिलाप बढ़ेगा।</p>
<p data-start="1305" data-end="1608">विशेषज्ञों का कहना है कि बिना दोष स्वीकार किए माफी देना नेतन्याहू के लिए संवैधानिक और राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है। अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना पड़ सकता है। इज़राइल में 40 साल पहले केवल एक ही मामले में आरोप तय होने से पहले माफी दी गई थी, जिसमें खुफिया अधिकारियों ने अपना दोष स्वीकार कर लिया था।</p>
<p data-start="1305" data-end="1608"><img decoding="async" class="size-medium wp-image-293759 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/Benjamin-Netanyahu-ISRAEL-HAMAS-WAR-300x169.webp" alt="Benjamin Netanyahu ISRAEL HAMAS WAR" width="300" height="169" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/Benjamin-Netanyahu-ISRAEL-HAMAS-WAR-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/Benjamin-Netanyahu-ISRAEL-HAMAS-WAR.webp 440w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p data-start="1610" data-end="1905">वहीं विपक्ष ने इस कदम का विरोध किया है। Yesh Atid पार्टी के नेता यायर लैपिड ने कहा कि दोष स्वीकार किए बिना और राजनीति छोड़े बिना नेतन्याहू को माफी नहीं दी जा सकती। डेमोक्रेट्स पार्टी के नेता यायर गोलन ने कहा कि केवल दोषी ही माफी मांगते हैं, और नेतन्याहू को जिम्मेदारी लेकर राजनीति छोड़नी होगी।</p>
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