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	<title>Former Prime Minister &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Former Prime Minister &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>बम्होरी में युवा कांग्रेस ने मनाई डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती</title>
		<link>https://swarajvani.com/bamori-youth-congress-manmohan-singh-birth-anniversary/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Swaraj Vani Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Sep 2026 06:44:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बम्होरी में युवा कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में योगदान को याद ... <a title="बम्होरी में युवा कांग्रेस ने मनाई डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bamori-youth-congress-manmohan-singh-birth-anniversary/" aria-label="Read more about बम्होरी में युवा कांग्रेस ने मनाई डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बम्होरी में युवा कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में योगदान को याद किया।</p>
<h1 data-pm-slice="1 1 []"><strong>बम्होरी में युवा कांग्रेस ने मनाई पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती</strong></h1>
<h3><strong>चित्र पर माल्यार्पण कर किया नमन, राष्ट्र निर्माण और आर्थिक विकास में योगदान को किया याद</strong></h3>
<p><strong>बम्होरी।</strong> भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री <strong>डॉ. मनमोहन सिंह</strong> की जयंती के अवसर पर बम्होरी में युवा कांग्रेस द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनके व्यक्तित्व, सार्वजनिक जीवन और देश के विकास में दिए गए योगदान को याद करते हुए श्रद्धापूर्वक नमन किया।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन, सादगी, अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अनुभव तथा सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।</p>
<p><a href="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-361255" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1.jpeg" alt="whatsapp image 2026 09 27 at 12.10.25 pm 1" width="1600" height="1200" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1.jpeg 1600w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/whatsapp-image-2026-09-27-at-12.10.25-pm-1-1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<p><strong>सिलवानी विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ पटेल</strong> ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने ज्ञान, सादगी और समर्पण के साथ देश की सेवा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण और भारत के आर्थिक विकास में डॉ. सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।</p>
<p>विश्वनाथ पटेल ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का सादगीपूर्ण जीवन, शांत स्वभाव और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सार्वजनिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व और उनके विचारों को याद किया। साथ ही उनके बताए आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए समाज और देशहित में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान भी किया।</p>
<p>इस अवसर पर <strong>विश्वनाथ पटेल, अंकित गौर, अनिल गौर, नवीन लोधी, नरेंद्र पटेल, अतिव मंसूरी और गौरव लोधी</strong> सहित युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>India -Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा</title>
		<link>https://swarajvani.com/s-jaishankars-bangladesh-visit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 06:18:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bangladesh]]></category>
		<category><![CDATA[BNP]]></category>
		<category><![CDATA[Former Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[India-Bangladesh Relations]]></category>
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					<description><![CDATA[India-Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar बुधवार को बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे का ... <a title="India -Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/s-jaishankars-bangladesh-visit/" aria-label="Read more about India -Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-start="64" data-end="146"><strong data-start="64" data-end="144">India-Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा</strong></h1>
<p>भारत के विदेश मंत्री<strong> S. Jaishankar</strong> बुधवार को बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य <strong>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया</strong> के अंतिम संस्कार में शामिल होना है। खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर ने पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ा दी है। देशभर में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।</p>
<h3><strong>अंतिम संस्कार और राजकीय शोक</strong></h3>
<p>बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार <strong>बुधवार</strong> को किया जाएगा। उन्हें उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति <strong>जियाउर रहमान</strong> की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन का <strong>राजकीय शोक</strong> घोषित किया है। अंतिम संस्कार के दिन पूरे देश में <strong>सार्वजनिक अवकाश</strong> रहेगा।</p>
<p>बेगम खालिदा जिया लंबे समय तक बीएनपी की प्रमुख रही हैं और तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में उन्होंने कई सुधारात्मक और सामाजिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया। उनके निधन से बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर गहरा शोक है।</p>
