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India -Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा

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Published On: 31 December 2025
S. Jaishankar’s Bangladesh Visit Highlights India’s Diplomatic Outreach
— S. Jaishankar’s Bangladesh Visit Highlights India’s Diplomatic Outreach

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India-Bangladesh संबंधों में तनाव के बीच S. Jaishankar करेंगे बांग्लादेश का दौरा

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar बुधवार को बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होना है। खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर ने पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ा दी है। देशभर में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।

अंतिम संस्कार और राजकीय शोक

बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। उन्हें उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके निधन पर बांग्लादेश सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अंतिम संस्कार के दिन पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

बेगम खालिदा जिया लंबे समय तक बीएनपी की प्रमुख रही हैं और तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में उन्होंने कई सुधारात्मक और सामाजिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया। उनके निधन से बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर गहरा शोक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उनके योगदान को यादगार बताया और कहा कि उन्होंने बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री से 2015 में हुई अपनी मुलाकात याद है और उनकी सोच एवं विरासत दोनों देशों की साझेदारी को आगे दिशा देती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत बांग्लादेश की जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने खालिदा जिया के राजनीतिक करियर और उनके द्वारा निभाई गई सामाजिक और आर्थिक पहलों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उनके साहस और देश के लिए समर्पण को याद किया।

अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का संबोधन

बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस समय गहरे दुख में है। उन्होंने जनता से अपील की कि शोक की इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और नमाज़-ए-जनाजा सहित सभी धार्मिक और आधिकारिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।

यूनुस ने कहा कि खालिदा जिया ने देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका को मजबूती दी और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस कठिन समय में एकजुट रहें और उनके निधन का सम्मान करें।

India-Bangladesh संबंधों में यह दौरा महत्वपूर्ण

S. Jaishankar का यह दौरा भारत-Bangladesh संबंधों में चल रहे तनाव के बीच विशेष महत्व रखता है। दोनों देशों के बीच कई राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों पर असहमति रही है। ऐसे समय में भारत के विदेश मंत्री का व्यक्तिगत रूप से खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होना दोनों देशों के बीच सम्मान और सहयोग का संदेश माना जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर के दौरे का उद्देश्य केवल शोक व्यक्त करना ही नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाए रखने का संकेत भी देना है। इसके अलावा यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक संकेत है।

बेगम खालिदा जिया का राजनीतिक और सामाजिक योगदान

बेगम खालिदा जिया बीएनपी की अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक बांग्लादेश की राजनीति में प्रभावशाली रही हैं। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में उन्होंने देश की आर्थिक, सामाजिक और शिक्षा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया।

उनके योगदान में प्रमुख रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को मजबूत करना शामिल रहा। खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

उनके निधन पर कई देशों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। भारत के अलावा अन्य दक्षिण एशियाई देशों ने भी खालिदा जिया के योगदान को याद किया और उनके परिवार तथा बांग्लादेश की जनता के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनके निधन से बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि वे लंबे समय तक विपक्ष की मजबूत आवाज रही हैं। बीएनपी और अन्य राजनीतिक दल उनके विचारों और राजनीतिक दर्शन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

खालिदा जिया की विरासत

खालिदा जिया की विरासत केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण रही है। उनके प्रयासों ने महिलाओं की भागीदारी, शिक्षा के विस्तार और देश की अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत किया। उनके निधन से बांग्लादेश को एक प्रभावशाली नेता खोना पड़ा, जिन्होंने अपने कार्यकाल में देश की नीतियों और सुधारों को दिशा दी।

उनकी सोच और कार्यशैली आज भी युवा नेताओं और छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। बीएनपी और उनके समर्थक उनकी नीतियों और विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

निष्कर्ष

Bangladesh की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन न केवल उनके परिवार और पार्टी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए शोक का विषय है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का उनका अंतिम संस्कार में शामिल होना दोनों देशों के बीच सम्मान और कूटनीतिक संवाद को बनाए रखने का संकेत है।

राजकीय शोक, सार्वजनिक अवकाश और पूरे देश में शोक की लहर यह दर्शाते हैं कि बेगम खालिदा जिया का राजनीतिक और सामाजिक योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनकी विरासत और योगदान दोनों देशों के संबंधों में एक सकारात्मक संदेश के रूप में जीवित रहेंगे।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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