<h3><strong>प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक</strong></h3>
<p>भारत के प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> ने बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उनके योगदान को यादगार बताया और कहा कि उन्होंने <strong>बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई</strong>। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री से 2015 में हुई अपनी मुलाकात याद है और उनकी सोच एवं विरासत दोनों देशों की साझेदारी को आगे दिशा देती रहेगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत बांग्लादेश की जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने खालिदा जिया के राजनीतिक करियर और उनके द्वारा निभाई गई सामाजिक और आर्थिक पहलों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उनके साहस और देश के लिए समर्पण को याद किया।</p>
<h3><strong>अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का संबोधन</strong></h3>
<p>बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार <strong>मोहम्मद यूनुस</strong> ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस समय गहरे दुख में है। उन्होंने जनता से अपील की कि शोक की इस अवधि में <strong>धैर्य बनाए रखें</strong> और नमाज़-ए-जनाजा सहित सभी धार्मिक और आधिकारिक कार्यक्रमों को <strong>शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें</strong>।</p>
<p>यूनुस ने कहा कि खालिदा जिया ने देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका को मजबूती दी और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस कठिन समय में एकजुट रहें और उनके निधन का सम्मान करें।</p>
<h4 data-start="64" data-end="146"><strong data-start="64" data-end="144">India</strong><strong>-Bangladesh संबंधों में यह दौरा महत्वपूर्ण</strong></h4>
<p>S. Jaishankar का यह दौरा <strong>भारत-Bangladesh संबंधों</strong> में चल रहे तनाव के बीच विशेष महत्व रखता है। दोनों देशों के बीच कई राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों पर असहमति रही है। ऐसे समय में भारत के विदेश मंत्री का व्यक्तिगत रूप से खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होना <strong>दोनों देशों के बीच सम्मान और सहयोग का संदेश</strong> माना जा रहा है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर के दौरे का उद्देश्य केवल शोक व्यक्त करना ही नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच <strong>संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाए रखने का संकेत</strong> भी देना है। इसके अलावा यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक संकेत है।</p>
<h3><strong>बेगम खालिदा जिया का राजनीतिक और सामाजिक योगदान</strong></h3>
<p>बेगम खालिदा जिया बीएनपी की अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक बांग्लादेश की राजनीति में प्रभावशाली रही हैं। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में उन्होंने <strong>देश की आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा परियोजनाओं</strong> को आगे बढ़ाया।</p>
<p>उनके योगदान में प्रमुख रूप से <strong>महिलाओं के सशक्तिकरण</strong>, <strong>शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार</strong> और <strong>देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करना</strong> शामिल रहा। खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।</p>
<h3><strong>अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p>उनके निधन पर कई देशों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। भारत के अलावा अन्य दक्षिण एशियाई देशों ने भी खालिदा जिया के योगदान को याद किया और उनके परिवार तथा बांग्लादेश की जनता के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि वे लंबे समय तक विपक्ष की मजबूत आवाज रही हैं। बीएनपी और अन्य राजनीतिक दल उनके विचारों और राजनीतिक दर्शन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।</p>
<h3><strong>खालिदा जिया की विरासत</strong></h3>
<p>खालिदा जिया की विरासत केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण रही है। उनके प्रयासों ने महिलाओं की भागीदारी, शिक्षा के विस्तार और देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत किया। उनके निधन से बांग्लादेश को एक प्रभावशाली नेता खोना पड़ा, जिन्होंने अपने कार्यकाल में देश की नीतियों और सुधारों को दिशा दी।</p>
<p>उनकी सोच और कार्यशैली आज भी युवा नेताओं और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। बीएनपी और उनके समर्थक उनकी नीतियों और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।</p>
<h3><strong>निष्कर्ष</strong></h3>
<p>Bangladesh की पूर्व प्रधानमंत्री <strong>बेगम खालिदा जिया</strong> का निधन न केवल उनके परिवार और पार्टी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए शोक का विषय है। भारत के विदेश मंत्री <strong>एस. जयशंकर</strong> का उनका अंतिम संस्कार में शामिल होना <strong>दोनों देशों के बीच सम्मान और कूटनीतिक संवाद को बनाए रखने का संकेत</strong> है।</p>
<p>राजकीय शोक, सार्वजनिक अवकाश और पूरे देश में शोक की लहर यह दर्शाते हैं कि बेगम खालिदा जिया का राजनीतिक और सामाजिक योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनकी विरासत और योगदान दोनों देशों के संबंधों में एक सकारात्मक संदेश के रूप में जीवित रहेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bangladesh की राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व पीएम Khaleda Zia’s का निधन</title>
		<link>https://swarajvani.com/bangladesh-mourns-former-pm-khaleda-zias-dies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 07:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bangladesh]]></category>
		<category><![CDATA[Bangladesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Bangladesh Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Former Prime Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Khaleda Zia]]></category>
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					<description><![CDATA[Bangladeshकी राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन ढाका/नई दिल्ली: Bangladesh की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की दिग्गज नेता बेगम Khaleda Zia’s का निधन ... <a title="Bangladesh की राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व पीएम Khaleda Zia’s का निधन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/bangladesh-mourns-former-pm-khaleda-zias-dies/" aria-label="Read more about Bangladesh की राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व पीएम Khaleda Zia’s का निधन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Bangladeshकी राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन</strong></h1>
<p><strong>ढाका/नई दिल्ली:</strong> Bangladesh की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की दिग्गज नेता <strong>बेगम Khaleda Zia’s</strong> का निधन देश और दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है। 80 वर्षीय खालिदा जिया ने मंगलवार सुबह लगभग 6 बजे ढाका के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मौत ने पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ा दी है और राजनीतिक हलकों में गहरा दुख फैल गया है।</p>
<p>खालिदा जिया पिछले कई सालों से <strong>लिवर सिरोसिस, किडनी फेलियर, हृदय संबंधी बीमारियां, डायबिटीज और गठिया</strong> जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। पिछले 20 दिनों से वे वेंटिलेटर पर थीं और डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए थे। उनके निधन से उनके समर्थक, परिवार और राजनीतिक साथी बेहद दुखी हैं।</p>
<h2><strong>वेंटिलेटर पर रहते हुए भी दाखिल किया चुनावी नामांकन</strong></h2>
<p>Khaleda Zia’s की राजनीतिक प्रतिबद्धता अद्भुत रही। उनके निधन से एक दिन पहले, <strong>29 दिसंबर</strong> को उन्होंने बोगुरा-7 सीट से अपना चुनावी नामांकन दाखिल किया। उस समय उनकी हालत बेहद नाजुक थी, लेकिन पार्टी और समर्थकों ने उनकी राजनीतिक विरासत और लोकप्रियता को देखते हुए यह कदम उठाया।</p>
<p><strong>बोगुरा-7 वही सीट है</strong> जहां उनके पति और BNP के संस्थापक जियाउर रहमान का पैतृक घर है। Khaleda Zia’s ने इसी सीट से तीन बार (1991, 1996 और 2001) चुनाव जीतकर पार्टी और जनता की सेवा की। इस चुनावी कदम ने यह साबित किया कि उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनता के प्रति जिम्मेदारी किसी भी स्वास्थ्य चुनौती से कमजोर नहीं हुई।</p>
<h3><strong>संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन</strong></h3>
<p>Khaleda Zia’s का जन्म 1945 में <strong>अविभाजित भारत के जलपाईगुड़ी (अब पश्चिम बंगाल, भारत)</strong> में हुआ। परिवार में उन्हें प्यार से &#8216;पुतुल&#8217; कहा जाता था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिनाजपुर में हुई और 1960 में उन्होंने सेना के अधिकारी <strong>जियाउर रहमान</strong> से विवाह किया। जियाउर रहमान बाद में बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने।</p>
<p>1981 में जियाउर रहमान की हत्या के बाद खालिदा जिया ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने पार्टी को संभाला और तानाशाही के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। <strong>1991 में वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री</strong> बनीं और मुस्लिम दुनिया में महिलाओं के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि मानी गई।</p>
<p>उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल (1991-1996 और 2001-2006) के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक और आर्थिक सुधार लागू किए गए।</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-299410 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/66b103ec505df-khaleda-zia-055448844-16x9-1-300x169.webp" alt="Bangladesh की राजनीति में अपूरणीय क्षति: पूर्व पीएम Khaleda Zia’s का निधन" width="383" height="216" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/66b103ec505df-khaleda-zia-055448844-16x9-1-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/66b103ec505df-khaleda-zia-055448844-16x9-1-768x432.webp 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/66b103ec505df-khaleda-zia-055448844-16x9-1.webp 948w" sizes="(max-width: 383px) 100vw, 383px" /></p>
<h4><strong>स्वास्थ्य चुनौतियां और पारिवारिक संघर्ष</strong></h4>
<p>Khaleda Zia’s ने कई वर्षों तक गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया। उन्हें <strong>लिवर सिरोसिस, किडनी फेलियर, डायबिटीज, गठिया और सीने में संक्रमण</strong> जैसी कई समस्याएं थीं।</p>
<p>उनके पति <strong>जियाउर रहमान</strong> का 1981 में निधन हो गया था, जबकि छोटे बेटे <strong>अराफात रहमान</strong> 2015 में दुनिया छोड़ गए। बड़े बेटे <strong>तारिक रहमान</strong>, जो लंबे समय से लंदन में निर्वासन में थे, उन्होंने दिसंबर 2025 में ढाका लौटकर अपनी मां के अंतिम समय में उनका साथ दिया।</p>
<p>भले ही भ्रष्टाचार के आरोप और जेल की सजा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक प्रभाव कभी कम नहीं हुए। उनका साहस और दृढ़ नेतृत्व उन्हें समर्थकों के बीच आज भी आदर्श बनाता है।</p>
<h5><strong>वैश्विक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि</strong></h5>
<p>Khaleda Zia’s   के निधन पर दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया:</p>
<ul>
<li><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (भारत):</strong> मोदी ने उन्हें ऐतिहासिक नेता बताया और 2015 में ढाका की मुलाकात का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारत इस दुख की घड़ी में बांग्लादेश के साथ खड़ा है।</li>
<li><strong>मोहम्मद यूनुस (अंतरिम प्रमुख, बांग्लादेश):</strong> उन्होंने कहा कि देश ने लोकतांत्रिक आंदोलन का एक बड़ा प्रतीक खो दिया। जिया सिर्फ नेता नहीं, बल्कि संघर्ष की मार्गदर्शक थीं।</li>
<li><strong>शहबाज शरीफ (प्रधानमंत्री, पाकिस्तान):</strong> उन्होंने खालिदा जिया को पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वाली नेता बताया और उनके योगदान की सराहना की।</li>
</ul>
<h6><strong>अंतिम विदाई और राजनीतिक विरासत</strong></h6>
<p>Khaleda Zia’s का जाना बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। वे दो बार प्रधानमंत्री रहीं और उनके कार्यकाल में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को विशेष रूप से बढ़ावा मिला।</p>
<p>उनकी लोकप्रियता और उनके समर्थकों की श्रद्धा का प्रतीक यह है कि उनके निधन के बाद बांग्लादेश सरकार ने <strong>राजकीय शोक</strong> की घोषणा की। समर्थक मानते हैं कि भले ही वे शारीरिक रूप से अब नहीं हैं, लेकिन &#8216;पुतुल&#8217; की राजनीतिक सोच और लोकतंत्र के लिए उनका संघर्ष हमेशा जीवित रहेगा।</p>
<p>Khaleda Zia’s की जीवनगाथा बांग्लादेश और दक्षिण एशिया के इतिहास में <strong>प्रेरणादायक उदाहरण</strong> के रूप में हमेशा याद रखी जाएगी। उनका साहस, दृढ़ संकल्प और जनता के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगी।</p>
<p>उनकी राजनीतिक और सामाजिक योगदान की विरासत यह संदेश देती है कि लोकतंत्र और महिला सशक्तिकरण के लिए संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता। उनके जीवन और कार्यों ने बांग्लादेश की राजनीति को न केवल आकार दिया, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूत किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PTI समर्थकों ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सरकार के खिलाफ नारे लगाए</title>
		<link>https://swarajvani.com/pti-supporters/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 12:17:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पाकिस्तान इस्लामाबाद : हाईकोर्ट और रावलपिंडी में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों, सांसदों और नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ... <a title="PTI समर्थकों ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सरकार के खिलाफ नारे लगाए" class="read-more" href="https://swarajvani.com/pti-supporters/" aria-label="Read more about PTI समर्थकों ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सरकार के खिलाफ नारे लगाए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पाकिस्तान इस्लामाबाद :</strong> हाईकोर्ट और रावलपिंडी में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों, सांसदों और नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अदियाला जेल के बाहर भी इमरान के समर्थकों की भीड़ जमा रही और सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।</p>
<p>पाकिस्तान में 4 नवंबर के बाद से इमरान खान से उनके परिवार या वकीलों की कोई मुलाकात नहीं हुई है। इस वजह से उनके स्वास्थ्य और सही सलामती को लेकर कयास और चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक इमरान की बहनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं मिलेगी, वे जेल और कोर्ट के बाहर डटे रहेंगे।</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-294078 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/692ec6a09ba8c-supporters-of-ex-pakistan-prime-minister-imran-khan-chant-slogans-during-a-protest-reuters-photo-025938970-16x9-1-300x169.webp" alt="692ec6a09ba8c supporters of ex pakistan prime minister imran khan chant slogans during a protest reuters photo 025938970 16x9 1" width="454" height="256" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/692ec6a09ba8c-supporters-of-ex-pakistan-prime-minister-imran-khan-chant-slogans-during-a-protest-reuters-photo-025938970-16x9-1-300x169.webp 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/692ec6a09ba8c-supporters-of-ex-pakistan-prime-minister-imran-khan-chant-slogans-during-a-protest-reuters-photo-025938970-16x9-1-768x432.webp 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2025/12/692ec6a09ba8c-supporters-of-ex-pakistan-prime-minister-imran-khan-chant-slogans-during-a-protest-reuters-photo-025938970-16x9-1.webp 948w" sizes="(max-width: 454px) 100vw, 454px" /></p>
<p>स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन के बाद इमरान की एक बहन को उनसे मिलने की अनुमति मिल गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों पर कुछ हद तक विराम लग सकता है।</p>
<p>अदियाला जेल के बाहर इमरान की तीनों बहनें— अलीमा खान, नूरीन खान और आजमी खान—भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनके बेटे ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि उनके पिता के साथ शायद कुछ ऐसा हुआ है, जिसे बदला नहीं जा सकता, और इसी वजह से सरकार किसी को उनसे मिलने नहीं दे रही।</p>
<p>साथ ही खबर है कि खैबर पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी की सरकार को बर्खास्त कर राज्यपाल शासन लागू किए जाने की संभावना भी चर्चा में है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी इमरान की रिहाई के लिए प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।</p>
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